Friday, 26 April 2019

लौंग के फायदे एवम् उपयोग (Laung ke Fayde evam Upyog)

लौंग के फायदे एवम् उपयोग:


इस लेख में आपको लौंग के फायदे एवम् उपयोग के बारे में बताने जा रहे हैं । लौंग की उत्पत्ति का मूल स्थान मलक्का द्वीप कहलाता है । लेकिन इसकी पैदावार भारत में दक्षिण भारत में केरल व तमिलनाडु में की जाती है । इसकी फूल व कलियां जब सूख जाती हैं तो इसको बाजार में लौंग के नाम से बेचा जाता है । लौंग के फूल बैंगनी रंग के व खुशबूदार होते हैं । लौंग को लवंग के नाम से भी जाना जाता है । आम तौर से लौंग का उपयोग मसाले के रूप में किया जाता है लेकिन इस लेख में आपको लौंग के फायदे व उपयोग के बारे में बताने जा रहे हैं ।


लौंग का वैज्ञानिक नाम है  syzygium aromaticum है ।  इसको छेत्र के अनुसार अलग  अलग नामों से जाना जाता है ।


Laung in english : Clove

संस्कृत : लवंड, देवकुसुम

हिंदी    : लौंग, लवंग

तेलगु   : कारावल्लू

बंगाली : लवंग

गुजरती: लवंग



लौंग के गुण (Cloves in hindi):



1. लौंग नेत्र के लिए लाभ दायक, कड़वी, ठंडी, चरपरी, रूचिकारक, पाचक, होती है ।


2.यह प्यास, वमन, पित्त, अफरा, श्वास, हिचकी, आदि रोगों को समाप्त करती है ।


3. लौंग का तेल वातनशक,अग्निवर्धक, कफ तथा दांत के दर्द का नाश करती है ।


4. लौंग खाने से भूख बढ़ती है, आमाशय की क्रियाशीलता को बढ़ाकर भोजन में रुचि उत्पन्न करता है ।


5. लौंग पेशाब खुलकर लाती है ।


6. लौंग मुंह की दुर्गं दूर करती है, व इसका तेल शरीर की दुर्गन्ध व दर्द को दूर करती है ।


7. लौंग पेट के कृमि को नष्ट करत है ।


8. यह चेतन शक्ति को जागृत करती है।

लौंग
लौंग



लौंग के औषधीय प्रयोग (Laung ke aushdhiye prayog):



1. कफ में लौंग के उपयोग (Kuf men Laung ke Upyog):



दो ग्राम लौंग को कूट कर इसको 125 मिली. पानी में उबाल लें, जब चौथा बहाग बाकी रह जाए  तो इसे आग से उतर कर छान लेवें, और इसको गरम ही पी लेवें । यह कफ निकालने की उत्तम औषधि है।



2. दमा में लौंग के फायदे (Dama me Laung Ke Fayde):



लौंग, आंकड़े के फूल तथा काला नमक बराबर मात्र में लेकर, चने के बराबर गोली बनाकर चूसने से दमा व श्वास नली के रोग दूर होते हैं ।


3. पेट के रोग में लौंग के फायदे (Laung Ke Fayde):



  • खट्टे दाकर हों अथवा बदहजमी हो तो लौंग , सौंठ, मिर्च पीपल अजवायन सभी की 10 -10 ग्राम मात्रा व 50 ग्राम सेंधा नमक, 50 ग्राम पीपली, 50 ग्राम मिश्री, इसका चूर्ण बनाकर चीनी मिट्टी के बरतन में रख कर नींबू का रस डाल कर तर कर लेवें, फिर इसे धूप में सूखा कर एयरटाइट डिब्बे में रख लेवें, भोजन के बाद इसके एक चम्मच का सेवन करने से बदहजमी, व खट्टे डकार आना बंद हो जाते हैं । मुंह का स्वाद अच्छा होकर भूख खुलकर लगती है ।


  • अजीर्ण व अम्ल रोग के लिए लौंग, अजवायन, सौंठ की 10 - 10 ग्राम मात्रा व सेंधा नमक 12 ग्राम सब को पीस कर चूर्ण बना लें, भोजन के बाद इसकी डेढ़ ग्राम मात्रा पानी के साथ सेवन करें ।


  • लौंग के दरदरे चूर्ण की 10 ग्राम मात्रा को आधा किलो उबलते हुए पानी में डालकर ढक दें, फिर इसे आधे घंटे बाद छान लें, इस जल की 25 से 50 ग्राम मात्रा दिन में तीन बार पीने से अपच दूर होती है व अग्नि प्रदीप होती है ।




4. अन्य उपयोग (Other Uses of Clove in Hindi):



  • लौंग को तांबे के बरतन में पीसकर इसको शहद में मिलाकर आंखों में अंजन करने से आंखों के सफेद भाग के रोग दूर हो जाते हैं ।


  • clove को मुंह में रखकर चूसने से मुंह की दुर्गन्ध दूर होती है ।


  • इसके के 2 से 4 नग पीसकर इसमें मिश्री मिलाकर पीने से हृदय की जलन समाप्त हो जाती है ।

Laung
Laung


  • 3 से 4 नग लौंग को आग पर भून कर, इसे पीस कर शहद मिलाकर चाटने से कुकुर खांसी में लाभ होता है


  • लौंग के चूर्ण एक ग्राम को मिश्री की चासनी या अनार के जूस में मिलकर चाटने से गर्भवती महिला को उल्टी होना बंद हो जाती है ।


  • दस ग्राम हल्दी व 5 से 6 लौंग को पीस कर लगाने से नासूर ठीक होता है ।


  • लौंग 2 नग व आधा ग्राम अफीम को पानी के साथ पीसकर गरम करके माथे पर लगाने से सिरदर्द ठीक हो जाता है ।


लौंग में यूजेनॉल नमक तत्व होता है, जो दांत दर्द जैसी स्वास्थ्य संबंधी बिमारियों को ठीक करने में सहायता करता है । लौंग की तासीर भी गर्म होती है, इसीलिए सर्दी में बहुत लाभदायक है । पेट दर्द के अलावा सिर दर्द ठीक करने में भी सहायक है लौंग । इसके लिए जब सिर में दर्द हो तो दर्द निवारक की जगह एक-दो लौंग गुनगुने पानी के साथ सेवन करें, थोड़ी ही देर में आराम मिल जाएगा। इसका अत्यधिक मात्र में सेवन न करें, इससे लिवर व आंतो में नुकसान पहुंचता है ।


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