Thursday, 26 July 2018

अदरक या सौंठ (Ginger) के गुण, फायदे एवं महत्व(Benefit of Ginger)

अदरक के गुण, फायदे ( adrak ke fayde)

अदरक भारत में लगभग सभी जगह पाया जाता है । हमारे अनेक ग्रथों मे  इसका वर्णन मिलता है । अदरक   के बहुत सारे गुण, फायदे व महत्व ( Benefit of Ginger in hindi)  होते हैं, ये अग्निदीप्ति कर पाचन को बढ़ता है । अदरक के महत्व से सभी लो परिचित हैं, भूमि के अंदर पाया जाने वाला कन्द है । जब ये गीली अवस्था मे होता है तो इसे अदरक कहते हैं, व जब सुखी अवस्था मे होता है तो इसे सौंठ कहते है । इसके बारे मे सभी लोग जानते  हैं, इसका पौधा 1 से 1.5 फिट तक  ऊंचा होता है व इसके पत्ते  बाँस से मिलते जुलते होते है । यह कफ तथा वात नाशक होता  है । सर्दी  है व नाड़ियो में उत्तेजना व शक्ति प्रदान करता है ।                                                                


अदरक
Adrak

अदरक में प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट्स, खनिज, केल्शियम, फास्फोरस, लोहा, आदि होता है । और थोड़ी मात्रा में आयोडीन व क्लोरीन भी पाया जाता  है । इसमे विटामिन A, B, व C भी पाये जाते हैं । अदरक अलग अलग एरिया मे अलग-अलग नामो से जाना जाता है । इंग्लिश मे इसे Ginger, गुजराती में आदु, बंगाली में आदा, मराठी में आलें, संस्कृत में आद्रशाक, तेलगु में सल्लम, कन्नड़ मे शुंठी व फारसी मे शंगवीर कहते हैं ।

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अदरक के गुण:


अदरक गर्म होने के कारण वात, पित, व कफ नाशक होता है । यह सर्दी को दूर करता है । यह दर्द को हरने वाला होता है । यह हृदय व रक्त संचार को उत्तेजित करता है । यह रक्त शोधक, श्वास और कफ को हरने वाला है । सौंठ आम पाचक होने के कारण  आम  का पाचन कर आम से पैदा होने वाले विकारो को दूर करता है ।


अनेक रोगों के उपचार में अदरक के उपयोग (adrak ke upyog):


1.वात रोग में अदरक का महत्व( Adrak ka Mahatwa):


वात रोग दूर करने के लिए सौंठ व जावित्री चूर्ण का आधा -आधा चम्मच व ग्वारपाठा के गुदे की 10 ग्राम मात्रा के साथ मिला कर देना चाहिए । यह फार्मूला डेढ़ से दो महीनों तक देंना है ।

2.आम के पाचन में अदरक के फायदे ( adrak ke fayde)  :



सौंठ, अतीस व नगर मौथा, इन तीनो को मिला कर क्वाथ मिलाकर पीने से आम का पाचन होता है । आम पाचन मे अदरक से बहुत फायदा मिलता है । अथवा सौंठ, अतीस, नागरमौथा तीनो को मिलाकर बनाया क्वाथ आम का पाचन करता है ।



3. नजला में अदरक का महत्व ( Adrak ka mahatwa):



अदरक को गिस कर उसका दो चम्मच रस निकाल कर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर चटाने से नजला जुकाम की तीव्रता कम हो जाती है । सिर दर्द व खाँसी में भी आराम मिलता है ।



अदरक
अदरक


4. दमा में अदरक का महत्व (adrak ka mahtwa) :



पिपली व सेंधा नामक मिला कर चूर्ण बना लें । इस चूर्ण को अदरक के रस के साथ मिलाकर रात को सोते समय सेवन करा देने से 6 से 7 दिन मे श्वास रोग अथवा दमा में फायदा होता  है ।


5. मंदाग्नि में अदरक के फायदे (Benefit of Adrak in hindi) :




अदरक पेट की अग्नि को बढ़ता है । इसके लिए सौंठ, अजवायन, सेंधा नामक, हरड़ को समान मात्रा मे इकठ्ठा कर चूर्ण बना लें । इस चूर्ण की एक चम्मच मात्रा रोगी को देने से पेट की  मंद अग्नि ठीक हो जाती है । व दर्द मे भी आराम मिलता है व अरुचि मिटती है ।


6. पाचन में अदरक के लाभ (adrak ke labh) :




पाचन में अदरक का महत्व बहुत है । अदरक का आचार बना कर खाने से भूख बढ़ जाती है । हर दिन भोजन करने से पूर्व  नमक व अदरक की चटनी खाने से गला साफ होता है व अग्नि प्रदीप्त हो कर भूख बढ़ जाती  है । सौंठ का चूर्ण गुन गुने पानी के साथ अथवा सौंठ का चूर्ण धृत के साथ सुबह  के समय प्रतिदिन सेवन करने से भूख खुल कर लगती है ।


7. दर्द निवारक है अदरक :




अदरक अनेक प्रकार के दर्द मे राहत देता है । दर्द सिर में हो या दांत मे अदरक का रस पीने से फायदा होता है , यहां तक कि अगर माइग्रेन का दर्द हो तो इसमे भी आराम पहुचता है । दर्द में  अदरक का महत्व है । जो लोग अदरक का निरंतर सेवन करते रहते है । उन्हें हड्डियों व जोड़ों की दर्द की समस्या नही रहती ।


8. सूजन में अदरक का महत्व(adrak ka mahtwa):




अदरक में सूजन को काम करने का गुण होता है, यह उन लोगों के लिए फायदेमन्द है जो लोग सूजन व जोड़ो के दर्द से परेशान रहते  है । अदरक के स्वरस में 10 से 20 ग्राम गुड़ सुबह के समय लेने से सभी प्रकार की सूजन ठीक हो जाती है  । 


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9. रक्तचाप में अदरक के फायदे ( adrak ke fayde ) :



अदरक में खून को पतला करने का गुण पाया जाता है, इससे रक्त प्रवाह ठीक होता है व blood pressure नियंत्रण मे रहता है। इससे रक्त का थक्का नही जमता जिससे हार्ट अटैक का खतरा काम हो जाता है । इस लिए रक्तचाप में अदरक का महत्व है ।




Adrak
Adrak



विशेष:



अगर अदरक का उपयोग निरंतर व उचित मात्रा में करते रहें तो स्किन संबंधी रोगों से बचा जा सकता है, अदरक वात, पित, कफ, को नियंत्रित करती है । जिसके कारण शरीर बीमारियो से बचा रहता है । अदरक एक एंटी ऑक्सीडेंट होता है, इसका सेवन करते रहना चाहिए । अदरक का बहुत अधिक मात्रा मे इस्तेमाल नही करना चहिये, क्यों कि इसकी तासीर गर्म होती है, इसकी अधिक मात्रा मे इस्तेमाल करने से एसिडिटी हो जाती है । इसमे एक ऐसा तत्व होता है  जिस कारण ज्यादा मात्रा में प्रयोग करने से हड्डियो में कमजोरी हो जाती है जबकि उचित मात्रा मे लेने से लाभ होता है । अदरक के फायदे (Benefit of ginger in hidi) देखते हुए अदरक के महत्व को समझा जा सकता है ।

  


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