Monday, 5 November 2018

अर्जुन के पेड़ का हृदय रोग में महत्व ( Importance of arjun tree in hindi)

अर्जुन का वृक्ष
अर्जुन पेड़

 

अर्जुन का पेड़ कैसा होता है (Arjun ka ped in Hindi)



अर्जुन के पेड़ का उपयोग पुराने समय से हृदय के रोगियों के लिए किया जाता है, Arjun ka ped हृदय के लिए रामबाण औषधि है, अर्जुन के पेड़ का महत्व बहुत है । अर्जुन  मुख्यता जंगलों में पाया जाता है, Arjun Tree पहाड़ी इलाकों में अधिकता में पाए जाते है। अर्जुन पेड़ पर गर्मियों में फूल खिलते हैं व जाडो में फल आते हैं । इसे इंग्लिश में Arjun tree के नाम से  व गुजराती में साजड़ कहा जाता है, व हिंदी में अर्जुन अथवा कहूं कहते हैं ।

अर्जुन की छाल (arjun ki chaal) में अनेक प्रकार के रसायनिक तत्व पाए जाते है । Arjun कैल्शियम कार्बोनेट अधिक मात्रा में पाया जाता है व सोडियम, मैग्नीशियम, अल्मिनियम प्रमुख छार है, सोडियम व कैलशियम की अधिकता के कारण हृदय की मासपेशियों के लिए फायदेमंद होता है ।


अर्जुन छाल के औषधीय गुण व फायदे(Arjun chhal ke aushdhiye gun va fayde):




अर्जुन की छाल शीतल होता है व हृदय के लिए बहुत ही लाभकारी होता है । Arjun ke ped ki chhal रुधिर विकारों, पित्त, कफ, विष, प्रमह, घाव आदि का नाश करता है । अर्जुन से हृदय की मांसपेशी मजबूत होती है व दिल को ताकत मिलती है । मासपेशियों की ताकत बढ़ने से हृदय का स्पंदन ठीक होता है, व रक्तवहनिया से रक्त स्राव कम हो जाता है और हृदय की दर्द को दूर करता है। इस तरह रक्त वाहनियो का सकोचन ठीक से होने लगता है । हृदय रक्त को पूरे शरीर में भेजने व खीचने लगता है । और व्यक्ति स्वस्थ हो जाता है । अर्जुन की छाल के प्रयोग से पित्त की अमलता कम होकर रक्त में स्थिरता उत्पन्न होती है । जिससे पित्त विकारों में फायदा होता है ।



अर्जुन के औषधीय प्रयोग एवम् फायदे ( Benefit of Arjun Tree in hindi):



1. हृदय के रोग में अर्जुन के पेड़ के फायदे (Arjun ke ped ke fayde):



  • अर्जुन की छाल (Arjun chhal) हृदय की शीतलता, सूजन, हृदय का बड जाने, आदि बहुत से हृदय रोग में लाभकारी होता है ।

  • अर्जुन हृदय की शीतलता में तथा उससे होने वाली दर्द में लाभ करता है इसके लिए अर्जुन छाल के चूर्ण की 5 से 10 ग्राम मात्रा को गुड़ व दूध के साथ पका कर रोगी को पिलाने से शोथ का बडना रुक्कर शीतलता दूर हो जाती है ।

  • हार्ट अटेक हो जाने पर अर्जुन की छाल का 40 मिली लीटर काढ़ा सुबह शाम सेवन करने से हृदय की शक्ति बढ़ती है । अर्जुन दिल के लिए टॉनिक का काम करता है, पूरे लाभ के लिए गाय के दूध में काडा बनाकर सेवन करना आवश्यक है । इस  इस छीर पाक विधि से लेने से हृदय की तेज धड़कन व पीड़ा, घबराहट खत्म हो जाती है । 




  • अर्जुन पेड़ की छाल का  काडा बनाने की की विधि - अर्जुन की छाल को सूखा कर चूर्ण बनाकर रख ले । 250ग्राम दूध में 250 ग्राम पानी  मिला कर धीमी आंच पर पकाये, फिर इसमें एक चम्मच अर्जुन का चूर्ण डाल कर उबले जब पक कर आधा रह जाए तो इसे उतार लें । जब पीने लाायक हो जाएं तो छाान कर रोगी को पिलाएं । इससे सारे हृदय रोग ठीक हो जाते है। और हार्ट अटैक का खतरा नहीं रहता ।

  • अर्जुन पेड़ की छाल के चूर्ण कप्पड़ छान किया हुआ का प्रभाव इंजेक्शन से भी अधिक होता है। इस चूर्ण को जीभ पर रख कर चूसते ही रोग कम हो जाता है । यह प्रयोग बहुत ही लाभकारी होता है । हृदय की धड़कन तेज हो व नाड़ी की गति धीमी हो तो इस नुस्खे को रोगी की जीभ पर रखने से ही नाडी में शक्ति पैदा हो जाती है । इस प्रयोग का फायदा स्थाई होता है ।


2. हृदय की धड़कन में अर्जुन के पेड़ के फायदे (Arjun ke ped ki chhal ke fayde):



  • अर्जुन पेड़ (Arjun ka ped) की छाल का बारीक चूर्ण  की एक चम्मच की मात्रा को एक कप मलाई रहित दूध के साथ नियमित रूप से सुबह शाम सेवन करने से हृदय के अनेक रोगों में लाभ मिलता है । इससे हृदय की कमजोरी दूर होती है, हृदय बलवान होता है व दिल की धड़कन ठीक हो जाती है ।

  • यदि हृदय की धड़कन बहुत बड़ जाए तो एक चम्मच अर्जुन की छाल का चूर्ण को एक गिलास टमाटर के रस में मिलाकर पीने से शीघ्र ही धड़कन समान्य हो जाती है । इसका  सेवन कुछ दिन नियमित रूप से करना है।

  • गेहूं का आटा 20 ग्राम ले कर इसको 30 ग्राम गाय की घी में भुने जब यह गुलाबी हो जाए तो इसमें 3 ग्राम अर्जुन की छल का चूर्ण व मिश्री 40 ग्राम तथा 100 ग्राम पानी डाल कर पकाएं जब हलुआ तैर हो जाए तो इसका सेवन नित्य सुबह करे । इसका सेवन करने से धड़कन, घबराहट, व हृदय की पीड़ा में आराम मिल जाता है ।

  • Arjun ki Chaal के चूर्ण से बना हलुआ उच्च रक्तचाप में भी फायदेमंद है । उच्च रक्तचाप के कारण हृदय में जो सूजन हो जाती है, उसको दूर करता है ।


अर्जुन के पेड़ की छाल के अन्य फायदे(Arjun ke ped ki chhal ke fayde):


Arjun ki chal
Arjun ki chhal

1. मुहपाक में अर्जुन का लाभ (Arjun ke Labh):




मुंह पक गया हो तो अर्जुन की जड़ का चूर्ण में मीठा तेल मिला कर कुल्ला करने से मुखपाक ठीक हो जाता है


2. कान दर्द में अर्जुन पेड़ के फायदे (arjun ped ke fayde):




अर्जुन के पत्ते के रस को कान में डालने से कान के दर्द में आराम मिल जाता है ।


3. बादी के रोग में फायदा करता है अर्जुन का पेड़ ( Arjun ped ke fayde) :




अर्जुन के जड़ की छाल व गंगेरण की जड़ की छाल के चूर्ण की दो - दो ग्राम मात्रा को मिला कर सुबह शाम फंकी मारने से व ऊपर से दूध लेने से बादी कि समस्या दूर हो जाती है ।



4. रक्त अतिसार में अर्जुन की छाल का चूर्ण (Arjun ki chhal ka churn):



अर्जुन की छाल का 5 ग्राम चूर्ण को 250 ग्राम गाय के दूध में डाल कर इसमें 250 मिली ली. पानी मिलाए, और इसे हलकी आग पर पकाएं, जब पक कर आधा रह जाए तो इसे उतार ले, जब यह गुनगुना हो जाए तो इसमें 10 ग्राम मिश्री अथवा शक्कर मिलाकर रोगी को नित्य सुबह पिलाने से रक्त पित्त व रक्त अतिसार में लाभ करता है, इस नुस्खे से हृदय रोग में भी फायदा होता है ।


5. चोट में अर्जुन का पेड़ (Arjun ke fayde):



अर्जुन के जड़ के कारण की एक चम्मच फंकी दूध के साथ लेने से चोट व रगड़ लगने के कारण नील पड़ जाता है में लाभ मिल जाता है ।


विशेष:



अर्जुन की छाल चूर्ण (Arjun ki chhal ka curn) तथा अर्जुन की छाल (Arjun ki chhal) उच्च रक्तचाप व हृदय रोग में अत्यंत लाभकारी है , यह हार्ट अटैक व दिल की धड़कन में बहुत ही उपयोगी है । ऊपर बताए फायदे के आलावा यह जीर्ण ज्वर, मूत्र के रोग, व कुष्ठ रोगी में भी लाभकारी है । अर्जुन का पेड़ (Arjun ka Ped) के उपयोग को देखते हुए  इसके महत्व को समझा जा सकता है । गंभीर रोग में इसका उपयोग किसी वैध की सलाह से करे। क्योंकि इस लेख लिखने का मूल उद्देश्य लोगो को आर्युवेद के प्रति जागरूक करना है । उम्मीद करता हूं आप को यह लेख पसंद आया होगा ।

धन्यवाद ।




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