expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

Saturday, 8 September 2018

जीरा के गुण, उपयोग व औषधीय फायदे ( Benefit of Cumin)

जीरा
Jeera

जीरा के फायदे (Benefit of Cumin in hindi)


यहाँ जीरा (Cumin) के औषधीय गुण, उपयोग एवम् फायदे ( jeera ke gun, upyog evam  fayde) के बारे मे बताने जा रहे हैं । जीरा का उपयोग मसाले के रूप मे तो किया ही जाता है । लेकिन जीरा के औषधीय गुण व उपयोग बहुत से होते है । जीरा दो तरह का होता है, एक सफेद जीरा व दूसरा काला जीरा ( Black Jeera) ) होता है । सफेद जीरे से सभी लोग परिचित हैं। सफेद जीरा खाने ( safed jira khane ke fayde) के फायदे बहुत हैं । क्यों की इसका प्रयोग मसले मे किया जाता है । काला जीरा भी बिलकुल इसी तरह का होता है, काला जीरा खाने के भी बहुत से फायदे होते हैं, रंग के अलावा इसमें कोई फर्क नही होता है, काला जीरा अधिक महँगा हीने के कारण कम प्रयोग किया जाता है।

सफेद जीरे की खेती पूरे भारत में विशेषतया उ.प्र., राजिस्थान, पंजाब, में होती है जबकि काला जीरा कश्मीर, गढ़वाल, कुमाऊं, आदि ऊँचे इलाकों मे  पैदावार होती है, काले जीरे को इंग्लिश में Cumin seed तथा काला जीरा को black Carawey कहते है ।



जीरा के औषधीय गुण (Jeera ke aushdhiye gun):




दोनो तरह के जीरे चरपरे,  रूखे, गर्म, ज्वरनाशक, पाचक, बलकारक, रुचिकारक, कफ का नाश करने वाले, गर्भाशय को साफ करते हैं, उल्टी व पेचिस मे आराम दिलाते हैं । यह ज्वर का नाश करने वाले हैं । सफेद जीरा कड़वा होता है, यह हल्का, पाचक, दीपन, थोड़ा गर्म, आंखों के लिए लाभकारी, सुगंध वाला रुचिकारक, बलकारी, गर्भाशय को शुद्ध करने वाला, वात नाशक, कुष्ट व ज्वर नाशक होता है ।



जीरे के लाभ (Jeera Benefit):





  • जुकाम में जीरे का अच्छा उपयोग (Jeera benefit) है । जुकाम का रोग के लिए जीरे का उपयोग किया जाता है। जीरे को जलाकर एक पोटली मे बांध कर सूंघने से जुकाम मे लाभ मिलता है ।

  • आंखों के लिए जीरे के औषधीय गुण हैं। का रोग रतोंधी हो या नाखूना हो या आंखों से पानी निकलता हो तो  काले जीरे के 7 ग्राम मात्रा को पानी मे उबाल कर ठंडा करके इस पानी से आँखों को धोने से आराम मिलता है व आंखों की ज्योति बड़ जाती  है । कला जीरा ( Kala jira) न हो तो सफेद जीरा भी ले सकते हैं।


  • मुंह के रोग के लिए कच्चा जीरा खाने के फायदे हैं । मुह के रोगों के लिए के लिए पांच ग्राम जीरे को पीस कर पानी मे मिला ले , इसमे थोड़ा स चंदन गिस कर इसमे फूली हुई फिटकरी का चूर्ण 2 ग्राम इलाची का चूर्ण 2 ग्राम मिला कर इस पानी से कुल्ला करने से फायदा होता  है ।


  • पांच ग्राम जीरे को भूनकर फिर पीस कर दही में  या दही की लस्सी मे सेवन करने से अतिसार (पेचिस) में फायदा होता है । 


  •  भुना जीरा खाने के फायदे - बच्चों को दस्त हो जाये तो जीरे को भून कर पीस ले, इसको एक चम्मच पानी मे मिला कर दिन मे दो तीन बार देने से फायदा होता है । 


  • पाचन में भी जीरा के फायदे  (jeera ke fayde): 5 ग्राम जीरे को 100 ग्राम जल में डाल कर उबाले, चौथा हिस्सा रह जाए तो इस क्वाथ को छान ले, फिर इसमे नमक व काली मिर्च चूर्ण की चार- चार ग्राम मात्रा मिला कर पीने से खट्टी डकार आना बंद हो जाती है व पाचन ठीक हो जाता है व पेट ठीक से साफ होता है।


    • जीरे के औषधीय गुण के कारण जीरे का बहुत महत्व है । जीरे की 400 ग्राम मात्रा में बीस ग्राम सौंठ तथा सौ ग्राम भांग मिला कर कूट छान कर, इसकी अस्सी खुराक बना ली जाती हैं । इसकी एक - एक खुराक सुबह शाम खाने से पूर्व, दो चम्मच दही के साथ सेवन करने से पुरानी से पुरानी संग्रहड़ी मे लाभ होता है । खाने मे दही चावल व खिचड़ी लेना चाहिए।


    जीरा
    jeera



    • मलेरिया ज्वर होने पर चार ग्राम जीरे के चूर्ण को  गुड़ मे मिलाकर भोजन खाने से एक घन्टा पहले खाने से  मलेरिया ज्वर व वातरोग मे लाभ मिलता है। जीरे के चूर्ण में करेले का 10 ग्राम रस मिलाकर दिन मे तीन बार पीने से मलेरिया के बुखर में फायदा होता है ।


    • आंतों मे अगर कीड़े हो जाये तो 15 ग्राम जीरे को 400 मिली  पानी में उबाल कर जब चौथा भाग शेष रह जाये तो इस क्वाथ को पीने से आँतों के कीड़े मर जाते हैं ।


    • अर्श के मस्से जब सूज जाते है तो  काले जीरे को पानी मे उबाल कर  इस पानी से मस्सों की सिकाई करने से मस्सों की सूजन कम हो जाती है  व बहुत लाभ मिलता है । जीरे को पानी के साथ पीसकर मस्सो पर लगाने से भी मस्सो मे फायदा होता है ।


    • काले जीरे को पानी मे उबाल कर इसके क्वाथ से कुल्ला करने से दांत दर्द मे फायदा होता है ।

    • पांच ग्राम जीरा का चूर्ण व मिश्री 10 ग्राम, कोमिलाकर चावल के पानी के साथ देने से स्वेतप्रदर व रक्तप्रदर मे फायदा होता है ।


    विशेष:



    जीरे( Cumin) का उपयोग अनेक समस्याओं से छुटकारा दिलाता है, इसके उपयोग से पाचन ठीक होता है, व शरीर की  चर्बी पिघलती है, जिससे हार्ट अटेक का खतरा कम हो जाता है । कहते है कि अगर दो चम्मच जीरा को दो गिलास पानी मे भिगो कर रात भर के लिए छोड़ दे, सुबह उठ कर इसे लगातार कुछ दिन पीने से शरीर की चर्बी बहुत तेजी से पिघलती है, वजन काम हो जाता है ।


      

      __________________________________________

    No comments: