Monday, 23 July 2018

तुलसी के बुखार,सर्दी,जुकाम,खांसी में प्रयोग एवं फायदे

Tulsi
Tulsi

तुलसी के प्रयोग एवं फायदे ( Tulsi ke Fayde in hindi ):




तुलसी के बारे में आप जानते है । यह बुखार सर्दी, जुकाम, खाँसी मे प्रयोग की जाती है । हमारे यहां तुलसी को पवित्र माना जाता है । तुलसी सर्वरोग निवारक, जीवनीय शक्तिवर्धक होती है । इसे वृंदा, वैष्णवी, विष्णु बल्लभा, श्री कृष्ण बल्लभा आदि नामो से जाना जाता है । इस औषधि की देवी की तरह पूजा की जाती है । ये सब जगह पायी जाती है । ये सुगंधित, सुन्दर  व सस्ती औषधि है । तुलसी की कई जातियां पायी जाती है । जिसमे श्वेत तुलसी व कृष्ण तुलसी प्रमुख हैं । इसके अलावा तुलसी की एक जाती ocimum bacilicum, O. gratissimum  आदि जातियां भी बहुत महत्व पूर्ण हैं ।

तुलसी का पौधा 2 से 4 फिट ऊंचा तथा सुगंध वाला होता है । इसके पत्तों मे पीले हरे रंग का तेल पाया जाता है जो सूखने पर दानेदार हो जाता है इसे कपूर कहते हैं । तुलसी कफ नाशक, दुर्गन्ध नाशक, पाचन, अग्नि दिपन, रक्तशोधक व ज्वर को हरने वाली होती है ।  इसके बीज मूत्रल व शक्ति देने वाले होते हैं । इसकी पत्तियाँ  ज्वर एवं विषम ज्वर  मे उपयोगी हैं । तुलसी को अलग अलग भाषा में अलग अलग नामों से जाना जाता है । जैसे :- आंग्रजी में इसे holy basil व गुजराती मे तुलस,मराठी मे तुलस, बंगाली में कुरल, पंजाबी में तुलसी, तेलगु मे वृंदा तथा गगेरा नामों से जाना जाता है ।



तुलसी के औषधीय फायदे(Tulsi ke Aushdhiye Fayde in hidi):



1.ज्वर में तुलसी का प्रयोग:( Tulsi ke prayog)



  • मलेरिया के मच्छर जब तुलसी के संपर्क मे आते है तो मच्छरों पर ऐसा प्रभाव पड़ता है की मच्छर दूर भाग जाते हैं । तुलसी का पत्ता मलेरिया प्रतिरोधी होता है ।

  • इसके पत्तों के स्वरस मे पांच से दस मिलीग्राम मिर्च का चूर्ण मिलाकर दिन मे तीन बार पिये इससे मलेरिया दूर होता है ।

  • तुलसी के पत्तो का क्वाथ (काड़ा) तीन तीन घंटे पर सेवन करने से मलेरिया दूर होता है ।

  • आंतो का ज्वर(टाइफाइड) मे तुलसी के 10 पत्ते  व जावित्री की 1 ग्राम मात्रा पीस कर शहद के साथ चाट लेने से  फायदा होता है.

  • तुलसी के पत्ते, छोटी पीपल, सफ़ेद जीरा,तथा शक्कर को कूट कर सुबह शाम देने से साधारण बुखार ठीक होता है ।

 यह भी पढ़े :Aloe vera ke gun, fayde tatha upyog


2. सर्दी खांसी जुकाम में तुलसी का प्रयोग ( Tulsi ke Prayog):



  • खांसी के लिए तुलसी के पत्र का सवरस 5 से 10 मिली ग्राम मे काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर देना चाहिए इससे खांसी कम होती है ।

  • तुलसी के पत्ते मंजरी सहित 50 ग्राम मे काली मिर्च 10 ग्राम, अदरक 25 ग्राम को आधा ली. पानी मे उबाल कर क्वाथ बना ले ,चौथाई बाकी रह जाने पर छोटी इलाइची के बीजो का चूर्ण व 200ग्राम चीनी मिलाकर  पकाले, एक तार की चासनी बन जाए तो छान कर रख ले । इस चासनी  की 1 से 1.5 चम्मच की मात्रा बच्चों को व 2 से 4 चम्मच की मात्रा बड़ों को  देने से खाँसी,श्वास, कुकुर खाँसी, काली खाँसी, को फायदा होता है ।

  • तुलसी की मंजरी प्याज का रस, सौंठ और शहद मिला कर चाटने से बच्चे के दमे मे व सुखी खांसी मे फायदा होता है ।

  • श्यामा तुलसी के पत्तो के 5 से 10 ग्राम रस में दुगनी मात्रा में गाये का घी गुनगना करके मिला कर चाटने से दो तीन दिन मे न्यूमोनिया मे लाभ मिलता है ।


3. रोगप्रतिरोधक छमता बढाती है तुलसी:



तुलसी के बीजो का 20 ग्राम चूर्ण में 20 ग्राम मिश्री मिला कर पीस लें ,सर्दी के दिनों मे इसकी 1 ग्राम की मात्रा  कुछ दिन सेवन करने से दुर्बलता दूर हो जाती है । रोगप्रतिरोधक छमता बढ़ जाती है व स्नायु मंडल मजबूत होता है ।




4. त्वचा मे तुलसी के लाभ ( Tulsi ke Fayde in hindi)):


  • तुलसी मे एंटीबैक्टेरियल गुण पाये जाते हैं, इस लिए इसका प्रयोग त्वचा रोगों मे किया जाता है । तुलसी की पत्ती खाने से त्वचा मे निखार आता है, व त्वचा glow करने लगती है ।

  • तुलसी को त्वचा पर रगड़ने से दाग धब्बे दूर हो जाते है, तुलसी मे बेसन मिला कर त्वचा पर रगड़ने से त्वचा के काले धब्बे भी दूर हो जाते है ।

  • सर्दी के मौसम मे त्वचा फट गई हो तो तुलसी के पत्तो को सरसों के तेल मे उबालते है, तब तक उबाले जब तक तेल काला ना हो जाये । इसको ठंडा करके त्वचा पर लगाये , लाभ होगा ।


तुलसी का पौधा
Tulsi ka paudha




5. सिर के रोगों के घरेलू उपयोग: (Tulsi ke Gharelu Upyog)



  • तुलसी के तेल को सिर पर लगाने से सिर की जुंए व लीखें मर जाती हैं ।

  • तुलसी के कम से कम पांच पत्ते पानी के साथ निगलने से बुद्धि व दिमाग की शक्ति बढ़ती है । इसकी,छाया मे सूखी हुई मंजरी की एक दो ग्राम मात्रा शहद के साथ मिला कर चाटने से  फायदा होता है ।

  • तुलसी के तेल को नाक मे 2 बूंद टपकाने से सिर  का दर्द व सिर के अन्य रो ठीक हो जाते हैं 


6. नामर्दी मे उपयोगी है तुलसी: ( Tulsi ke Upyog)



  • धातु दुर्बलता मे 1 ग्राम तुलसी का बीज दूध के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है ।

  • तुलसी के बीज के चूर्ण की 1 से 2 ग्राम की मात्रा मे बराबर मात्रा मे गुड़ मिला कर गाये के दूध के के साथ लगातार लेने से 5 से 6 महीने मे यह रोग ठीक हो जाता है ।





7. दस्त व अतिसार में तुलसी के लाभ: ( Tulsi ke Labh)



तुलसी के पत्तों  के 10 नग तथा एक ग्राम जीरा दोनो को मिलाकर पीस ले फिर इसमे शहद मिला लेवें ,इसे दिन मे 3-4 बार चाटने से पेचिस व मरोड़ मे लाभ मिलता है ।



Tulsi ke patte
तुलसी के पत्ते

विशेष :



छोटे बच्चों को सर्दी जुकाम होने पर तुलसी व अदरक का रस की 5 से 7 बूंद शहद मे मिला कर चटाने से  बच्चों  सर्दी, जुकाम ,खाँसी, कफ ठीक हो जाता है । अगर बच्चे नवजात हों उन्हें ये बहुत अल्प मात्रा मे दें । सर्दियो  मे अक्सर लोग सर्दी, जुकाम, खांसी से परेशान रहते हैं, इसकी रोकथाम के लिए तुलसी बहुत उपयोगी है ।

इस के इलाज के लिए परमपूज्य स्वामी रामदेव जी द्वारा स्वानुभूत किया नुस्का बताने जा रहे हैं  ।  इसके लिए आप तुलसी के 7 पत्ते व 5 लोंग लेकर पानी मे पकाये, तुलसी के पत्ते व लोंग को पानी मे डालने से पूर्व इनके छोटे टुकड़े कर ले, पानी पक कर आधा शेष रह जाए तब इसमे थोड़ा सा सेंधा नामक डाल कर गर्म गर्म पी जाये । यह काड़ा पीकर वस्त्र औड कर लेट जाये पसीना आने दें । इससे ज्वर तुरंत उतर जाता है तथा खाँसी जुकाम भी ठीक हो जाता है ।  इस काड़े को दिन मे दो बार, दो से तीन दिन तक लेना चहिये ।


                


 =================================




No comments: