Sunday, 15 July 2018

मदार के फायदे व 12 रोगों के उपचार (12 treatment, benefit of Madar)

आक ( मदार ) के फायदे व उपचार (Aak ke fayde) 

इस लेख में आपको मदार के 12 फायदे व उपचार ( 12 treatment, benefit of Madar), आक के पेड़ व आक के पत्ते के बारे में वर्णन करने जा रहे हैं । इस बात में थोड़ा सच जरूर है, लेकिन आर्युवेद में इसकी गड़ना उपनिवेशों से की है । आक के अधिक सेवन से उल्टी दस्त होकर, मनुष्य मृत्युलोक प्राप्त कर सकता है । इसके विपरीत अगर इसका सेवन उचित मात्रा में, सही ढंग से किसी वैध की देख रेख में किया जाये, तो अनेक रोग में लाभ होता है । आक का वैज्ञानिक नाम है : calotropis gigantia, अंग्रेजी में इसको Madar, बंगाली में आकन्नद, मराठी में एक्के, पंजाबी में आक्क कहा जाता है । इसकी तीन जातियां पाई जाती हैं ।       


1. रक्तारक : आक के फूल सफेद रंग के छोटे व  कटोरी नुमा होते है । तथा अंदर बैंगनी व लाल रंग की चित्ती होती हैं । इसमे दूध कम होता है ।


2. श्वेतार्क : इस आक का फूल बड़ा, हल्का पीला व सफेद कनेर के फूल जैसा होता है । इसे मदार भी कहा जाता है ।


3. राजार्क: इस आक का पौधा एक ही शाखा वाला होता है, इसके फूल सफेद चांदी की तरह के होते है । यह प्रजाती बहुत कम पाई जाती है ।






Aak  ka paudha
आक का पौधा


आक के पेेड़ के गुण(Aak ke ped ke gun) :




  •  कफ से होने वाले पेट के रोगों, अर्श, व पेट के कीड़ो को नष्ट करने मे आक का उपयोग होता है ।
  • लाल आक का फूल मीठा व कुछ कड़वा होता है, इससे कफ, अर्श व रक्त पित्त का उपचार किया जाता है
  • सफेद आक का फूल हल्का, अरुचि कारक, अर्श, खांसी, तथा श्वास रोगों के काम आता है ।                                            

यह भी जाने : Aloe vera ke gun, fayde tatha upyog



आक के औषधीय उपयोग:(aak ke upyog

  

1. दाँत में दर्द में आक के दूध के फायदे (aak ke dudh ke fayde):



  • आक के दूध मे रुई भिगोकर, घी मे मल कर, दाड़ मे रखने से दांत की पीड़ा  मे आराम मिलता है । उँगली जितनी मोटी जड़ को  आग मे भून कर दातुन करने से दाँत रोग व दाँत का का दर्द मिटता है  ।  
  • आक के दूध में नमक  मिलाकर दाँत पर लगाने स दाँत की पीड़ा मिटती है ।


2. मिर्गी में आक के फूल के फायदे ( aak ke phool ke fayde):


  • आक के ताजे फूल और काली मिर्च को इकट्ठा पीस कर गोलिया बना ले तथा दिन मे तीन चार बार सेवन करे।
  • आक के दूध में थोड़ी शक्कर या मिश्री मिला कर खरल करके रख ले, इसकी 125 मिली ग्राम मात्रा सुबह दूध के साथ सेवन करें।
  • सफेद आक के फूल का एक हिस्सा और पुराना गुड़ तीन हिस्सा लेकर पहले फूलो को पीस ले फिर गुड़ के साथ खरल कर ले, इसकी चने जैसी गोलिया बना कर, सुबह- शाम 1 या 2 गोली ताजे पानी के साथ सेवन करे ।


3. नेत्र रोग में आक के फायदे (aak ke fayde):



  • आँख दुख जाएं तो, यदि दायीं आँख हो तो बाएं पर के नाखून तथा बायीं आँख मे सूजन अथवा दर्द हो तो दाएं पैर के नाखून को आक के दूध से तर कर दे । इससे आँख मे आराम मिलता है ।
  • आक की जड़ की छाल को जला कर कोयला कर ले, फिर इसे थोड़े पानी मे घिस कर नेत्र के चारो और तथा पलको पर धीरे  धीरे मलते हुए लेप करे ।



नोट- आँख मे दूध नही लगाना चाहिए इसके भयंकर परिणाम हो सकते है । आक के जड़ की सुखी हुई छाल एक ग्राम कूट कर पीस ग्राम गुलाब जल डाल कर  कुछ देर रख कर छान ले, 3-5 दिन आंको मे बूंद बूंद डालने से आंखों मे दर्द, भारीपन, लाली व खजली मिटती है




4. मुह की झांईयां में मदार के  पेड़ के फायदे( Madar ke ped ke fayde ):




हल्दी का चूर्ण 3 ग्राम,आक का दूध 5 ग्राम को गुलाब जल मे घोल कर आंखों को बचा कर झायीं युक्त स्थान पर लगाने से लाभ होगा। कोमल त्वचा वालो को आक के दूध की जगह आक के रस का इस्तेमाल करना चाहिए ।




5. कान के रोग में आक के पत्ते के फायदे (Aak ke patte ke fayde):




आक के पत्ते जो अच्छी तरह से पक कर पीले पड़ चके हो, को लेकर थोड़ासा घी चुपड़ कर आग पर रख दे, जब झुलसने लगे उसे तुरंत निकाल के निचोड़ ले । इसे गुनगुना ही कान मे डालने से दर्द शीघ्र नष्ट हो जाता ह ।





aak ke phool
Madar ke Phool



                   


6. खाँसी व श्वास रोग में मदार के फायदे (Madar ke fayde) :




  • दो गोली गर्म पानी के साथ सेवन करने से श्वास रोग का वेग रुक जाता है 
  • पत्तो पर जो सफेदी छाई रहती है, को इकट्ठा कर छोटी छोटी मूंग जैसी गोलिया बना ले, एक एक गोली सुबह शाम खाये व बाद मे खाना खा ले, इससे 4 दिन मे श्वास रोग ठीक हो जाता है ।
  • पुराने से पुराने आक की जड़ को छाया मे सुखाकर जलाकर राख कर ले, इसमे से कोयले अलग कर ले । एक- दो ग्राम राख को पान या शहद मे मिला कर खाने से खासी श्वास मे लाभ होगा ।
  • आक की कोमल शाखा फूलों सहित पीस कर दो तीन ग्राम की मात्रा घी मे गर्म कर ले । फिर इसमे गुड़ मिलाकर पाक बना ले इसका प्रातः सेवन करने से पुरानी खाँसी जिसमे पीला कफ निकलता हो, शीघ्र दूर हो जाता है ।
  • आक के दूध में चने डुबो कर मिट्टी के बर्तन मे बंदकर उपलों की आग मे भस्म कर 125 मिली ग्राम शहद के साथ सेवन दिन मे तीन बार चाट कर करें । इससे भयंकर खासी मे भी लाभ होता है ।


7. आधाशीशी में मदार के पत्ते के फायदे (madar ke patte ke fayde):



  • पीले हुए आक के 1-2 पत्तो का रस निकाल कर नाक मे डालने से आधा सीसी मे लाभ होता है । यह तेज बहुत होता है, इस लिए इसका प्रयोग सावधानी पूर्वक करना चाहिए ।
  • कंडो की रख को आक के दूध मे अच्छी तरह भिगो कर छाया मे सुख ले ।  इसे सूंघने से छीकें आकर आधा शीशी, सिरदर्द, जुकाम बेहोशी आदि मे लाभ होता है ।


8. भगंदर तथा नाड़ी के घाव में मदार के पेड़ के फायदे (Madar ke ped ke fayde) :



  • मदार के दूध मे रुई भिगो कर छाया मे सुख कर बत्ती बना ले, फिर सरसों के तेल मे भिगो कर घाव पर लगाने से लाभ होता है 
  • आक के 2-3 पत्तों को तिल्ली के तेल के साथ पत्थर पर पीस कर मरहम बना लें, इसे फोड़ो  तथा अंडकोष के दर्द में लगा कर लंगोट कस देने से लाभ होता है
  • मदार का 10 मिली ग्राम दूध और दारू हल्दी का दो ग्राम बारीक चूर्ण दोनो को खरल मे घिस कर बत्ती बना ले इसे घाव पर लगाने से लाभ होगा


9. हैजा में मदार के फायदे (Madar ke fayde): 



  • आक के बिना खिले फूल 10 ग्राम, भुना सुहागा, सौंठ, पिपली, लोंग, पीपल, काला नमक सभी 5-5 ग्राम, इन्हें कूट पीस कर लगभग 125 मिली ग्राम गोलिया बना ले, 1-1 गोली दिन मे चार पांच बार ले । जटिल अवस्था मे एक साथ 4 - 4 गोली का सेवन करना है ।
  • अर्क के जो पत्ते पीले पड़ गये हों इनके पांच नग लेकर आग मे जलाकर कोयला कर ले किसी बर्तन मे रख कर आधा लीटर पानी मे बुझा दे । यह पानी रोगी को थोड़ी थोड़ी देर मे जल के स्थान पर पिलाएं ।
  • मदार की जड़ की छाल को छाया मे सूखा कर इसके दो भाग व काली मिर्च  का एक भाग, दोनो को कूट छान कर ऐसे अदरक या प्याज के रस के साथ मिला कर गोलिया बना ले । हैजे के दिनों मे इसे देने पर हैजे से बचाव होता है । हैजा होने पर इसकी एक - एक गोली दो - दो घंटे मे देने से लाभ होता है

Aak ke patte
Aak ka ped









10. अर्श में मदार के फायदे (Madar ke fayde):




  • हल्दी चूर्ण को आक के दूध मे अच्छी तरह से भिगो कर सूखा ले, फिर आक दूध के साथ मिला कर गोलियां बना लेवें और छाया मे सुखा लें । प्रातः व शाम को शौच जाने के बाद जल मे घिस कर मस्सों पर लेप करने से मस्से कुछ ही दिनों मे सुख कर गिर जाते हैं । 
  • शौच जाने के बाद आक के दो चार ताजे पत्ते तोड़ कर मस्सों पर इस तरह से रगड़े की मस्सों पर दूध न लगे, केवल पत्तो के ऊपर लगी सफेदी ही लगे । इस करने से मस्से सूख जाते हैं ।



11. बांझपन (Infertility): 




सफेद आक की जड़ को छाया मे सुका ले, फिर इसको महींन पीस लेवे, इसकी 1 से दो ग्राम की मात्रा 250 ग्राम गाये के दूध के साथ सेवन करें । इससे बंद नलियां खुलती हैं । इससे गर्भाशय की गांठो व मासिकधर्म मे भी लाभ होता है ।


12. जख्म में मदार की जड़ के फायदे (Madar ki jad ke fayde) :



  • सफेद आक की जड़( aak ki jad) को नीबू के साथ बिना जंग लगे लोहे पर गिस कर  लेप बनाये, यह लेप जख्मो पर लगाने से जख्म धीरे धीरे ठीक हो जाते हैं ।
  • मदार की जड़ ( Madar ki jad) के पास की गीली मिट्टी लेकर इसकी टिकिया बनाकर बहुत पीड़ा वाले स्थान पर लगाये तथा जिस घाव मे कीड़े पड़ गये हों, पर बांध देने से अंदर के कीड़े टिकिया में आकार मार जाते हैं ।


आक से हानियां( Madar se hania):




आक बहुत ही विषैला होता है, इसकी अधिकता से नुकसान हो सकता है । इसका प्रयोग जटिल रोगों मे अच्छे वैध की सलाह पर करना चाहिए । इसके अत्यधिक सेवन से उल्टी दस्त हो जाते हैं  और जान का खतरा रहता है । इस लिए इसका प्रयोग सावधानी पूर्वक करना ही उचित होगा ।





विशेष:



इस लेख में मदार के फायदे व उपचार के बारे में वर्णन किया गया है । गुणों के अनुुुसार यह बहुुुत उपयोगी है । इसका सेवन अच्छे तरीके से, उचित मात्रा मे वैध की सलाह से किया जाए तो अनेक रोगों मे इसका  बहुत लाभ मिलता है, इस के पौधे  हर अंग दवा तथा हर भाग उपयोगी है, आक के पत्ते ( aak ke patte), आक की जड़( aak ki jad, आक के फूल (aak ke phool), आक का दूूध (aak ka dudh) सभी का औषधीय कामों में उपयोग किया जााता है । यह एक उत्तम रसायन माना जाता है।




       

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