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29 दिसंबर 2019

क्या आप जानते है, सर्दी का वायरल संक्रमण क्या होता है और इसके उपाचार क्या है

वायरल संक्रमण क्या होता है - viral sankrman kya hota hai


वायरल इंफेक्शन के लक्षण (viral infection ke lakshan)



सामान्यतः सर्दी में वायरल संक्रमण (viral infection in hindi)  होता है, जो गले, नाक को प्रभावित करता है। इस रोग में बीमारी के लक्षण आमतौर पर दो या तीन दिन बाद शुरू होते हैं जब व्यक्ति वायरस के संपर्क में आ चुका होता है और इसमें बंद नाक, सिरदर्द, खांसी, छींक, गले में खराश और कभी-कभी बुखार होता है।


यह लक्षण दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक बने रह सकते हैं, वर्तमान में, इस वायरल संक्रमण का कोई पूर्ण असरकारक चिकित्सा उपचार नहीं है, लेकिन आम सर्दी के लिए कई घरेलू उपचार हैं। आइए आपको इस बारे में बताते हैं ।


वायरल संक्रमण


सर्दी के दिनों में वायरस की वजह से बुखार, सर्दी, खांसी, गले में इन्फेक्शन, छाती में संक्रमण, न्यूमोनिया का खतरा ज्यादा हो जाता है। कॉमन कोल्ड या जुकाम, नाक बंद होना, छींके आना इसमें आम बात होती है । इसके फैलने का कारण वातावरण में उपस्थित वायरस है जो एक-दूसरे में सांस और वायु द्वारा, छींकने और खांसने पर फैलता है।


बच्चों में वायरल संक्रमण (viral infection in hindi) की वजह से डायरिया होने का खतरा बहुत रहता है। कभी-कभी यह बड़ों को भी होता है। मुंह और नाक के द्वारा यह वायरस शरीर के अंदर पहुंचता है ।


सर्दी के वायरल संक्रमण के घरेलू नुस्खे( viral infection in hindi) 



यह खुद पर निर्भर करता है कि हम कैसे खुद को अंदर से मजबूत बना सकते हैं, और कैसे बीमारियों का सामना करने के लिए अपने को मजबूत बना सकते हैं । सर्दी खांसी की बीमारी कमजोर रोग प्रतिरोधक छमता के कारण होती है । इस लिए अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना काफी आवश्यक है ।


बीमारियों से लडने में अमर खान पान भी काफी मायने रखता है । वायरल इनफेक्शन के दौरान सूप, अदरक शहद, और नींबू का सेवन करना महत्व पूर्ण है । प्रतिदिन योग और प्राणायाम भी करते रहना आवश्यक है । इससे बचाव के लिए निम्न उपाय करना आवश्यक है ।

1. तरल पदार्थों का सेवन करें


जब कभी भी कोई बीमार होता है तो बहुत से तरल पदार्थ पीने की आवश्यकता होती है  इस व्यक्ति हाइड्रेटेड रहता है । ठंड में वायरस नाक के क्षेत्रों पर हमला करता है जिससे शरीर से बलगम को बाहर निकालती है । तरल पदार्थ पीने से बलगम पतला रहता है इसलिए यह आसानी से अपने आप बाहर निकाल जाता है।


ग्रीन टी, ताज़े नींबू का रस, और पानी की भरपूर मात्रा लेने की कोशिश करें। अल्कोहल, कॉफ़ी और सोडा से बचें क्योंकि ये तरल पदार्थ शरीर को हाइड्रेशन से रोकते हैं।


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2. व्यायाम वायरल संक्रमण नियंत्रित करता है 


शारीरिक गतिविधि या व्यायाम नाक के रास्ते को खोलने और कंजेशन को तोड़ने में सहायता कर सकता है, और यह आपको बेहतर नींद में भी सहायता कर सकता है।  बुखार या जो लोग शरीर के दर्द का सामना कर रहे हैं उनके अंदर वायरल की संभावना रहती हैं, इससे पहले कि वायरल संक्रमण हो व्यायाम करते रहे ।


3. अदरक और नींबू की चाय पीने से वायरल संक्रमण ठीक करता है


नींबू और अदरक की चाय पिएं, इस चाय में पुदीना भी डाल ले तो और उत्तम होगा।
अदरक जुकाम के लिए अतिउत्तम है। यह न केवल आपके चाय में स्वाद बढ़ता है, बल्कि इसमें ठंड से त्रस्त शरीर के लिए फायदेमंद भी है, इसमें शक्तिशाली सूजन-रोधी गुण भी होते हैं। अदरक सिर दर्द को कम करने, संक्रमण से लड़ने और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में सहायता कर सकता है।


अदरक की चाय पीने से जुकाम या फ्लू से पीड़ित लोगों को फायदा होता है। अदरक गले में खराश को दूर करने में सहायता करता हैं और यह राइनोवायरस को भी मार सकता है। अदरक आपकी खांसी के लिए भी अच्छा है। अपनी अदरक की चाय में नींबू, या शहद मिला कर भी पाया का सकता है।


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4. गर्म पानी से स्नान करना  वायरल संक्रमण में लाभदायक है


गर्म पानी से स्नान करने से वायरस समाप्त तो नहीं होता है, लेकिन यह जुकाम से जुड़े परेशानी वाले लक्षणों को दूर करने में सहायता करता है।  यदि आपको सिरदर्द है, तो एक गर्म पानी से स्नान इस दर्द को कम कर सकता है ।


5. गरम पानी की अफरा लें


गर्म भाप का अफ़ारा लेने से, छाती के कंजेशन को कम करने में सहायता मिलती हैं। यह प्रक्रिया आपके नाक मार्ग को भी साफ करती है, जिससे सांस लेने में आसानी होती है। भाप लेने से मांसपेशियों में दर्द से राहत और नींद में सुधार होता हैं।


6. आराम अवश्य करें


आराम करना एक असरकारक तरीकों में से है। कभी-कभी, यह सिर्फ आपके शरीर को स्वस्थ करने के लिये पर्याप्त हो सकता है। यदि संभव हो तो, एक या दो दिन की छुट्टी लें, काम के तनाव के कारण ठीक होने में रुकावट आ सकती है। कम से कम आठ घंटे की नींद अवश्य लें, और समय पर सोने का प्रयास करें।


वायरल संक्रमण के अन्य आयुर्वेदिक नुस्ख (viral throat infection in hindi)


  • एक कप पानी में 5 से 6 पत्ते तुलसी के उबालकर दिन में 2 से 3 बार पीने से जुकाम से राहत मिलती है एवम् गले की खराश दूर होती है और वायरल संक्रमण कम होता है ।

  • खांसी और गले में खराश होने पर आधा चम्मच अदरक के रस में आधा चम्मच शहद मिला कर दिन में तीन बार चाटने से आराम मिलता है ।

  • तीन चार लोग को पीस कर या गर्म कर दूध में डाल कार सोते समय पीने से जुकाम तथा खांसी ठीक होता है ।

  • एक चम्मच शहद दो चुटकी कालीमिर्च के पाउडर मिला कर दिन में 3 से चार बार चाटने से गला साफ होता है और वायरल इंफेक्शन ( viral infection in hindi) में सुधार होता है ।

  • आधे गिलास ग्राम पानी में एक चुटकी हल्दी एक चुटकी सेंधा नमक, तीन चार बूंद नींबू का रस डाल कर  दिन में 3 से चार बार लेने से जुकाम में बहुत आराम मिलता है ।


आशा करते हैं वायरल संक्रमण से संबंधित यह लेख वायरल संक्रमण क्या होता है - infection in Hindi और इसके उपाय, आप को अवश्य पसंद आया होगा अगर पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर करें ।


धन्यवाद ।


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