Monday, 13 August 2018

भांग के पत्ते के फायदे, 6 महत्वपूर्ण रोगों के उपचार व नुकसान

भांग के उपयोग, ( bhang ke upyog)


भांग के पेड़ व भांग के पत्ते के बारे में सभी लोग जानते है । लेकिन भांग के उपयोग, भांग के नुकसन व भांग के फायदे के बारे मे कम ही लोग जानते हैं । इसका प्रयोग अनेक रोगों मे किया जाता है । आम तौर पर लोग यह सोचते हैं कि भांग का प्रयोग सिर्फ नशा करने के लिए किया जाता है । लेकिन ऐसा नही है, भांग व इसके पत्ते से अनेक रोगों का इलाज किया जाता है । ये अपने आप उगने वाला पौधा है, यह उत्तराखंड़, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश,  व बिहार मे प्रचुर मात्रा मे मिलता है ।

भांग के पेड़ में भूरे रंग की मीठी राल, जिसे केनाबिनोल कहते हैं। राल में लाल रंग का चिपचिपा तेल पाया जाता है । हवा के सम्पर्क मे आकर रालिये हो जाता है । भारतीय भांग मे कुछ गोंदिये पदार्थ शर्करा उड़नशील तेल व केल्शियम फास्फेट  आदि पाया जाता है । भांग का वैज्ञानिक नाम cannabis sativa L. है । संस्कृत में भंगा, विजया, मादनि, व फारसी मे किनब बोला जाता हैं ।


भांग का पेड़
Bhang ka ped



भांग खाने के फायदे(bhang khane ke fayde in Hindi)


भांग का पत्ता कफनाशक, पित्तकारक, तीक्ष्ण गर्म, पाचक, व हल्की होती है अनेक रोगों में भांग फायदेमंद होती है । इससे कानदर्द, सिरदर्द, खाँसी, दमा, मूत्र रोग, पेटदर्द, गठिया, आदि रोगों का इलाज किया जाता है । भांग का प्रयोग नींद लाने के लिए भी किया जाता है । भांग का उपयोग घाव भरने मे भी किया जाता है । पहाड़ी इलाकों में भांग के बीजो को पीस कर खीरे के रायते में मिलाया जाता है । जिससे रायता बहुत स्वादिस्ट व पाचक हो जाता है ।

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भांग के उपयोग(bhang ke upyog):


1. पेचिस या आमातिसार मे भांग के उपयोग:


  • भांग के 100 मिलीग्राम चूर्ण मे 50 मिलीग्राम पोस्त दाना का चूर्ण  मिलाकर सुबह शाम खाने से आमातिसार रुकता है ।
  • भांग की सुखी कोमल टहनियां व इसके फूल को शक्कर व कालीमिर्च के साथ पीस कर देने से भी पेचिस में आराम मिल जाता है ।
  • सुखी हुई भांग को धोकर , इसको बारीक  पीस कर इसके 125 मिलि ग्राम मात्रा को शहद के साथ मिलाकर चाटने से भी यह रोग ठीक हो जाता है ।
  • भांग के चूर्ण की 100 मिलीग्राम मात्रा को फंकी सौंफ के अर्क की 4 से 5 बूंदे मिला कर दिन में दो तीन बार देने से पेचिस में आराम मिल जाता है ।


2. सिरदर्द में भांग के फायदे ( bhang ke fayde ) :



  • भांग के पत्तो का अर्क गर्म करके इसकी 2 से 3 बूंदे कान मे डालने से गर्मी सर्दी का कोई भी सिरदर्द ठीक हो जाता है ।
  • इसके पत्तो को बारीक पीस कर सूंघने से भी सिरदर्द ठीक हो जाता है ।


Bhang ki patti
भांग की पत्ती



3. हैजे मे भांग के फायदे (bhang ke fayde) :


अगर हैजे की शुरुआत हो तो आरम्भ मे ही भांग या गांजे की 250 मिलीग्राम मात्रा मे इतनी ही मात्रा मे काली मिर्च ,छोटी इलायची ताथा कपूर मिलाकर एक एक घंटे बाद उबाल कर ठंडा कर, शीतल जल के साथ  पिलाने से हैजा ठीक हो जाता है ।



4. भांग का उपयोग मलेरिया में (bhang ke upyog) :



मलेरिया ज्वर को उतरने के लिए भांग के चूर्ण की एक ग्राम मात्रा व गुड़ 2 ग्राम लेकर इनको मिलाकर चार गोलियां बनालें, इसकी एक एक गोली दो दो घंटे बाद देने से बुखार उतर जाता है । ज्वर चढ़ने से पहले ही यदि एक गोली दे दी जाए तो ज्वर की तीव्रता कम हो जाती है ।


5. टेटनस में भांग के पत्ते के फायदे(bhang ke patte ke fayde) :



  • सूखी हुई भांग की 100 से 125 मिलीग्राम मात्रा में 2 ग्राम काली मिर्च व 2 ग्राम मिश्री मिलाकर पीस कर दिन ममें 3 से 4 बार देने से टेटनस रोग ठीक हो जाता है ।
  • एक ग्राम भांग को जलाकर धुआँ सूंघने से धीरे धीरे असर काम हो जाता है । बार बार धुआँ पीने से रोग से मुक्ति मिल जाती है ।


6. आंखों के लिए फायदेमंद होती है भांग (bhang ke fayde) :



भांग से कला मोतियाबिंद का इलाज किया जाता है । कला मोतियाबिंद को ग्लूकोमा के नाम से जाना जाता है । ग्लूकोमा रोग में आँख की नासे कमजोर हो जाती है । भांग का सेवन इन्हें मजबूती प्रदान करता है । जिससे ग्लूकोमा मे लाभ मिलता है ।



भांग के बीज
Bhang ke beej




7. भांग का पत्ता खाने से लाभ अनेक रोगों में ( bhang ka patta khane ke labh) :



  • इसके पत्तों का रस माथे पर लगाने से माथे की रूसी व कृमि मर जाते है । भांग के पत्तो को पानी के साथ पीस कर पेस्ट बनालें इस पेस्ट को बालों पर लगाकर कुछ देर छोड़ दें ,फिर सिर धो लें ,इससे सिर की जुए व लीखें मर जाती हैं ।
  • भांग तथा खीरा ककड़ी के बीजो के मगज को घोट कर पीस कर ठंडाइ बनाकर पीने से मूत्र की जलन मिट जाती है ।
  • इसके पत्तों के चूर्ण को घाव व जख्मों पर चिदनकने से घाव अच्छे हो जाते हैं ।
  • भांग व मिर्च के चूर्ण की समान मात्रा मे गुड़ मिलाकर आधे ग्राम की गोली बनाकर देने से पेट दर्द मे आराम मिलता  है ।
  • भांग के पत्तो को पानी के साथ पेस्ट बनालें इस पेस्ट की थोड़ी सी मात्रा मे पुल्टिस बनाकर, आग में सेक कर दो बूंद कान मे टपकने से कान का दर्द ठीक हो जाता है व कान के कीड़े मर जाते




भांग खाने से नुकसान (bhang khane se nuksan) :


  • भांग का अधिक मात्रा मे सेवन करने से व्यक्ति को नशा हो जाता है । नाशा होना ठीक नही है । भांग की ज्यादा मात्रा लेने से फायदे के अलावा भांग से नुकसान भी है ।
  • भांग के अत्यधिक सेवन से शरीर मे कमजोरी हो जाती है । नर्वस सिस्टम कमजोर हो जाता हैइसके लगातार सेवन करने से बचना चाहिए लगातार सेवन करने से मनुष्य इसका आदि हो जाता है । जो ठीक नही है ।
  • भांग का नशे मे इस्तेमाल करने से बुद्धि कुंद हो जाती है व मनुष्य विचार हीं हो जाता है , इसका अत्यधिक उपयोग करने से व्यक्ति नपुंसक व चरित्रहीन हो जाता है।


विशेष:



भांग के फायदे ती होते ही हैं, लेकिन कभी- कभी भांग के नुकसान भी होते हैं । कभी भी भांग को खाली पेट नही लेना चाहिए, दिल व शुगर के मरीजों को इसका प्रयोग नही करना चाहिए, बच्चों व बूड़ो को भी इसका उपयोग नही करना चाहिए, भांग का अत्यधिक प्रयोग करने से नशा हो जाने पर संतरा या अनार का रस देने से नशा कम हो जाता है ।  दूध या घी देने से भी लाभ हो होता है । अगर कुछ भी उपलब्द ना हो तो अमरूद खाने से या अमरूद के पत्तो का रस पीने से भी लाभ मिलता है । रोगी को भांग से उपचार करने से पूर्व किसी वैध की सलाह अवश्य ले लेनीं चाहिए । इसकी अत्यधिक मात्रा लेना सवास्थ के लिए हानिकारक होता है । इस लेख में भांग के पत्ते के फायदे व नुकसान के बारे में बताया गया है । आशा करते हैं, यह लेख आप को पसंद आया होगा ।




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