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Wednesday, 26 September 2018

बदाम के फायदे, सिर, नेत्र एवं मानसिक रोग में ( Badam ke fayde)


बदाम खाने के फायदे (Badam khane ke fayde)



बदाम से सभी लोग परिचित हैं, कच्चा बदाम खाने के फायदे बहुत से हैं, यह सिर, नेत्र व बहुत से मानसिक व शारीरिक रोगों के काम  आता है । इस लेख में आप को बदाम के फायदे एवम् इसकी अधिकता से होने वाले नुकसान के बारे में वर्णन करने जा रहे हैं। अंग्रेजी में Almond कहते हैं । इसे बहुत से नामों से जाना जाता है । जैसे वाताद, बादामों, अमेंडी, बदमु आदि । बदाम मूलतः एशिया, तुर्की, सीरिया, व ईरान के अलावा अफगानिस्तान व यूरोप में भी पाया जाता है ।




Badam
बदाम 


बदाम कैसे खाएं ( Badam kaise khyen)



शरीर को शक्ति शाली बनाने के लिए बादाम हमे रोज खाना चाहिए, ध्यान देने की बात यह है कि जब भी बादाम खाए रातभर भिगोकर सुबह उसके छिलके उतार कर खाया जाए । ऐसा इस लिए कि सूखे बादाम में टेनिन नामक एंजाइम होता है जो बादाम के आवश्यक पोशक तत्वो को शरीर में अवशोषित होने से रोकता है । रातभर भीगने से बादाम के टेनिन दूर होता है और शरीर के लिए लाभ दायक हो जाता है । जिससे एसिडिटि नहीं होती है और पेट में गरमी नहीं होती है।  भीगे हुए बादाम से बादाम का दूध भी बनाकर पिया जा सकता है ।


बादाम खाने के नुकसान (Badam khane ke nuksan)


बादाम की मात्रा जरूरत से अधिक लेने से बादाम खाने के  नुकसान भी हो जाते है । ऐसा नहीं है कि बादाम सूखा नहीं खाए जा सकता, खा सकते हैं लेकिन इसको लिमिट से है खाया जाए, बादाम  तासीर का गरम होता है, ज्यादा खाने से कब्ज़ और पेट मे सूजन हो सकता है, क्योंकि इसमे फ़ाइबर अधिक होता है व देर से पचता है बादाम मे विटामिन E पाया जाता है। हमारे शरीर को एक दिन में जितने विटामिन ई की आवश्यकता होती है, उससे अधिक मात्रा में बादाम खाएगे तो विटामिन ई की मात्रा बढ़ जाती है । जिससे पेट फूलना, दस्त, सिर में दर्द और सुस्ती भी आ सकती है।
बादाम की अधिक मात्रा खाएगे तो शरीर में फैट जमा हो जाएगा जिससे शरीर का वजन बढ़ जाएगा । अगर किसी व्यक्ति को पित्ताशय या गुर्दे से संबन्धित समस्या है तो उनको बादाम नहीं खाना चाहिए। बादाम खाने से से बहुत से लोगो को एलर्जी हो जाती है । वैसे बदाम को खाने के अलावा बदाम का तेल, व बदाम रोगन का भी प्रयोग भारतवर्ष में किया जाता है ।


बदाम,के औषधीय प्रयोग (Badam ke Aushdhiye prayog):



1.सिर के रोग में बदाम के फायदे (Badam ke fayde):



  • बदाम को सिरके के साथ पीस कर सिर पर लगाने से स्नायु विकारों में लाभ मिलता है
  • कड़वे बदाम को पीस कर सिर पर लेप करने से सिर की सारी लिकें व जुंए मर जाती हैं ।




2.आंखों से संबधित रोग में बदाम का फायदा ( Badam ka fayda):




बदाम की 7 गिरी को बारीक पीस कर इसमें घ्रत्त एवम् मिश्री की 5 -5 ग्राम मात्रा मिलाकर रोज सुबह खाने से मोतियाबिंद में फायदा होता है ।


3.पेट के रोग में बदाम के फायदे (badam ke fayde):




बदाम अरुचि को खत्म करता है, बदाम की कुछ गिरी को 12 घंटे तक पानी में भिगो कर रख दें, फिर इसी पानी में बदाम को उबाल लें । फिर इसका छिलका उतारकर चासनी में मिलाकर रख दे , जब इसका मुरब्बा तैयार हो जाए तो इसका रोज सेवन करे, इससे अरुचि का शमन होता है ।


Badam ki giri
Badam giri


4. मानसिक रोगी में बदाम की गिरी के फायदे( Badam ki giri ke fayde):



  • बदाम का रोज सेवन करने से हिस्टीरिया के रोगी को बहुत फायदा होता है ।
  • बदाम की गिरी 5 से 10 ग्राम को मिश्री के साथ उपयोग करने से दिमागी व शारीरिक ताकत बढ़ती है व शरीर पुष्ट होता है ।
  • ऑपरेशन के बाद की कमजोरी समान्य कमजोरी में 7 ग्राम भीगे हुए बदाम की गिरी ,7 ग्राम अश्वगंधा, व आधा - आधा ग्राम कालीमिर्च व पीपली को मिक्स कर बारीक पीस कर इसमें दूध , घृत व चीनी मिलाकर  दिन में दो बार भजन से पूर्व लेने से फायदा होता है ।





5. त्वचा रोग में बदाम के उपयोग (badam ke upyog):



  • बदाम, सैधा नमक व सरसों को पीस कर इसका पेस्ट बनाकर चेहरे पर लेप करने से चेहरे की झाइयां दूर हो जाती हैं।
  • बदाम के बीज को पीस कर घाव तथा फोड़ों पर लेप करने से फायदा होता है।
  • कड़वे बदाम को पीस कर लेप लगाने से खुजली व चरम रोग में फायदा होता है।


Badam
Badam



6.मर्दाना कमजोरी में बदाम खाने के लाभ(badam khane ke labh):




बदाम वह औषधि है जो आहार व पोषण में स्वस्थवर्धक व मानसिक व शारीरिक शक्ति प्रदान करता है, व्यक्ति की अंदरूनी ताकत में वृद्धि के लिए 5 से 10 बदाम की गिरी,20 ग्राम भुने चने, 1 ग्राम सौंठ, 1 ग्राम कालीमिर्च, व 20 ग्राम मिश्री मिलाकर कूट ले, इसकी 5 से 10 ग्राम मात्रा सुबह शाम दूध से लेना है ।


विशेष:



बदाम बहुत ही गुणकारी होता है, बदाम खाने के फायदे बहुत हैं । यह पोस्टीक व विटामिन से भरपूर होता है, रोगों के अलावा इसका प्रयोग शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए किया जाता है । बदाम का दूध बनाकर इसमें मिश्री मिलाकर पीने से भी कमजोरी दूर होती है । बदाम के तेल का प्रयोग खांसी की चिकित्सा में भी किया जाता है । Badam ke tel का प्रयोग घरेलू नुस्खों में किसी चिकित्सक की देखरेख में ही करे, जटिल रोगों में भी बदाम का  तेल का प्रयोग देख रेख में ही करे। जीवन को विकारों से दूर करने के लिए हमे सभी को बदाम का सेवन करना चाहिए।




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