Friday, April 03, 2020

कब्ज के रोग में इसबगोल का उपयोग कैसे करें (how to use isabgol for constipation in hindi)

कब्ज के रोग में इसबगोल का उपयोग कैसे करें - how to use isabgol for constipation  in hindi




यहां आप को इसबगोल की भूसी का उपयोग - uses of isabgol in hindi के बारे में बताने जा रहे हैं । इसबगोल की भूसी का सामान्यता प्रयोग किया जाता है जो कि प्लांटैगो ओवेटा के बीज से प्राप्त होती है । इस पौधे के पत्ते लंबे और संकरे होते हैं और इसमें लगभग 70 प्रतिशत घुलनशील फाइबर और 30 प्रतिशत अघुलनशील फाइबर पाए जाते  हैं ।




इसबगोल का पौधा एशिया, भूमध्य सागरीय क्षेत्र और उत्तरी अफ्रीका में मूल रूप से पाए जाते है । यह वजन घटाने के लिए एक उत्तम औषधि के रूप में जाना जाता है, यह पाचनतंत्र से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, इसबगोल की भूसी के फायदे की सूची, स्वास्थ्य लाभ में बहुत लंबी है।


isabgole ki bhusi
Isabgol ki bhusi

इसबगोल को विभिन्न नामों से जाना जाता है । इसबगोल को इंग्लिश में spogel seeds  के नाम से जाना जाता है ।




संस्कृत - अश्व कर्ण



हिंदी।   - इसबगोल



गुजराती - जीरू



मरांठी।  - इसंबगोंल



पंजाबी  - इसपगोल



फारसी। - अस्पगोल



तेलगु - हस्पगोल




इसबगोल के फायदे ( isabgol ke fayde)




जिन लोगों को कब्ज या पेट की समस्या, खराब पाचन जैसी समस्या रहतीं हैं, उनके लिए इसबगोल एक आसान, प्राकृतिक उपाय है। इसबगोल की तासीर ठंडी होती है, इसे कब्ज़, पेचिश और आँत के रोगों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।इसबगोल पेट की आँतों में फंसे मल को निकाल कर पेट साफ़ करता है।



वैसे तो इसबगोल को पेट साफ़ करने में सबसे उत्तम माना जाता है, पर इसबगोल का उपयोग और भी बहुत हैं ।







इसबगोल की भूसी का उपयोग कैसे करें(how to use isabgol in hindi)





इसबगोल की भूसी को दो-तीन घंटे एक कप पानी में डालकर छोड़ दें। जब यह अच्छी तरह से फूल जाए फिर इसे खूब घोलकर इसमें जरुरत भर चीनी मिला लें। इसके बाद इसका सेवन करें।




1. कब्ज के रोग में इसबगोल का उपयोग कैसे करें  (how to use isabgol for constipation  in hindi)





इसबगोल का उपयोग कब्ज को दूर करने के लिए लंबे समय से एक रेचक के रूप में किया जाता रहा है। इसबगोल में उपस्थित अघुलनशील फाइबर मल को नरम और विस्तारित करने में मदद करता है, जिससे आंत के स्वास्थ्य में सुधार होता है। एक गिलास गर्म दूध में दो चम्मच ईसबगोल मिला कर इसका सेवन कुछ हफ्तों तक रोज रात को सोने से पहले करने से फायदा होता है ।




2. कोलेस्ट्रॉल में इसबगोल की भूसी खाने के फायदे ( isabgol ki bhusi ke fayde)





स्वास्थ्य जानकारों के अनुसार, ईसबगोल के रक्त से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायता करता हैं। यह आंतों के अंदुरूनी भाग में एक पतली परत बनाता है,  जो भोजन से कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकता है और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।




3. वजन घटाने में इसबगोल के फायदे (isabgol ke fayde in hindi)





ईसबगोल का सेवन करने के बाद आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे और अधी खाने की इच्छा नहीं होती है। इसबगोल की भूसी को पानी और नींबू के रस के साथ मिलाकर सुबह खाली पेट उपयोग करने से वजन कम करने में सहायता मिलती है।




3. दस्त में इसबगोल का उपयोग ( dysentery me isabgol ka upyog)





जब इसबगोल की भूसी का दही के साथ सेवन किया जाता है, तो इसबगोल ढीले मल को टाइट कर राहत दिलाने में एक असरकारक उपाय के रूप में काम करता है। इसबगोल में उपस्थित फाइबर दस्त से पीड़ित रोगी को अच्छी तरह से पतले मल को सख्त करने में मदद करता है।




अमिबिक पेचिस में 100 ग्राम इसबगोल की भूसी में 50 ग्राम सौंफ व 50 ग्राम मिश्री मिलाकर इसकी 2 से 3 चम्मच की मात्रा दिन में दो बार सेवन करने से लाभ होता है ।







4. गॉल ब्लैडर की पथरी में इसबगोल खाने के फायदे ( isabgol khane ke fayde in hindi)




इसबगोल का प्रतिदिन सेवन गॉल ब्लैडर में पथरी बनने से रोकने में सहायता करता है ।साथ ही बवासीर के रोग में मलत्याग करते समय होने वाले असहनीय पीड़ा को भी इसबगोल का सेवन कम करने में असरकारक है।


5. पाचन में इसबगोल खाने के फायदे (digestion me isabgol khane ke fayde in Hindi)





इसबगोल में उपस्थित फाइबर पेट में आंतों के माध्यम से भोजन को पचाने के लिए मार्ग को साफ करके आंत्र संकुचन को नियमित करने में मदद करता है। दो चम्मच ईसबगोल को एक गिलास छाछ में मिलाकर रात को सोने से पहले सेवन कर सकते हैं।




6. दांत दर्द में इसबगोल का उपयोग (isabgol ka upyog in hindi)





इसबगोल की भूसी सिरके में डुबोकर संक्रमित दांत पर लगाने से दांत के दर्द में आराम मिलता है।


Isabgol ki bhusi



7. एसिडिटी में इसबगोल की भूसी खाने के फायदे ( acidity me isabgol ki bhusi khane ke fayde)




यदि आप अम्लता से पीड़ित हैं, तो इसबगोल से नियंत्रित किया जा सकता है। यह आंत में परत बनाकर पेट को  एसिडिटी से बचाता है।




इसबगोल एक प्रभावकारी आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे पाचन सम्बन्धी विभिन्न प्रकार के रोगों में बहुत लाभकारी माना जाता है। इसबगोल एक पौधे ‘प्लेंटेगो ओवेटा’ और ‘प्लेंटेगो सीलियम’ के बीजों से प्राप्त होता है। इसके बेहतरीन गुणों के कारण इसबगोल को पेट से जुडी कई तरह की परेशानियों में बहुत कारगर माना जाता है।



8. ब्लड शुगर में इसबगोल का उपयोग  - isabgoli bhusi ka upyog




इसबगोल मधुमेह रोगियों के लिए बहुत ही असर कारक है क्योंकि इसमें जिलेटिन होता है जो शरीर में ग्लूकोज के टूटने और अवशोषण को धीमा करने में सहायता करता है। इस तरह यह शरीर में रक्त शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करने में सहायता करता है।







9. अल्सर में इसबगोल की भूसी का उपयोग (isabgol ki bhusi ka upyog )




इसबगोल का नियमित सेवन करने से यह पेट में बने अल्सर के ऊपर एक सुरक्षित लेयर बना देता है, जिसके कारण तीखा खाना खाने का कोई बुरा असर अल्सर पर नहीं पड़ पाता।




10. पेशाब में जलन की समस्या में इसबगोल की भूसी खाने के फायदे (isabgol ki bhusi khane ke fayde)




अगर आप पेशाब में जलन की समस्या रहती हैं तो एक गिलास पानी में चार चम्मच इसबगोल की भूसी एक चम्मच चीनी के साथ सेवन करने से फायदा होता है।



इस तरह कृतिक औषधि पेट के कई रोगों में रामबाण का काम करती है। विशेष रूप से  आँतों से मल निकालकर पेट हल्का और साफ़ करने में इसबगोल से बेहतरीन कोई उपाय नहीं है।




इसबगोल के नुक़सान :




यह औषधि प्रसूता के लिए नुक़सान दायक है, इसबगोल के बीज को पीसने के लिए मना कर जाता है, क्यों की इससे नुक़सान होने की संभावना रहती है ।




इस लेख में खास तौर में कब्ज के रोग में इसबगोल का उपयोग कैसे करें  (how to use isabgol for constipation  in hindi ) एवम् इसबगोल के फायदे व नुक़सान का वर्णन किया गया है, उम्मीद करते हैं कि यह लेख आप को पसंद आया होगा ।


धन्यवाद ।



________________________

Popular post