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Saturday, 22 September 2018

मस्तिष्क के रोग व 5 अन्य रोगों में अखरोट ( Akhrot ke Fayde)

अखरोट 

मस्तिष्क के रोग व 5 अन्य रोगों में फायदा करता है । अखरोट का फल, अखरोट का तेल, अखरोट की गिरी, अखरोट की छाल, अखरोट के पत्ते, व फल के छिलके, का प्रयोग औषधीय कार्यों में किया जाता है अखरोट दो तरह के होते हैं, एक की खेती की जाती है व दूसरा जंगली अखरोट होता है । खेती वाले अखरोट का छिलका पतला होता है, इस लिए इसे कागजी अखरोट कहते हैं । अखरोट के आर्युवेद में अनेक फायदे होते है, अखरोट व अखरोट का तेल हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदे वाला होता है, यह एक ड्राई फ्रूट होता है, जो कि दिमाग के लिए बहुत ही लाभदायक होता है, इसे ब्रेन फूड भी कहा जाता है, यह दिमाग को की शक्ति को बढाने के लिए उपयोगी है । मस्तिष्क के रोग में फायदा करता है अखरोट ।


अखरोट
Akhrot


इसमें कई स्वास्थ वर्धक पदार्थ होते हैं जो दिमाग को तेज करते हैं । हमारे यहां भारत में लोग इसका उपयोग मिठाई कुकीज, चॉकलेट आदि मैं करते हैं और लोग अपने बच्चों को अखरोट इस लिए खाने को देते हैं, क्योंकि इसमें अनेक पोस्टिक तत्व पाए जाते हैं । अखरोट खाने से दिमाग तेज और शरीर तंदुरुस्त होता है और अखरोट खाने से कई फायदे होते हैं, अखरोट के तेल के उपयोग से बालों को लंबा, घना और काला बनाया जाता है, त्वचा को स्वस्थ और मुलायम बनाता है, और यह कई तरह से हमारे शरीर की सुंदरता को बढ़ाता है, साथ ही साथ यह स्वास्थ्य को भी बढ़ाता है, और यह हमारे  स्किन और बालों में होने वाले रोगों से निजात दिलाता है ।

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अखरोट ड्राई फ्रूट होने के बावजूद भी इसमें बहुत ही कम मात्रा में सोडियम और कोलेस्ट्रॉल होता है, इसके फल में जुग्लनसिन्न, विटामिन, A, B, इसकोरबिक  एसिड, लोहा, फास्फोरस, आदि पाया जाता है । अखरोट को विभिन्न नामों से जाना जाता है । इंग्लिश में इसे Walnut कहते हैं । इसे अखरोट, अखोर, अक्रोटू, औखरा, अक्रोड, खोरका आदि नामों से जाना जाता है ।


Akhrot
Akhrot



रसायनिक संघटन ( Akhrot ke rasaynik sangthan):




अखरोट में 40 से 45 प्रतिशत स्थिर तेल पाया जाता है । इसके अलावा इसमें jugladik एसिड तथा रेजिन पाया जाता है, अखरोट फ्रूट में ऑक्जेलिक एसिड भी पाया जाता है ।


अकरोट के आर्युवेदिक (akhrot ke ayurvdik nuskhe):



  • अखरोट वात शमक होता है ।
  • कफ व पित की वृद्धि करता है ।
  • यह कफ निस्सरक होता है ।
  • अखरोट का तेल ठंडा, मीठा व वातपित्त शामक होता है ।
  • यह कफ कारक होता है ।
  • यह बालों के लिए फायदेमंद है ।
  • अखरोट जीवाणु  नाशक व विषाणु रोधी होता है ।
  • यह खून में ब्लड शुगर को कम करता है।
  • अखरोट थायरॉयड हार्मोन को सक्रीय करता है ।
  • अखरोट सूजन व वेदना फायदा करता है ।


अखरोट के औषधीय प्रयोग:


1.त्वचा रोग में फायदा करता है अखरोट ( Akhrot ke Fayde):



  • सुबह प्रातःकाल बिना ब्रश किए अखरोट की 5 से 10 ग्राम गिरी को मुंह में चबाकर दाद पर लगातार कुछ दिन लगाने से दाद में फायदा होता है ।

  • अखरोट की छल का कड़ा बनाकर इस के से घाव धोने से घाव जल्दी भरकर फायदा होता है ।


2.मस्तिष्क के रोग में फायदा करता है अखरोट (Akhrot ke Fayde):



  • अखरोट गिरी की 15 से 20 ग्राम मात्रा प्रतिदिन खाने से दिमाग की दुर्बलता दूर होती है व दिमाग तेज होता है ।

  • अखरोट के तेल की मालिश करने से लकवा अथवा पक्ष्घात जैसी बीमारियों में फायदा होता है ।

अखरोट
अखरोट



3.वात के कारण सूजन व दर्द में फायदा करता है( Akhrot ke Fayde) :



  • वात के रोग में अखरोट गिरी 25 से 30 ग्राम गिरी को पीस कर  वेदना वाले स्थान पर लगा कर कपड़ा लपेट कर सकने से वात में आराम मिलता है ।

  • 10 ग्राम अखरोट का तेल लेकर इसे 250 ग्राम गोमूत्र में मिलाकर पिलाने से सारे शरीर की सूजन दूर हो जाती है ।

  • वात के कारण हुई सूजन में 10 से 20 ग्राम अखरोट गिरी को कंजी में मिलाकर लेप करने से फायदा होता है ।


4.प्रेमह में अखरोट के फायदे :



इस रोग को ठीक करने के लिए अखरोट की गिरी 50 ग्राम व 40 ग्राम छुआरा व 10 ग्राम बिनोले की मींग को कूट कर घी में भून लें, एक बार इसकी अधी मात्रा में मिश्री मिला कर रखें, इसमें से 5 ग्राम रोज सुबह सेवन करना
है । इस नुस्खे का प्रयोग की वैध के परामर्श पर ही करें ।



5.खांसी में राहत देता है अखरोट(Akhrot ke Khansi me Fayde):



  • अखरोट की गिरी को आग पर हल्का भून कर इसे चबाने से खांसी में आराम मिल जाता है

  • आधा किलो अखरोट को छिलका सहित आग में भू कर इसकी भस्म बना कर , इसको शहद के साथ मिलाकर प्रातः सेवन करने से खांसी में लाभ मिलता है ।

Akhrot
अखरोट फ्रूट(ग्रीन)


6.मासिक विकार में अखरोट के फायदे ( Akhrot ke Fayde):



पूरे अखरोट की 20 से 30 ग्राम मात्रा छिलका सहित कूट कर इसका काढ़ा बना लें, इस काढ़े में शहद मिला कर सेवन करने से रुके हुए मसिकधर्म में लाभ मिलता है ।


विशेष:


अखरोट के पत्ते बलकराक, स्तंभक व कृमिघ्न होते हैं । दस ग्राम अखरोट की गिरी को 10 ग्राम मुनक्के के साथ नित्य रोज सुबह खाने से शारीरिक व मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है और इससे पेट भी ठीक रहता है, इसे उतना ही खाएं  जितना पचाने की छमता हो । बीस से 30 ग्राम अखरोट की गिरी खाने से अफीम के साइइफेक्ट ख़तम हो जाते हैं







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