Wednesday, 17 July 2019

जामुन के गुण, 8 फायदे, उपयोग तथा हानियां ( Jambul in hindi)

Jamun
jamun


जामुन के 8 फायदे, उपयोग तथा हानियां ( Jambul in hindi):





जामुन को जम्बु फल के नाम से भी जाना जाता है । जामुन का पेड़ अथवा वृक्ष से सभी लोग परिचित होंगे, इसका पेड़ हमेशा हरा रहने वाला अधिकतम 100 फिट ऊंचा व 12 फिट गोलाई तक का होता है । जामुन के फूल हरा रंग लिए सफेद रंग खुशबू दार होते है । इसके पेड़ पर अप्रैल से जून तक फूल आते हैं व जून जुलाई में फल लगते है । जामुन के बीज में  एक उड़नशील तेल, क्लोरोफिल, वसा, राल, एल्ब्यूमिन आदि तत्व पाए जाते है । जामुन की गुठली में मधुमेह निवारक तत्व पाए जाते है । जामुन की छाल में टेनीन नमक पदार्थ पाया जाता है जो कि 12 प्रतिशत होता है तथा एक गोंद भी पाया जाता है ।



जामुन के सभी अंग जामुन के पत्ते, जामुन की लकड़ी, जामुन की छाल, जामुन के फल का गूदा, जामुन की गुठली, आदि सभी औषधीय कामो में उपयोग किए जाते हैं । जामुन का सिरका भी बनाया जाता है ।



जामुन को अंग्रेजी में Jambul, jaman के नाम से जाना जाता है, इसे मराठी में जांभूल, संस्कृत में जंबू, व बंगाली में कलाजाम कहते हैं।



जामुन के गुण (jamun ke gun):




जामुन फल अग्निवर्धक, पितशामक, स्तंभन, पाचन तथा लिवर को उत्तेजित करने वाला होता है । जामुन वातवर्धक भी होता है । जामुन की गिरी पाचन शक्ति को बढ़ाती है साथ ही यह रक्त एवम् मूत्र में उपस्थित शर्करा को नियंत्रित करती है । इसके अलवा जामुन का उपयोग मधुमेह, दांत के रोग, बवसीर, अतिसार, मुंह के छाले, पथरी रक्तपित्त आदि रोगों में किया जाता है ।


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जामुन के औषधीय फायदे (Jamun ke aushdhiye fayde):



1. मधुमेह में जामुन का फायदे (Jamun ke fayde):




  • जामुन के बीज का चूर्ण 300  मिली ग्राम से एक ग्राम तक दिन में तीन बार लेने से मूत्र में शक्कर का आना बंद हो जाता है ।


  • जामुन की जड़ सौ ग्राम जड़ को 250 ग्राम पानी में पीस कर इसमें 20 ग्राम मिश्री डालकर सुबह शाम भोजन से पहले सेवन करने से मधुमेह में फायदा होता है ।


  • पुष्ट जामुन पके हुए 250 ग्राम को उबलते हुए पानी में डालकर कुछ देर के लिए उबालें, इसे उतार कर ठंडा करें, फिर फलों को मसलकर कप्पड़ छान कर दीं में तीन बार सेवन करने से मधुमेह में फायदा होता है ।


  • जामुन के छाल की राख की 2 से 3 ग्राम की मात्रा का दिन में तीन बार सेवन करने से पेशाब में शक्कर आना रुक जाती है । यह मधुमेह के लिए एक अच्छी औषधि है ।


2. दांत रोग में जामुन के फायदे (Jamun ke fayde):



  • जामुन के पत्ते की राख बनाकर दांतों व मसूड़ों पर रगड़ने से  फायदा होता है । व दांत मजबूत होते हैं ।


  • पके हुए जामुन के रस को मुंह में भर कर कुल्ला करने से दांतों का पायरिया ठीक हो जाता है ।




3. अर्श में जामुन का उपयोग (Jamun ka upyog ):



  • दस ग्राम जामुन के पत्ते को दो सौ पचास ग्राम गए के दूध में में घोटकर दिन में तीन बार सत दिन तक पीने से  अर्श में फायदा होता है ।


  • इसकी कोमल कोपलों के रस की बीस ग्राम मात्रा में थोड़ी सी शक्कर मिलाकर सेवन करने से अर्श में रक्त का आना रुक जाता है ।


4. पथरी में जामुन के फायदे ( Jamun ke fayde):




  • पके हुए जामुन लगातार कुछ दी खाने से गुर्दे की पथरी गलकर बाहर निकल जाती है ।


  • जामुन के 10 से 15 पत्तों का कल्क बनाकर इसमें 2 से 3 कालीमिर्च का चूर्ण छिड़क सुबह शाम कुछ दी सेवन करने से पथरी के टुकड़े होकर मूत्र द्वारा बाहर निकाल जाते हैं ।


  • जामुन के फल के दस ग्राम रस में 250 मिली ग्राम सेंधा नमक  मिलाकर दिन में दो बार लगातार कुछ दी सेवन करने से  गुर्दे की पथरी मूत्र मार्ग से बाहर हो जाती है । पथरी का यह असर दायक प्रयोग है ।

जामुन फल
जामुन


5. दस्त में जामुन के प्रयोग (Jamun ke prayog):




  • जामुन की गुठली खाने से दस्त में आराम मिलता है । आम की गुठली व कली हरड़ को बराबर मात्रा में भून कर खाने से दस्त में लाभ मिलता है ।


  • इसके ताजे कोमल पत्ते के रस के पांच से दस ग्राम रस में 10 ग्राम बकरी का दूध मिलाकर सेवन करने से अतिसार तथा आम वात में फायदा होता है ।


6. यकृत विकारों को दूर करता है जामुन:




जामुन के दस ग्राम सिरका रोज खाने से यकृत व तिल्ली की वृद्धि में फायदा होता है । यह फल सौम्य होता है, इसमें लोहे के अंश पाए जाते हैं जो शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है।


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7. मुंह के छाले में जामुन का उपयोग (Jamun ka upyog):




जामुन के 5 से 6 ताजा पत्ते जो मुलायम हों को पीस कर इसमें पानी मिलाकर कुल्ला करने से मुंह के भयंकर से भयंकर छाले भी ठीक हो जाते हैं ।


Jamun ka fal


8. जामुन खाने के नुकसान (Jamun khane se hania):




जामुन का पाचन देर से होता है । इस फल को खाने से पेट व फेफड़ों को हानियां होती हैं । यह कफ को बढ़ाता है।  इससे फेफड़ों में वायु भर जाती है । इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से भुखार आने की संभावना रहती है । जामुन को जब भी खाएं तो नमक मिलकर ही खाएं ।


विशेष:



हृदेय की धड़कन को सामान्य करने के लिए जामुन के फल का प्रयोग किया जाता है । इसे खाने से रक्त विकार दूर होकर फॉडे फुंसियां निकलना बंद हो जाते हैं । जामुन पित्त तथा अतिसार संबंधित रोग नष्ट होते है । जामुन गले के लिए बहुत फायदेमंद होता है, इससे गला साफ होता है । जामुन का शरबत पीने से उल्टी, दस्त, तथा बवासीर में लाभ मिलता है । तंग जुता पहनने से अथवा जुता काटने से पैर में जख्म हो जाता है तो जामुन की गुठली को पीस कर पैर में लगने से घाव भर जाता है ।

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