यूरिक एसिड घरेलू उपचार - uric acid gharelu upchar - Godesihealth

नवंबर 01, 2020

यूरिक एसिड घरेलू उपचार - uric acid gharelu upchar

जिन आहार का हम लोग सेवन करते हैं उन्हीं से ही यूरिक एसिड शरीर में बनता है। यूरिक एसिड का अधिकतर भाग गुर्दे के द्वारा फिल्टर हो जाता है एवम् मूत्र के द्वारा शरीर से बाहर को निकल जाता है। अगर यूरिक एसिड शरीर में अधिक बन रहा हो या किडनी सही से फिल्टर नहीं कर पा रही हो तो खून में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है। कुछ समय बाद यह यूरिक एसिड हड्डियों में एकत्रित हो कर गाउट की समस्या पैदा कर देता है। 


Uric acid ka gharelu ilaj


आज के समय में यूरिक एसिड की मात्रा का शरीर में बढ़ना एक आम बात हो गई है।सामान्यत यूरिक एसिड यूरिन के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है लेकिन कभी कभी यह शरीर में ही जमा होकर बढ़ने लगता है। जिसकी वजह से पैरों के जोड़ों में दर्द, सूजन उत्पन्न हो जाती है, अंगुलियों में तीव्र दर्द का अहसास हो तो जल्द से जल्द चिकित्सक से सलाह ले लेना चाहिए। नहीं तो यह एक गम्भीर रोग का कारण बन सकता है। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से गठिया रोग, जोड़ों में दर्द, सूजन जैसी गंभीर समस्या हो सकती हैं।


यूरिक एसिड क्या है - What is uric acid



यूरिक एसिड बढ़ने से वात तथा रक्त एक साथ कुपित होते हैं। जिस कारण बढ़े हुए दूषित रक्त के द्वारा वायु का मार्ग अवरोधित हो जाता है। तथा शरीर में रुकी हुई वायु पूरे रक्त को गन्दा कर देती है। यही दूषित रक्त धीरे-धीरे पैरों में एकत्रित हो जाता है, यह वायु के साथ मिलकर वातरक्त रोग उत्पन करता है। आम तौर पर यूरिक एसिड का स्तर महिलाओं में 2.6 to 6.0 mg/dl तथा पुरुषों में 3.4 to 7.0 mg/dl होता है। मूत्र में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से गाउट के होने की संभावना बढ़ जाती है। गाउट के रोग के कारण जोड़ों में दर्द की समस्या होती है। 





यूरिक एसिड होने का कारण - Causes of Uric Acid



वैसे तो लोग ये माना जाता हैं  कि जो हम खाते हैं उसके कारण यूरिक एसिड बढ़ता है लेकिन इसके अलावा और भी बहुत से कारण है, जिनकी वजह से यूरिक एसिड बढ़ता है । चलिये इसके बारे में जान 0लेते हैं ।


>जब किसी कारण से किडनी खराब हो जाती हैं तो किडनी की  फिल्ट्रेशन की क्षमता कम हो जाती है, जिससे यूरिया, यूरिक एसिड में परिवर्तित होकर हड्डियों के बीच जमा हो जाता है। जिससे हड्डियों में दर्द होने लगता है ।


>भोजन में प्यूरिन की मात्रा ज्यादा होने की वजह से भी यूरिक एसिड ज्यादा बढ़ता है।


> जो व्यक्ति अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन करते हैं उनका यूरिक एसिड भी बढ़ता है।


>शरीर में आयरन की मात्रा की उपस्थिति अधिक होने से भी यूरिक एसिड बढ़ता है।


>जिन व्यक्तियों को उच्च रक्तचाप की समस्या रहती है, उनका यूरिक एसिड भी बढ़ता है।


>जिन लोगों का थायराइड अनियंत्रित होता है, उनका यूरिक एसिड बढ़ जाता है।


>यूरिक एसिड बढ़ने का एक कारण मोटापा भी माना जाता है।



यूरिक एसिड बढ़े होने के लक्षण - symptoms of uric acid in Hindi



यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण निम्नलिखित हैं ।


> पैरों के जोड़ों में दर्द का होना । पैर की एडियों में दर्द का होना ।


> जोड़ों में सुबह तेज दर्द कम या ज्यादा होना ।एक जगह पर देर तक बैठने के बाद उठते समय पैरों की एड़ियों अत्यधिक दर्द होना। फिर कुछ समय बाद धीरे धीरे दर्द सामान्य हो जाना है।पैरों, जोड़ों, अंगुलियों, गांठों में सूजन होना।



> शुगर का स्तर बढ़ जाना ।यह रोग जोड़ों, विशेषत छोटे जोड़ों से प्रारम्भ होता है। हाथ और पैर की अंगुलियों में या अंगूठे में तीव्र दर्द के साथ रोग की शुरुआत होती है।


 > कभी - कभी बुखार का हो जाना ।


> अत्यधिक प्यास का लगना ।


> शरीर में कपकपी होना ।


> जोड़ों में लाल पन व सूजन का हो जाना ।




यूरिक एसिड कम करने के उपाय -How to control uric acid in hindi



असंतुलित भोजन और खराब जीवनशैली के कारण भी यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या उत्पन्न होती है। इसके लिए अपने जीवनशैली और भोजन में परिवर्तन लाकर यूरिक एसिड के स्तर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।


> जिन व्यक्तियों का यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा हो, उन्हें अधिक प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए ।


> मांसाहारी लोगो को आंतरिक अंग जैसे कलेजी, गुर्दा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। ट्राउट, टूना जैसी मछलियों, केकड़ा, झींगा जैसे समुद्री जीवों का सेवन भी नही करना चाहिए।


> शुगर वाले पेय पदार्थ या जिन फलों के जूस में शुगर की मात्रा अधिक होती है, उन्हें नहीं पीना चाहिए ।


> सभी प्रकार के फल यूरिक एसिड की समस्या में फायदेमंद होते हैं। चेरी फ्रूट यूरिक एसिड के स्तर को कम कर सूजन व दर्द कम करने में भी सहायता करता है।


> एसिड के रोगी व्यक्ति को सभी प्रकार के सूखे मेवे का सेवन करना चाहिए।


> साबुत अनाज में ओट्स, ब्राउन राइस और जौ आदि का सेवन करना चाहिए ।


>कम वसा वाले सभी डेयरी उत्पाद यूरिक एसिड के रोगियों के लिए लाभदायक होते हैं


> यूरिक एसिड के मरीजों को अण्डा कॉफी,चाय और ग्रीन-टी का सेवन करना चाहिए।


यूरिक एसिड घरेलू उपाय - uric acid home remedies in hindi


1. नींबू द्वारा यूरिक एसिड का घरेलू उपचार


नींबू पानी का सेवन यूरिक एसिड में बहुत ही फायदेमंद होता है। नींबू में विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह छारिए प्रभाव पैदा करता है जिससे यूरिक एसिड का स्तर कम हो जाता है। सुबह उठकर गुनगुने पानी के एक गिलास में नींबू निचोड़कर सेवन करें।





2. बेकिंग सोडा द्वारा यूरिक एसिड का उपचार - baking soda helps to reduce uric acid



एक गिलास पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोड़ा घोलकर दो सप्ताह तक सेवन करने से यूरिक एसिड का लेवल कम हो जाता है।


3. एप्पल सिडार यूरिक एसिड को कम करता - apple cider help to reduce uric acid level 


सेब का सिरका भी कईं बिमारियों को दूर करने में प्रयोग होता है। एक गिलास पानी में दो चम्मच सेब का सिरका मिलाकर दिन में दो बार दो सप्ताह तक सेवन करने से यूरिक एसिड का स्तर कम होता है।


4. बथुआ द्वारा यूरिक एसिड घरेलू उपचार 


बथुआ के पत्तों का रस निकालकर सुबह निहार मुंह इसका सेवन करें। इस जूस को पीने के बाद दो घण्टे तक कुछ भी न खाएँ। एक सप्ताह तक इस जूस का सेवन करने से यूरिक एसिड का स्तर सामान्य हो जाता है।


5. पानी यूरिक एसिड के लेवल को कम करता है 


शरीर को हाइड्रेट रखकर यूरिक एसिड के स्तर को कम किया जा सकता हैं। शरीर में पानी का उचित मात्रा यूरिक एसिड को बाहर निकालने में सहायता करता है। इसलिए थोड़ी-थोड़ी देर में थोड़ा थोड़ा पानी पीते रहना चाहिए।


6. जैतून के तेल से यूरिक एसिड का इलाज


जैतून के तेल में बना भोजन, शरीर के लिए फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन-ई तथा अनेक पोषक तत्व होते हैं जो यूरिक एसिड को कम करने में मदद करता हैं।




7. अश्वगंधा यूरिक एसिड के लेवल को नियंत्रित करता है ।


एक चम्मच अश्वगन्धा पाउडर को एक चम्मच शहद में मिलाकर एक गिलास गुनगुने दूध के साथ पीने से यूरिक एसिड नियंत्रित होता है। ध्यान रहे, गर्मियों में अश्वगन्धा का सेवन सीमित मात्रा में करें।


8. कच्चा पपीता यूरिक एसिड कम करने में सहायक है


एक कच्चा पपीता काटकर बीजों को अलग करने के बाद पीस बनालें। फिर इसको 2 लीटर पानी में 5 मिनट तक उबालें। इस पानी को ठण्डा करके छान लें और फिर दिन में 2 से 3 बार सेवन करें।


9. अजवाइन द्वारा यूरिक एसिड का घरेलू उपचार


जवाइन में अनेक ऐसे तत्व होते हैं जो यूरिक एसिड की मात्रा को सीमित करते हैं। अजवाइन में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो इस बीमारी के कारण होने वाली सूजन को कम करने में सहायता करते है। गठिया के रोगी के लिए भी इसका सेवन करना फायदेमंद होता है। यूरिक एसिड के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द और अन्य समस्याओं से छुटकारा दिलाता हैं ।


अजवाइन का पानी भी यूरिक एसिड के मरीजों के लिए फायदेमंद है। अजवाइन को एक गिलास पानी में भिगो दें और रात भर भीगा रहने दें। सुबह खाली पेट इस पानी का सेवन करने से यूरिक एसिड का स्तर नियंत्रित होता है।


10. अदरक द्वारा यूरिक एसिड का घरेलू उपचार


अदरक में उपस्थित तत्व गठिया के कारण होने वाली सूजन और दर्द से राहत दिलाने में सहायता करता है। इसमें एंटी-इंफ्लामेट्री और एंटी-ऑक्सीडेंट्स गुण होते हैं जो यूरिक एसिड को सीमित रखने में सहायक होता है। अदरक का उपयोग काढ़ा, चाय के रूप में भी कर सकते हैं। 


11. लहसुन भी यूरिक एसिड को कम करने का एक उपाय 


लहसुन शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को नियंत्रित करता है । यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए इसे सबसे असरदार उपाय माना जाता है। नियमित रूप से लहसुन की एक – दो कलियां प्रतिदिन खाने से इसके स्तर को नियंत्रित किया का सकता है ।


12. यूरिक एसिड कम करने के अन्य घरेलू उपाय


>अलसी का बीज यूरिक एसिड के लेवल को नियंत्रित करते है । भोजन के आधे घण्टे पश्चात अलसी के बीज को चबाकर खाने से राहत मिलती है।


>पानी का प्रतिदिन सेवन करने से यूरिक एसिड घटाने में मदद मिलती है।


>दो से तीन छोटी इलायची लें और उसको पानी के साथ मिलाकर खाएँ। एसा करने से यूरिक एसिड की मात्रा कम हो जाती है।


>यूरिक एसिड को कंट्रोल में रखने और कम करने के लिए प्याज का सेवन करें।


>प्रतेक दिन नियमित रूप से लहसुन की दो से तीन कलियां खाने से यूरिक एसिड का स्तर नियंत्रित होता है ।


>विटामिन 'सी' से भरपूर फलों का सेवन यूरिक एसिड कम करने में  अत्यंत लाभदायक होता है। इसके  अलावा चेरी, ब्लू बेरी जैसे फलों के जूस, शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में सहायता करता है। 


>फाइबर युक्त आहार का सेवन भी बढ़े हुए यूरिक एसिड को कम करने में सहायता करता है। 


वसा युक्त आहार और अधिक मीठे खाद्य एवं पेय पदार्थों का सेवन यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में बाधा उत्तपन करता है। यूरिक एसिड बढ़ने पर शराब और नशे वाली चीजों का सेवन करना नुकसान दायक होता है।

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