Sunday, 6 May 2018

Aloevera ke gun, fayede, tatha upyog

एलोवेरा के परिचय:

हमारे ग्रंथो मे एलोवेरा के पेड़ के गुण, फायदे तथा उपयोग का विशेष उल्लेख मिलता है। स्थान व जलवायु के कारण  अनेक प्रजातिया पायी जाती हैं । और इनका प्रयोग अनेक रोगों मे किया जाता है । इसका वैज्ञानिक नाम aloe barbadensis है । इसका अंग्रेजी मे aloe vera तथा हिन्दी मे : धृतकुमारी, गुजराती : कुंवार, तेलगु : कलबंद, नेपाली : घ्यू कुमारी, मराठी : कोर फड़ व फारसी मे दरखते सीब्र कहते है । एलोवेरा के पत्ते को काटने पर हल्के पीले रंग का एक श्लेष्मक पदार्थ निकलता  है, जिसे कुमारीसर कहते है । ये 30 - 60 सेमी ऊंचा, मांसल, शकिये पौधा होता है, इसकी जड़ के ऊपर चारो तरफ मोटे मांसल पत्ते निकलते है।एलोवेरा के पत्ते गुदे से भरे होते है । पत्ते के किनारो पर छोटे छोटे कांटे होते है ।     

एलोवेरा
Alovera ka ped
                                                                                                                                   
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रसायनिक संगठन(Aloe vera ke rasayanik sangthan :


                                                            


एलोवेरा के पौधे मे अलोएसोंन, अलोईन, अलोसिंन पाया जाता है । इसकी पत्तियो मे साइट्रिक एसिड टार्टरिक एसिड, मेलिक एसिड, गुलक्योंरिक एसिड, बरबोलिंन मुयुसिलेज, गुलुकोस,  galactos  आदि तत्व पाये जाते है ।





एलोवेरा के गुण(Aloevera ke gun):



एलोवेरा भारी, कड़वा, शीतल होता है । ये दस्तावर, आँखों के लिए लाभदायक, मधुर, वीर्यवर्धक होता है। यह वात  पित, कफ ज्वर, लीवर, खून सम्बंन्धित विकार व त्वचा रोगों मे उपयोगी है । Alovera juice के फायदे भी बहुत से हैं  एलोवेरा के अपने गुण के कारण इससे बहुत से रोगों के इलाज मे उपयोग किया जाता है । जैसे- पेट की गांठ, पेट मे जलन, आँख का लाल होना, आंंख मे दर्द कानो मे दर्द, लीवर मे कमजोरी, आदि रोग मे उपयोग किया जाता है। इसकेे अलावा मुुत्र मे जलन, मधुुुमेेेह, मांनसिक कमजोरी, गठिया, त्वचा रोग, नासूूूर, बुखार  मे भी किया जााता है। एलोवेरा के उपयोग (Aloevera ke upyog) निम्न प्रकार हैं ।         


1. नेत्र रोग में एलोवेरा के फायदे(aloe vera ke fayde)





1.1 . एलोवेरा का गूदा निकाल कर आंखों मे लगाने से लाली मिटती है। आंखों की गर्मी दूर हीति है तथा इससे वायरल भी दूर होता है


1.२ . इसके गूदा में हल्दी डाल कर थोड़ा गर्म कर बंधने से नेत्र की पीड़ा मिटती है।


2.कानो में दर्द में एलोवेरा के उपयोग (Aloe vera ke upyog):






एलोवेरा के जूस को जिस कान मे दर्द है, उसके दूसरी तरफ के कान मे दो बूंद डालने पर शूल मिटता है । Alovera juice ke Fayde बहुत से हैं ।



3. कान के कीड़े दूर करने में एलोवेरा के फायदे (Aloe vera ke fayde):






गर्मी के कारण कान मे कीड़े पड़ जाते है, इसके लिए एलोवेरा को पानी मे पीस कर कान मे दो-दो बूंद डालने से कान के कीड़े मरते है।




4. पेट दर्द में लाभ करता है एलोवेरा(Alovera ke labh):





कुमारी की जड़ 10 से 20 ग्राम जड़ को कुचल कर उबाल कर छान कर उस पर भुनी हुई हींग छिडक कर मरीज को देने से पेट का दर्द मिटता है।


5. पेट की गांठ में एलोवेरा के फायदे (Aloe vera ke fayde):






इसके गुदे को पेट पर बांधने से पेट की गांठ बैठ जाती है व पेट मुलायम हो जाता है तथा पेट मे जमा मल बाहर निकाल जाता है


6.मासिक धर्म का उपचार(Aloe vera se upchar):




धृतकुमारी के 10 ग्राम गूदा पर 500 मिली ग्राम पलाश की छाल बुरक कर दिन मे दो बार सेवन करने पर मासिक धर्म ठीक हो जाता है।



अलोवर
एलोवेरा का पौधा


7. मूत्र संक्रमण में एलोवेरा के उपयोग (Aloe vera ke upyog):




एलोवेरा के ताजे 5 से 10 ग्राम गूदा मे शक्कर मिलाकर खाने से मूत्र संक्रमण मिटता है तथा दाह शांत होती है।


8. मधुमेह में फायदा करता है एलोवेरा(Aloe vera ke fayde):




घीक्वार का 5 ग्राम गुदा 300 ग्राम कुमारी सत्व के साथ देनें से मधुमेह के रोगी को आराम मिल जाता है ।



9. पीलिया में उपयोगी Aloe vera ke upyog):




एलोवेरा का 10 से 20 मिली रस दिन मे दो तीन बार देने से पित्त नलिका का अवरोध दूर हो कर लाभ होता है। इसके प्रयोग से नेत्र का पीलापन दूर होता है, कब्ज दूर होती है, शरीर से पीला पन काम हो जाता है।



10. लीवर की कमजोरी दूर करता है एलोवेरा:






कुमारी के पत्तो का जूस दो भाग  तथा मधु 1 भाग दोनो को मिला कर चीनी मिट्टी के बर्तन मे मुह बंद कर एक सप्ताह तक, धूप मे रखते है, इसके बाद इसको छान लेते है। इस औषधि की 10 से 20 ग्राम मात्रा का सुबह शाम सेवन करने से यकृत विकारो मे लाभ होता है। 

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Aloe vera
एलोवेरा की पत्ती




11. वात् व कफ सबंधी रोग का घरेलू उपचार (Aloe vera se ghrelu upchar) : 




एलोवेरा के गुण के कारण ये वात कफ संबंधी रोगों के लिए विशेष उपयोगी है । सबसे पहले एलोवेरा के पत्तो को दोनो और से काटे अच्छी तरह धोकर साफ कर ले और छोटे छोटे टुकड़े कर ले। इसे मिट्टी के पात्र मे रखे । 

5 किलो टुकड़े मे आधा किलो नमक मिला कर मुह बंद कर के 3-4 दिन के लिए  धूप रखे । समय समय पर हिलाते रहे । 3-4 दिन बाद इसमे 100 ग्रा. हल्दी, 100ग्राम सफेद जीरा, 100 ग्राम धनिया, 50 लाल मिर्च, 30ग्राम अजवायन, 100ग्राम सौंठ, 6ग्राम भुनी हुई हींग, 6ग्राम काली मिर्च, 5ग्राम पीपल, 5ग्राम लोंग, 5ग्राम दालचीनी, 50ग्राम सुहागा, 50ग्राम अकरकरा, 100ग्राम कला जीरा, 50 ग्राम इलाची, तथा 300 ग्राम पिसी हुई राई डाले । इस सब को मिला कर कूट ले ।  इस मिक्चर को ताकत व उम्र के हिसाब से 3-6 ग्राम मात्रा देने से पेट के वात कफ संबंधी रोग मिटते है। 


जब ये औषधि सूख जाए तो इसका प्रयोग दाल सब्जी मे किया जा सकता  है । एलोवेरा के अत्यधिक गुण व फायदे होने के कारण इसे आर्युवेद में बहुत महत्व पूर्ण माना गया है ।  उपर बताये फायदे के अतिरिक्त aloe vera jel का इस्तेमाल skin रोग में व एलोवेरा जूस का इस्तेमाल पेट को स्वस्थ रखने व अन्य रोगों मे किया जाता है । अगर एलोवेरा के नुकसान कि बात की जाए तो यह न के बराबर होते हैं ।                                                                                                                            
                                                             




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