Thursday, 11 October 2018

इलायची के 6 फायदे एवम् उपयोग (Elaichi ke fayde in hindi)

इलाइची
Ilaichi


इलायची के 6 फायदे (Elaichi ke fayde in hindi)

इलायची का औषधीय वर्णन इस लेख में करने जा रहे हैं ।  काली इलायची से शायद ही कोई अपरिचित हो, इसकी सुगंध से भारतीय पाक शास्त्र में पूरी तरह रची बड़ी हुई है । इसका प्रयोग मसाले से लेकर मिठाई तक में किया जाता है । इलायची दो तरह की होती हैं, एक छोटी इलायची अथवा सफेद इलायची के नाम व बड़ी इलायची अथवा कली इलायची के नाम से जानते हैं, दोनों ही इलायची का प्रयोग औषधियों में किया जाता है ।

इलायची का पौधा 3 से 4 फिट ऊंचा होता है , इसके पत्ते 1 से 2 फिट लंबे व 3 से 4 इंच चौड़े होते हैं व दोनों और से चिकने होते हैं । इलायची के बीज में एक खुशबू दर तेल पाया जाता है, जिसमें सिनियोल की काफी मात्रा पाई जाती है । इलायची को इंग्लिश में  cardamom कहते हैं। इसे ब्रहदेला, बहुला, भद्रेला, एलचा, बड़ा एलाच,  इलायची, एलकिक काकुले आदि नामों से जाना जाता है ।

इलायची के गुण व फायदे (Elaychi ke gun va Fayde):


  • इलायची कफ व वात शामक होती है ।
  • इलाईची हृदय को उत्तेजित करती है ।
  • इलायची दुर्गंधनशक व वमन हर होती है।
  • यह पके मुंह में फायदा करती है ।
  • दांत दर्द में आराम दिलाती है ।
  • मूत्र रुकावट को दूर करती है ।


इलायची के घरेलू उपयोग (Elaychi ke Gharelu Upyog):


1. दांत दर्द में इलायची के फायदे ( Elaychi ke Fayde):



  • इलायची व लोंग का तेल बराबर मात्रा में लेकर दांतों पर मलने से दांत दर्द में लाभ मिलता है ।
  • 4 से 5 इलायची को 400 मिली पानी में उबालकर, क्वाथ बनाने के बाद कुल्ला करने से दांत दर्द में फायदा होता है ।


2. मूत्र विकारों में  इलाइची के फायदे (elaychi ke Fayde):



  • इलायची के बीज का चूर्ण व बराबर मात्रा में बूरा मिलाकर इसकी 2 से 3 ग्राम मात्रा को सुबह शाम सेवन करने से मूत्र की रुकावट में लाभ होता है व पेशाब खुलकर होने लगता है ।
  • बड़ी इलायची के दस नग छिलका सहित कूट कर इसे 250 ग्राम दूध व 250 ग्राम पानी में उबालें जब 250 ग्राम शेष रह जाए तो इसे छान कर थोड़ी मिश्री मिलाकर  दीं में चार बार सेवन करने से मूत्र की रुकावट व जलन दूर होती है ।



3. सिरदर्द में इलायची के लाभ (Elaychi ke Labh):



  • इलायची को पीस कर इसका pest बनाकर माथे पर लेप करने से  अथवा इसके बीजों को पीस कर सूंघने से सिर दर्द में लाभ मिलता है । पेट की मंदाग्नि को तीव्र करता है :
  • इलायची बीज का चूर्ण व भ्रमर मात्रा में सौंठ का चूर्ण को मिलाकर फंकी लेने से मंदाग्नि में फायदा होता है ।
  • इलायची के बीज 8 से10 व 2 ग्राम सौफ को मिलाकर सेवन करने से मंदाग्नि तीव्र होती है व पाचन में मजबूती मिलती है ।
  • केला अधिक कने से अपच हो गई हो तो इलायची खाने से हाजमा तीक हो जाता है ।


Ilaichi ka paudha
इलाइची का पौधा


4. मुंह से लार का बहना:


मुंह से लार बहता हो या अधिक थूक आती हो तो इलायची व सुपारी को बराबर मात्रा में पीस लें, इसकी 1 से 2 ग्राम मात्रा चाटते रहने से इस कष्ट से राहत मिल जाती है ।


5. इलायची के दमा में फायदे (Elaychi ki Fayde) :



  • सांस की बीमारी में इलायची का तेल 10 बूंद को मिश्री में मिला कर सेवन करने से दमा व सांस के रोग में लाभ मिलता है


6.लिवर में फायदा करती है इलायची (Elaychi ke Fayde):



  • लिवर का आकार बड गया हो तो इलायची के 1 से 2 ग्राम चूर्ण का नियमित सेवन करने से ही लाभ होता है ।
  • इलायची का चूर्ण 2 से 3 ग्राम व इतनी ही पिसी हुई राई को मिलाकर लगातार सेवन करने से लिवर के विकारों में लाभ मिलता है ।



6.ज्वर में इलायची का उपयोग (Elaychi ke Upyog):


  • किसी भी प्रकार के ज्वर में  इलायची के बीज 2 भाग व बेल के पेड़ की जड़ की छाल एक भाग को कूट कर चूर्ण बना ले,
  • इस चूर्ण को दूध व बराबर मात्रा के पानी में उबालें, जब दूध की मात्रा के बराबर शेष रह जाए तो इसकी 20 मिली मात्रा सुबह दोपहर, शाम सेवन करने से आराम मिलता है ।


विशेष:


इलायची काफी गुणकारी होती है । इलायची के अनेक लाभ एवम् उपयोग हैं । ऊपर बताए प्रयोगों के अलावा इलायची हिचकी, अतिसार, वमन अफ़ारा,पथरी, सूजन, आदि रोगों में उपयोगी है । आशा करता हूं कि आप को लेख अवश्य पसंद आया होगा । 
                 
 धन्यवाद ।




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