Tuesday, March 26, 2019

गठिया वात, लीवर रोग, पेट रोग में अमर बेल के 5 घरेलू उपयोग ( Amarbel ke upyog)

अमर बेल के उपयोग - amarbel ke upyog



अमर बेल को आकाश बेल के नाम से भी जाना जाता है । इस लेख में आपको अमर बेल के उपयोग ( amarbel ke upyog) के बारे में बताने जा रहे हैं । जिससे आप गठिया वात, लिवर के रोग, पेट रोग का उपचार घरेलू नुस्खों से कर सकते है । अमर बेल एक परजीवी दूसरे पेड़ पर आश्रित पौधा है । बेर व करोंदे के पेड़ पर विशेष रूप से फैली रहती है । जिस पौधे पर ये आश्रित रहती है वह पौधा धीरे धीरे सूख जाता है ।




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अमर बेल



आकाश बल्ली पीली, कोमल व थोड़ी हरी होती है । इसके फल बिना व्रंत के सफेद रंग के होते हैं । आकाश बेल के फल उरद के आकर के होते हैं । अमर बेल आंखों के रोगो का नाश करती है । हृदये के लिए लाभदायक, पित्त कफ व आमवत नाशक होती है । आकाश बल्ली बलकराक भी होती है । इसका वैज्ञानिक cuscuta reflexa Roxb. नाम है ।



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इसको अलग अलग भाषा में निम्न नामो से जाना जाता है ।



हिंदी     - अमर बेल, आकाश बेल



संस्कृत  - आकाश बल्ली



मराठी   - निर्मुली



बंगाली  - आलोक लता, स्वर्ण लता



गुजरती - अकास बेल



तेलगु    - नुलू तेगा 



अमर बेल के टोटके ( amar bel ke totke)




गठिया बाई की दवाई (gathiya bai ki dawai ):




आकाश बेल का बफारा  देने से गठिया वात  का दर्द व सूजन तुरंत दूर हो जाती है । इसके बाद इसी पानी से नहा कर शरीर को तौलिए से अच्छी तरह से पौंछ लें, तथा घी का थोड़ा अधिक सेवन करें।




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आकाश बेल



2. पेट के रोग में अमर बेल के फायदे (amar bail ke fayde):




  • आकाश बेल का 1/२ किलो स्वरस निकालकर इसका सुबह शाम सेवन करने से वात रोग व पेट के दर्द में आराम मिल जाता है । आकाश बेल अगर सूखी अवस्था में हो तो आकाश बेल का चूर्ण 1 ग्राम व मिश्री 1 किलो  दोनों को मिलाकर मंद आग पर पकाएं व इसका शर्बत तैयार कर लें । इसकी 2 ग्राम मात्रा में बराबर मात्रा में पानी मिलाकर सुबह शाम पिया जा सकता है।



  • आकाश बेल को उबालकर पेट पर बांधने से डकारें आना बंद हो जाती हैं ।


3. अमर बेल के लिवर में उपयोग (amarbel ke upyog):




  • 5 से 10 मिली ग्राम अमरबेल का स्वरस सेवन करने से यकृत वृद्धि के कारण हुई कब्ज व ज्वर में फायदा करता है ।



  • अमरबेल का काढ़ा 40 से 50 ग्राम पीने से यकृत वृद्धि में लाभ मिलता है ।


4. बालों के रोग में अमर बेल के फायदे ( amar bail ke fayde) 




  • 50 ग्राम अमर बेल को कूट कर 1 किलो पानी में पकाकर इससे बाल धोने से बाल नहीं झड़ते हैं, रूसी नहीं होती है, बाल चमकदार व सुंदर होते हैं ।



  • आकाश बेल को तिल के तेल के साथ पीस कर सिर में लगाने से बालों की जड़े मजबूत होती हैं व गंजापन दूर होता है ।



Amar bel
अमर बेल





5. अमर बेल के अर्श में उपयोग (amarbel ke upyog):




अमर बेल के स्वरस की 10 ग्राम मात्रा में कालीमिर्च का चूर्ण 5 ग्राम मिलाकर इसे अच्छी तरह से घोट कर रोज सुबह पिलाने से 2 से 3 दिन में खूनी व बादी दोनों तरह की बवासीर ठीक हो जाती है । अमर बेल के उपयोग से पेट भी साफ़ हो जाता है  शरीर के अन्य अंगों की सूजन भी उतार जाती है ।


विशेष:




इस लेख में हमने आप को अमर बेल के औषधीय एवम् घरेलू उपयोग ( amar bel ke upyog) तथा अमर बेल के फायदे ( amar bail ke fayde) के बारे में वर्णन किया है, इसके अलावा आकाश बेल के और भी उपयोग हैं । यह मस्तिष्क के विकारों में भी फायदा करता है । अमर बेल के स्वरस के दस  से 20 ग्राम मात्रा को प्रातः जल के साथ सेवन करने से मस्तिष्क विकार में लाभ होता है ।




आकाश बेल बालवर्धक भी होती है । इसके लिए 10 ग्राम अमर बेल को कुचल कर साफ़ बारीक कपड़े में बांध कर आधा किलो गाय के दूध में लटका कर हलकी आग पर पकने दें । जब दूध 2/3 रह जाये तो ठंडा करके  इसमें मिश्री मिलाकर पीने से कमजोरी दूर हो जाती है । इस समय ब्रह्मचर्य से रहना आवश्यक है । अमर बेल का लेप खुजली वाले स्थान पर करने से खुजली दूर हो जाती है । अमर बेल का उपयोग ( amarbel ke upyog से कमजोरी में  अत्यधिक फायदे होते है ।



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