Sunday, 1 September 2019

दालचीनी, दालचीनी के फायदे ( dalchini, dalchini ke fayde)

dalchini
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दालचीनी ( dalchini in hindi)



इस लेख में हम आपको दालचीनी के फायदे (dalchini ke fayde) के बारे में बताने जा रहे हैं । दालचीनी के बारे में लगभग सभी लोग जानते होगे, यह रसोई में प्रयोग होने वाला  एक मसाला है । दालचीनी मन को खुश करने वाली होती है । दालचीनी सभी तरह के दोषों को दूर करती है। यह पेशाब और  मासिक धर्म ठीक से होने में फायदे करती है। यह धातु को पुष्ट तथा पागलपन को दूर करने में सहायता करती है। दालचीनी का तेल सूजन तथा दर्द को शांत करता है। सिर दर्द के लिये यह बहुत ही उत्तम औषधि है ।



दालचीनी से तेल भी बनता है। दालचीनी, साबुन, दांतों के मंजन, चाकलेट, सुगंध व उत्तेजक पदार्थो  के रूप में प्रयोग की जाती  है। दालचीनी, स्तम्भक, कीटाणुनाशक, वात हर और उल्टी रोकने वाली, पेट की गैस से छुटकारा दिलाने वाली होती है। चाय, काफी में दालचीनी डालकर पीने से स्वादिष्ट हो जाती है तथा जुकाम में भी फायदे होते  है। दालचीनी की तासीर गर्म होती है ।



दालचीनी का पेड़ कैसा होता है



दालचीनी का पेड़ मुख्यता हिमाचल प्रदेश, श्रीलंका, व मालदीप में पैदा होती है । इस का हमेशा हरा रहने वाला वृक्ष 20 से 25 फिट ऊंचा होता है । इसके पत्ते 4 से 7 इंच लंबे होते हैं । इसकी पत्ती को हाथ से रगड़ने पर थिखी गंध आती है । इसका स्वाद थोड़ा कड़वा होता है । दालचीनी के फूल गुच्छों में दुरगंध युक्त होते हैं । दालचीनी के फल लंबे अंडाकार, गहरे बैंगनी रंग के होते हैं । फल को तोड़ने पर इसके अंदर से दालचीनी की गंध आती है । दालचीनी के पेड़ की छाल रूखी भूरे रंग की 5 एमएम मोटी होती है । दालचीनी के पत्ते तेजपात के रूप में प्रयोग किए जाते हैं ।





दालचीनी के रासायनिक संगठन



दालचीनी की छाल में प्राय:आधे से 1 प्रतिशत तेल पाया जाता है । शुरू में यह हल्के पीले रंग का होता है लेकिन रखने के बाद लाल रंग का हो जाता है । दाल चीनी की पत्ती में भी एक प्रकार का तेल होता है । दालचीनी के बीज में 33 प्रतिशत एक तेल पाया जाता है, यह रंगहीन व कपूर जैसी गंध आती है ।



दालचीनी का वैज्ञानिक नाम है Cinnamomum Zeylanicum Bl,यह Lauraceae कुल का पौधा है । इसे अंग्रेजी Cinnamon में के नाम से जानते हैं।


संस्कृत - दरूसिता, गुड़तवक, चोंच,

हिंदी    - दालचीनी

बंगाली - दरूचनी

मराठी - पुहरचक

गुजराती - तज, बालची

पंजाबी  - दालचीनी

तेलगु   - वक्कल

फारसी - दारचिनी

अरबी  - दारसीनी


दालचीनी के प्रकार



दालचीनी तीन प्रकार की होती है ।


1.  इसको C. cassia  के नाम से जाना जाता है । यह चीन से आती है, यह मोटी छाल की होती है


2.  इसका नाम इसका Cinnamomum sp इसको भारत  में लंका से मंगाया जाता है । यह चीन से मंगाई जाने वाली दालचीनी से पतली छाल की होती है । यह थोड़ी मीठी तथा काम तीखी होती है ।


3. इसका Cinnamomum tamal  नाम है । यही दालचीनी मसाले के रूप में घरों में प्रयोग की जाती है । यह मोटी, कम तीखी, इसी के पत्ते का प्रयोग तेजपात के रूप में किया जाता है । यह भारत में ही पाई जाती है । भारत व चीन की दालचीनी को तज कहते है । तज में तेल नहीं पाया जाता है ।


Dalchini chhal
Dalchini



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दालचीनी खाने के क्या फायदे हैं



1. दालचीनी एवम् दूध के फायदे (dalchni evam doodh ke fayde in hindi )




  • जिन लोगों को रात में नींद न आने की परेशानी होती है उन्हें सोने से पहले दालचीनी वाला 1 गिलास दूध का उपयोग अवश्य करना चाहिए । इससे नींद अच्छी आती है।


  • दालचीनी में ऐेसे ऐसे तत्व  होते हैं जो शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में मधुमेह के रोगी के लिए दालचीनी वाला दूध काफी फायदे करता है।



  • दालचीनी वाला दूध पीने से पाचन सुदृढ होता है और पेट में अम्लता नहीं रहती है । ऐसे में जिन लोगों को खाना सही से नहीं पचता है उन्हें हर रोज दालचीनी सेवन अवश्य करना चाहिए। हड्डियां मजबूत करने में दालचीनी के फायदे होते हैं। जो लोगों को गठिया की समस्या से जूझ रहे है उन्हें नियमित रूप से दालचीनी व दूध का सेवन करना चाहिए।



  • दालचीनी पाउडर त्वचा में बहुत फायदे ही फायदे करता है। दालचीनी वाला दूध पीने से दालचीनी का एंटी- बैक्टेरियल गुण त्वचा और की कई परेशानियों से बचाता है।



2. पेट रोग में दालचीनी के फायदे ( dalchini ke fayde in hindi)




  • पांच ग्राम दालचीनी के चूर्ण में एक चममच शाह मिलाकर, दिन में तीन बार लेने से अतिसार, अफ़ारा, तथा ग्रहणी रोग में दालचीनी खाने के फायदे होते है ।



  • पेट दर्द एवम् उल्टी होने पर इसमें दालचीनी के तेल की 5 से 10 ग्राम मात्रा को मिश्री के साथ मिलाकर सेवन करने से पेट के रोग में फायदे होते है ।



  • अगर दस्त हो गए हों तो 4 ग्राम दालचीनी , कत्था 10 ग्राम दोनो को एक साथ पीसकर इसमें 250 ग्राम उबलता हुए पानी डालकर डाक दें, दो घंटे बाद इसे छान कर दो भाग कर रोगी को पिलाने से दस्त में फायदे होते हैं ।



  • पित्त के कारण होने वाली उल्टी में 10 से 20 ग्राम दालचीनी का क्वाथ पिलाने से वमन में फायदा होता है ।



  • अगर पेट की आंत में खींचाव हो जाए तो दालचीनी का तेल पेट पर मलने से आंत का खीचाव ठीक हो जाता है ।



  • अतिसार होने पर दालचीनी के चूर्ण की 2 से 5 ग्राम को बेल गिरी के शरबत में मिलाकर सुबह शाम दो बार पीने से अतिसार में फायदे होते है ।



  • दालचीनी का चूर्ण 750 मिली ग्राम व 500 मिलीग्राम कत्था दोनों को मिलाकर जल के साथ फंकी दिन में तीन बार लेने से लेने से दस्त में फायदा होता है ।



  • अमाशय में ऐठन हो जाए तो दालचीनी इलायची और तेजपत्ता बराबर मात्रा में लेकर इसका क्वाथ बना लेवें, इस दालचीनी क्वाथ का सेवन करने से अमाशय की ऐठन दूर होती है ।



  • दालचीनी एवम् लौंग को बराबर मात्रा में लेकर इसका क्वाथ बनाकर सेवन करने से वमन में फायदा होता है ।


Dalchini



3. मधुमेह में दाल चीनी के फायदे (dalchini ke fayde )



दालचीनी कैल्शियम बहुत ही उत्तम स्रोत है। दालचीनी शुगर को सन्तुलित करने के लिए एक बहुत अच्छी दावा है, इसलिए इसे आर्थिक रूप से काजोर व्यक्ति का इंसुलिन भी कहा जाता  हैं। दालचीनी खाने का स्वाद तो बढ़ाती है, बल्कि यह शरीर में उपस्थित रक्त शर्करा को भी नियंत्रित करता है। इसका सेवन करने वाला व्यक्ति मधु मेह से बचा रहता हैं और  साथ ही जो मधुमेह के रोगी हैं वे इसके उपयोग से रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित कर सकते है।



  • कप पानी में दालचीनी पाउडर को उबालकर, छानकर रोजाना सुबह पियें। इसे कॉफी में भी मिलाकर पी सकते हैं। इसे सेवन करने से मधुमेह में  फायदे होते हैं ।



  • एक कप पानी में दालचीनी चूर्ण को उबालकर, छानकर रोजाना सुबह पीने से मधुमेह में फायदे होते है । दालचीनी पाउडर को कॉफी में भी मिलाकर पी सकते हैं ।



  • नित्य तीन ग्राम दालचीनी का सेवन करने से न केवल रक्त में शर्करा की मात्रा कम होती है, बल्कि खुल कर भूख भी लगती है, पिसी हुई दालचीनी चाय में एक चुटकी मिलाकर रोज दिन में दो तीन बार पीने से मधुमेह की बीमारी में फायदा मिलता है। दालचीनी का पानी पीने से से रक्त में शर्करा के स्तर में कमी की जा सकती है।


4. कोलेस्ट्रॉल को कम करने में दालचीनी के फायदे ( dalchini ke fayde )



एक चम्मच शहद व तीन चम्मच दालचीनी चूर्ण एक कप पानी में मिलाकर प्रतेक दिन दो से तीन बार सेवन करने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल को मात्रा काम होती है ।


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5. जोड़ो के दर्द में दालचीनी का पेड़ (dalchini ka ped)



दालचीनी के चूर्ण की 10 10 से 20 ग्राम मात्रा को 20 से 20 ग्राम शहद के साथ मिलकर पेस्ट बना लें, दर्द वाले स्थान पर हलकी मालिश करने से फायदा होता है । इसके साथ एक चम्मच शहद 2 ग्राम दालचीनी का चूर्ण को एक कप गुनगुने जल में मिला लें, इसको दिन में सुबह दोपहर व शाम को तीन बार लें ।


6. चर्मरोग में दालचीनी के फायदे (dalchini  ke fayde in hindi)



खुजली, फोड़े फुंसी, दाद होने पर दालचीनी पाउडर को शहद के साथ मिलकर रोग ग्रसित भाग पर लगाने से आराम मिलता है ।


7. दांतदर्द में दालचीनी का पेड़ (dalchini ka ped)





  • दांत में दर्द होने पर दालचीनी का तेल का फत दांतो पर लगाने से दांत दर्द में आराम मिलता है ।



  • दालचीनी के पत्ते यानी तेजपात के 5 से 6 एनजी पीस कर मंजन करने से दांत दर्द में आराम मिलता है ।

Dalchini


8. सिरदर्द में दालचीनी के फायदे (dalchini ke fayde)




  • दालचीनी के तेल को माथे पर लगाने से सर्दी के कारण हुआ सिरदर्द ठीक हो जाता है ।



  • अगर जुकाम के कारण सिर में दर्द हो तो दालचीनी को घिस कर गरम करके मांथे पर लेप लगाना चाहिए ।



  • दालचीनी के पत्ते यानि टेजपात के साथ से दस पत्ते पीस लेप बनाकर  कर कपाल पर लगाने से सर्दी और गर्मी के कारण हुआ सिरदर्द ठीक हो जाता है ।


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9. ज्वर में दालचीनी के फायदे ( dalchini ke fayde)



सर्दी के कारण हुए वायरल बुखार में पांच ग्राम दालचीनी में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह, दोपहर, शाम तीनों समय सेवन करने से ज्वर में फायदे होते है ।


दालचीनी के नुकसान ( dalchini ke nuksan)



दालचीनी का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, गरम प्रकृति वाले लोगो को इसका सेवन नहीं करना चाहिए, इससे इन लोगो के सिरदर्द पैदा हो जाता है । गर्भवती महिलाओं को भी दालचीनी सेवन नहीं करना चाहिए, इससे गर्भ गिरने की संभावना रहती है । इस लिए दालचीनी ( dalchini ) का उपयोग सही मात्रा में ही करें । सीमित मात्रा में सेवन करने से ही फायदे होते हैं ।


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Monday, 19 August 2019

टमाटर के 10 फायदे एवम् उपयोग

lal tamatar, Tomato in hindi
Tamater


टमाटर के फायदे   (Tamato benefit in hindi):



इस लेख  में आपको टमाटर खाने के फायदे एवम् उपयोग के बारे में बताने जा रहे हैं । टमाटर को एक सब्जी माना जाता है,  जबकि वास्तव में यह एक फल हैं। चाहे आप इसे फल  कहें या सब्जी, टमाटर एक पोषण शक्ति का भंडार है, और जब आप इसे अपने भोजन में शामिल करते है, तो आपको टमाटर खाने के फायदे (Tamatar khane ke fayde) बहुत सारे मिल सकते हैं ।



इनमें विटामिन ए, सी, और के, फोलेट और पोटेशियम के साथ-साथ थियामिन, नियासिन, विटामिन बी 6, मैग्नीशियम, फास्फोरस और तांबे की अच्छी मात्रा होती है, जो कि अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं ।


सबसे अच्छी बात यह है कि टमाटर स्वाभाविक रूप से सोडियम, sachurated fat, कोलेस्ट्रॉल और कैलोरी में कम होते हैं। टमाटर का प्रयोग सलाद और सैंडविच में व सब्जियों के लिए ग्रेवी के रूप में और सॉस और सूप में किया जाता हैं ।


1. त्वचा के स्वस्थ में टमाटर खाने के फायदे (Tamater khane ke fayde) :



  • टमाटर का नियमित खाने से आपकी त्वचा को अच्छा बनाने में सहायता करता है । टमाटर में लाइकोपीन होता है, जो एक एंटीऑक्सिडेंट होता है, जो त्वचा को सूरज की धूप से बचाने में सहायता  करता है । यह पराबैंगनी प्रकाश से नुकसान के लिए त्वचा को सक्षम बनाता है, चेहरे पर  लाइनों और झुर्रियों को दूर करता है ।


  • इसके अलावा, टमाटर का उपयोग  मुँहासे और चकत्ते को ठीक करने या मामूली जलने का इलाज करने के लिए किया जा सकता है । सुस्त त्वचा पर टमाटर का गूदा रगड़ना एक स्वस्थ चमक को पुनर्जीवित करने का एक आसान तरीका है ।





2. हड्डियों के स्वास्थ्य में टमाटर खाने के फायदे (Tamatar khane ke fayde in hindi) :



  • टमाटर आपकी हड्डियों के लिए अच्छा है क्योंकि उनमें विटामिन के और कैल्शियम की उपस्थिति होती है। ये दोनों तत्व हड्डियों को मजबूत और मरम्मत के लिए उपयुक्त हैं।


  • एंटीऑक्सिडेंट लाइकोपीन को हड्डी के घनत्व में सुधार करने के लिए भी  उपयोगी है, जो ऑस्टियोपोरोसिस से लड़ने का एक अच्छा स्रोत है, यह वह बीमारी है जो हड्डी के फ्रैक्चर, विकलांगता और विकृति का कारण बन सकती है ।


3. दृष्टि में सुधार में टमाटर के फायदे (tamatar ke fayde):



  • टमाटर में विटामिन ए और सी की उच्च मात्रा आपकी दृष्टि को बेहतर बनाने और रतौंधी को होने से बचाता है।


  • मोतियाबिंद के वृद्धि में टमाटर खाने के फायदे होते हैं । यह मोतियाबिंद के खतरे को कम कर सकता हैं । साथ ही, टमाटर में फाइटोकेमिकल एंटीऑक्सिडेंट ज़ेक्सैन्थिन, ल्यूटिन और लाइकोपीन होते हैं। ये सभी यौगिक आंखों को नुकसान से बचाते हैं ।


Tamatar ka ped, Desi Tamatar
Tamatar ka ped

4.बालों झड़ने की समस्याओं टमाटर के फायदे ( benefit of tomato in hair loss in Hindi ):



  • टमाटर आपके बालों को भी बेहतर बना सकता है। टमाटर में मौजूद विटामिन (विशेष रूप से विटामिन ए) और आयरन बालों को मजबूत बनाने के साथ-साथ सुस्त, क्षतिग्रस्त और बेजान बालों में चमक बढाने में मदद करते हैं।


  • इसके अलावा, टमाटर में अम्लता आपके बालों में पीएच स्तर को संतुलित करने में मदद करती है ।


  • यदि आपके खुजली व रूसी है, तो बस शैम्पू करने के बाद अपने खोपड़ी और बालों पर ताजा टमाटर का रस लगा लें, इसे चार से पांच मिनट के लिए छोड़ दें और फिर ठंडे पानी से धो लें।


नोट: अपने बालों पर नियमित रूप से टमाटर का उपयोग न करें, क्योंकि उनकी अम्लता आपके बालों में खुश्की कर सकता है।


5. ब्लड शुगर लेवल को कम करने में टमाटर खाने के फायदे ( Tamatar khane ke Fayde) :



  • डायबिटीज के मरीजों के ब्लड शुगर लेवल को कम करने के लिए टमाटर एक अच्छा स्रोत है। इनमें बहुत कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो मूत्र के ग्लूकोज स्तर को नियंत्रित करने में सहायता करता है।


  • टमाटर क्रोमियम का एक बहुत अच्छा स्रोत हैं जो रक्त शर्करा, साथ ही फाइबर को नियंत्रित करने में सहायता करता है, जो रक्त शर्करा के स्तर को बहुत अधिक होने से रोकने में सहायक है।


  • अनेक अध्ययनों से मालूम चला है कि टमाटर में उपस्थित एंटीऑक्सिडेंट गुर्दे और रक्तप्रवाह को सुरक्षा प्रदान करते हैं, मधुमेह से प्रभावित दो क्षेत्रों ।





6. प्रोस्टेट कैंसर में टमाटर के फायदे (Tomato benefit in hindi) :



  • नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि अधिक टमाटर खाने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है । इस लिए टमाटर का सेवन सीमित मात्रा में करें, इससे बालों में फायदे होते हैं ।


  • यह फेफड़े, पेट, गर्दन, मुंह, ग्रसनी,  बड़ी आंत, छोटी आंत, मलाशय और डिम्बग्रंथि के कैंसर जैसे अन्य कैंसर के खतरे को भी कम करने में टमाटर खाने के फायदे होते हैं । ऐसा मुख्य रूप से टमाटर में उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट 'लाइकोपीन' के कारण होता है .


7. वजन को नियंत्रित करने में कच्चा टमाटर खाने के फायदे ( kachha Tamatar khane ke fayde) :



  • टमाटर आपको वजन कम करने में भी फायदा कर सकता है । टमाटर में  वसा में बहुत कम मात्रा में होता हैं और कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है । इनमें बहुत सारा पानी और फाइबर होता है, इसलिए ये बहुत सारे कैलोरी के बिना आपके पेट को भरने को भरने का काम करता हैं ।


  • इसलिए, यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो अपने खाने में बहुत सारे टमाटर शामिल करें । आप टमाटर कच्चा खा सकते हैं या सलाद, सैंडविच और अन्य भोजन में शामिल कर सकते हैं ।


8.  अनिद्रा में टमाटर के फायदे (tomato benefit in hindi) :



  • पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के पेरेलमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन के एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग अधिक लाइकोपीन का सेवन करते हैं, वे उन लोगों की तुलना में बेहतर नींद का आनंद लेते हैं, जो नहीं करते हैं । (टमाटर में लाइकोपीन की अच्छी मात्रा होती है)


  •  अपने आहार में विटामिन सी के उच्च स्तर से नींद को बढ़ा सकते हैं और टमाटर विटामिन सी का एक बड़ा स्रोत हैं। इसलिए, यदि आप ठीक से नहीं सो रहे हैं, तो रात के खाने के समय टमाटर का सूप या टमाटर के साथ सलाद खाने की प्रयास करें। इससे नींद आने में फायदे होते हैं ।



9. ब्लड प्रेशर में टमाटर खाने के फायदे (Tamatar khane ke fayde):



  • टमाटर, पोटेशियम में भरपूर मात्रा में नी हैं, निम्न रक्तचाप को कम करने में टमाटर खाने का फायदा होता हैं । यह पाया गया है, कि आपके आहार में पोटेशियम की कमी होने पर रक्तचाप बढ़ सकता है, खासकर यदि आप बहुत अधिक सोडियम का सेवन करते हैं। पोटेशियम आपके शरीर से सोडियम को कम करने में सहायता करता है।


  • सिर्फ एक कप ताजा टमाटर में पोटेशियम की आपकी दैनिक आवश्यकता का 11.4 प्रतिशत होता है, इसलिए अधिक टमाटर खाने से उच्च रक्तचाप से लड़ने और विभिन्न हृदय स्थितियों के खतरे को कम करने का एक शानदार तरीका है।


  • इसी समय, टमाटर में लाइकोपीन, विटामिन ए और सी, फाइबर और कैरोटीनॉयड जैसे शक्तिशाली पोषक तत्व होते हैं, जो हृदय रोग के खतरे को कम करने का काम करते हैं।


10. क्रॉनिक दर्द में टमाटर के फायदे ( Tamatar ke fayde) :



बायोफ्लेवोनॉइड्स और कैरोटेनॉइड जैसे एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंटों की उपस्थिति के कारण टमाटर खाने से पुराने दर्द को भी कम करने में फायदा करता है। जो लोग नियमित रूप से हल्के से मध्यम दर्द से पीड़ित होते हैं, उनमें अक्सर सूजन होती है। सूजन कम करने से दर्द में आराम मिलेगा।


अगली बार जब आप खरीदारी कर रहे हों, तो अपनी टोकरी में टमाटर डालना न भूलें। चाहे ताजा, स्टू, रसदार, शुद्ध या धूप में सुखाया हुआ हो, टमाटर खाना स्वस्थ रहने का एक आसान और स्वादिष्ट तरीका है ।


इस लेख में टमाटर के फायदे (Tamatar khane ke fayde) के बारे में वर्णन किया गया है, आशा करते हैं यह लेख आपको अवश्य पसंद आया होगा । पसंद आए तो शेयर जरूर करें ।

धन्यवाद ।


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Tuesday, 6 August 2019

इमली खाने के फायदे जानकर दंग रहे जाएंगे ( Imli khane ke fayde)

इमली खाने के फायदे ( Imli khane ke fayde)


इमली खाने के फायदे ( imli khane ke fayde) व स्वास्थ्य लाभ के बारे में जानकारों द्वारा अच्छी तरह अध्ययन किया गया है, कि यह पूरे शरीर में सूजन को कम करने, दृष्टि में सुधार, श्वसन तंत्र को ठीक करने, त्वचा रोग  को ठीक करने और पाचन तंत्र में सुधार की क्षमता रखता है ।


इमली खाने से हृदय के स्वास्थ्य में सुधार, बवासीर के इलाज और परजीवियों और कृमियों से बचाने के लिए, कोलेस्ट्रॉल को कम करने में फायदा कर सकता है।

इमली का वैज्ञानिक नाम Tamarindus indica L. है। इमली का पेड़ अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों, विशेष रूप से यह सूडान का मूल निवासी है। हालाँकि, इसकी खेती अपने अद्वितीय स्वाद और पौशक्ता के कारण दुनिया के लगभग सभी क्षेत्रों में फैल गई है।

इमली को निम्न नामों से जाना जा है ।

अंग्रेजी    -  Tamarind

संस्कृत    -  अमलिका

गुजराती  -  आंब्ली

हिंदी       -  इमली

बंगाली    -  तेतुला

मराठी   -   चिंच

फारसी  -  तिमिर हिंदी

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इमली के गुण धर्म:


कच्ची इमली  खट्टी, वतनाशक, पितनाशक, काफनाशक, तथा रुधिर विकारों को हरती है ।

पकी इमली गरम, रूखी, अग्निदीपक, कफ व वात नाशक होती है ।

इमली के बीज प्रमेह नाशक, आमतिसार, व अतिसार में लाभ दायक होती है ।


इमली, इमली के पत्ते
इमली व इमली के पत्ते

इमली खाने के फायदे:


1. अतिसार में इमली के उपयोग (tamarind in hindi):




  • इमली के 10 से 15 पत्ते के रस की की मात्रा को 400 मिली पानी में उबालकर जब चौथा भाग बाकी रह जाय तो इस कवाथ को रोगी को पिलाने से आमतिसर ठीक होता है ।



  • इमली के पत्ते के रस को थोड़ा गरम करके रोगी को पिलाने से भी आमातिसार में लाभ मिलता है ।



  • इमली के बीज की मिंगी का चूर्ण सुबह शाम पानी के साथ फेंकी देने से आमातीसार व अतिसार में फायदा होता है ।



  • पुराने इमली के वृक्ष की जड़ की छल व कालीमिर्च की बराबर मात्रा लेकर दोनो को छाछ के साथ पीस कर मात्र के आकार की गोलियां बना लें ।  इन गोलियों की 1 से 2 नग दिन में तीन बार सेवन करने से आम अतिसार में तुरंत लाभ होता है ।



  • इमली के 12 से 15 ग्राम छिलके तथा 6 ग्राम जीरा व थोड़ी सी ताड़ की शक्कर  लेकर इन तीन को पीस के तीन से चार घंटे के अंतराल पर फेंकी लेने से पुराने से पुराना आमाातिसार ठीक हो जाता है ।



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2. पेट दर्द में इमली खाने के फायदे (imli khane ke Fayde):



इमली की छाल तथा सेंधा नामक को मिट्टी के बर्तन में रख कर जला लें, इसकी 125  मिली ग्राम मात्रा का सेवन करने से पेट दर्द में फायदा होता है ।


Imli, kachhi imli
इमली



3. बहुमूत्र में इमली के बीज के फायदे ( Imli ke beej ke fayde):



इमली के  बीज की 10 ग्राम मात्रा को सुबह पानी में भिगोकर रख दें, शाम के समय इसका छिलका उतार कर इमली कि मींगी का सेवन कर ऊपर से गए का दूध पीने से बहूमुत्र की समस्या ठीक हो जाती है ।


4. लू के असर में इमली का फायदा(Imli ka Fayda):


  • इमली के फल के गूदे को तंदे जल के साथ पीसकर सिर पर लगाने से लू का असर खत्म हो जाता है । यह प्रयोग अगर मुंडे सिर पर किया जाय तो उत्तम है ।


  • पकी इमली को पानी में मसल कर इस पानी में कपड़ा भिगोकर शरीर को कुछ समय तक पौछने से लू में राहत मिलती है व मूर्छा में भी फायदा होता है ।



5. पित्त विकार में इमली के प्रयोग( Imli ke upyog):



  • इमली के कोमल पत्तियों की सब्जी बनाकर खाने से दह तथा पित्त विकार समाप्त होते है ।

  • इमली व मिश्री का शरबत मिलाकर पीने से  हृदेय की जलन समाप्त होती है ।

  • 25 ग्राम छुआरे व 10 ग्र इमली को एक किलो दूध में उबालकर तथा छानकर पीने से जलन व घबराहट समाप्त होती है ।


6. दाद, फोड़े, फुंसियां में इमली खाने के फायदे ( Imli khane ke fayde ):



  •  फोड़े फुंसी इमलीमें इमली के बीज खाने के फायदे होते हैं, बीज की पुल्टिस बनाकर फुंसी पर बांधने से  फुंसी ठीक हो जाती हैं ।

  • दस ग्राम इमली के पत्ते की पुल्टिस बनाकर बांधने से फोड़ा पक कर टूट जाता है ।

  • इमली के बीजों को नीबू के रस को पीसकर दाद पर लगाने से दाद दूर होता है ।



Imli, kachchi imli
Kachhi imli



अन्य प्रयोग:



  • इमली को पानी में घोल कर कुल्ला करने से पित्त के कारण हुआ मुंह पाक ठीक हो जाता है ।


  • इमली के फूलों की पुल्टिस आंखों पर बांधने से  आंखो की सूजन उतर जाती है ।


  • दस ग्राम इमली को 150 मिली पानी में भिगो कर, घोल छान कर शक्कर मिलाकर पीने से सिरदर्द में आराम मिलता है ।


  • पकी हुई इमली का पानी बनाकर पीने से आंतों के घाव ठीक होते हैं व भूख बढ़ती है ।


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विशेष प्रयोग:


पुरानी इमली का गूदा एक किलो को दो किलो जल में भिगोकर, अगले दिन सुबह दो तीन उबले देने के बाद नीचे उतार कर थोड़ा ठंडा होने के बाद मसल कर छान लें, फिर इसमें दो किलो खंड मिलाकर चासनी बना लें । इस गरम चासनी को छानकर ठंडा होने के बाद बोतल में भरकर फ्रिज में रख दें । इस चासनी की 10 से 40 ग्राम मात्रा तीन तीन घंटे बाद सेवन करने से  उल्टी, पित्त, लू, अजीर्ण, तृष्णा, मंदाग्नि व शराब का नशा दूर होता है । इस लेख में इमली खाने के फायदे का वर्णन किया गया है, आशा करते हैं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा ।

धन्यवाद ।


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Wednesday, 17 July 2019

जामुन के गुण, 8 फायदे, उपयोग तथा हानियां ( Jambul in hindi)

जामुन का परिचय:


जामुन को जम्बु फल के नाम से भी जाना जाता है । जामुन का पेड़ अथवा वृक्ष से सभी लोग परिचित होंगे, इसका पेड़ हमेशा हरा रहने वाला अधिकतम 100 फिट ऊंचा व 12 फिट गोलाई तक का होता है । जामुन के फूल हरा रंग लिए सफेद रंग खुशबू दार होते है । इसके पेड़ पर अप्रैल से जून तक फूल आते हैं व जून जुलाई में फल लगते है । जामुन के बीज में  एक उड़नशील तेल, क्लोरोफिल, वसा, राल, एल्ब्यूमिन आदि तत्व पाए जाते है । जामुन की गुठली में मधुमेह निवारक तत्व पाए जाते है । जामुन की छाल में टेनीन नमक पदार्थ पाया जाता है जो कि 12 प्रतिशत होता है तथा एक गोंद भी पाया जाता है ।

जामुन के सभी अंग जामुन के पत्ते, जामुन की लकड़ी, जामुन की छाल, जामुन के फल का गूदा, जामुन की गुठली, आदि सभी औषधीय कामो में उपयोग किए जाते हैं । जामुन का सिरका भी बनाया जाता है ।

जामुन को अंग्रेजी में Jambul, jaman के नाम से जाना जाता है, इसे मराठी में जांभूल, संस्कृत में जंबू, व बंगाली में कलाजाम कहते हैं।


जामुन के गुण (jamun ke gun):


जामुन फल अग्निवर्धक, पितशामक, स्तंभन, पाचन तथा लिवर को उत्तेजित करने वाला होता है । जामुन वातवर्धक भी होता है । जामुन की गिरी पाचन शक्ति को बढ़ाती है साथ ही यह रक्त एवम् मूत्र में उपस्थित शर्करा को नियंत्रित करती है । इसके अलवा जामुन का उपयोग मधुमेह, दांत के रोग, बवसीर, अतिसार, मुंह के छाले, पथरी रक्तपित्त आदि रोगों में किया जाता है ।


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जामुन के औषधीय फायदे (Jamun ke aushdhiye fayde):



1. मधुमेह में जामुन का फायदे (Jamun ke fayde):


  • जामुन के बीज का चूर्ण 300  मिली ग्राम से एक ग्राम तक दिन में तीन बार लेने से मूत्र में शक्कर का आना बंद हो जाता है ।


  • जामुन की जड़ सौ ग्राम जड़ को 250 ग्राम पानी में पीस कर इसमें 20 ग्राम मिश्री डालकर सुबह शाम भोजन से पहले सेवन करने से मधुमेह में फायदा होता है ।


  • पुष्ट जामुन पके हुए 250 ग्राम को उबलते हुए पानी में डालकर कुछ देर के लिए उबालें, इसे उतार कर ठंडा करें, फिर फलों को मसलकर कप्पड़ छान कर दीं में तीन बार सेवन करने से मधुमेह में फायदा होता है ।


  • जामुन के छाल की राख की 2 से 3 ग्राम की मात्रा का दिन में तीन बार सेवन करने से पेशाब में शक्कर आना रुक जाती है । यह मधुमेह के लिए एक अच्छी औषधि है ।

Jamun tree
Jamun 


2. दांत रोग में जामुन के फायदे (Jamun ke fayde):



  • जामुन के पत्ते की राख बनाकर दांतों व मसूड़ों पर रगड़ने से  फायदा होता है । व दांत मजबूत होते हैं ।


  • पके हुए जामुन के रस को मुंह में भर कर कुल्ला करने से दांतों का पायरिया ठीक हो जाता है ।



3. अर्श में जामुन का उपयोग (Jamun ka upyog ):



  • दस ग्राम जामुन के पत्ते को दो सौ पचास ग्राम गए के दूध में में घोटकर दिन में तीन बार सत दिन तक पीने से  अर्श में फायदा होता है ।


  • इसकी कोमल कोपलों के रस की बीस ग्राम मात्रा में थोड़ी सी शक्कर मिलाकर सेवन करने से अर्श में रक्त का आना रुक जाता है ।


4. पथरी में जामुन के फायदे ( Jamun ke fayde):



  • पके हुए जामुन लगातार कुछ दी खाने से गुर्दे की पथरी गलकर बाहर निकल जाती है ।


  • जामुन के 10 से 15 पत्तों का कल्क बनाकर इसमें 2 से 3 कालीमिर्च का चूर्ण छिड़क सुबह शाम कुछ दी सेवन करने से पथरी के टुकड़े होकर मूत्र द्वारा बाहर निकाल जाते हैं ।


  • जामुन के फल के दस ग्राम रस में 250 मिली ग्राम सेंधा नमक  मिलाकर दिन में दो बार लगातार कुछ दी सेवन करने से  गुर्दे की पथरी मूत्र मार्ग से बाहर हो जाती है । पथरी का यह असर दायक प्रयोग है ।

जामुन फल
जामुन


5. दस्त में जामुन के प्रयोग (Jamun ke prayog):



  • जामुन की गुठली खाने से दस्त में आराम मिलता है । आम की गुठली व कली हरड़ को बराबर मात्रा में भून कर खाने से दस्त में लाभ मिलता है ।


  • इसके ताजे कोमल पत्ते के रस के पांच से दस ग्राम रस में 10 ग्राम बकरी का दूध मिलाकर सेवन करने से अतिसार तथा आम वात में फायदा होता है ।


6. यकृत विकारों को दूर करता है जामुन:


जामुन के दस ग्राम सिरका रोज खाने से यकृत व तिल्ली की वृद्धि में फायदा होता है । यह फल सौम्य होता है, इसमें लोहे के अंश पाए जाते हैं जो शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है।


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7. मुंह के छाले में जामुन का उपयोग (Jamun ka upyog):


जामुन के 5 से 6 ताजा पत्ते जो मुलायम हों को पीस कर इसमें पानी मिलाकर कुल्ला करने से मुंह के भयंकर से भयंकर छाले भी ठीक हो जाते हैं ।


Jamun ka fal


8. जामुन खाने के नुकसान (Jamun khane se hania):



जामुन का पाचन देर से होता है । इस फल को खाने से पेट व फेफड़ों को हानियां होती हैं । यह कफ को बढ़ाता है।  इससे फेफड़ों में वायु भर जाती है । इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से भुखार आने की संभावना रहती है ।
जामुन को जब भी खाएं तो नमक मिलकर ही खाएं ।


विशेष:


हृदेय की धड़कन को सामान्य करने के लिए जामुन के फल का प्रयोग किया जाता है । इसे खाने से रक्त विकार दूर होकर फॉडे फुंसियां निकलना बंद हो जाते हैं । जामुन पित्त तथा अतिसार संबंधित रोग नष्ट होते है । जामुन गले के लिए बहुत फायदेमंद होता है, इससे गला साफ होता है । जामुन का शरबत पीने से उल्टी, दस्त, तथा बवासीर में लाभ मिलता है । तंग जुता पहनने से अथवा जुता काटने से पैर में जख्म हो जाता है तो जामुन की गुठली को पीस कर पैर में लगने से घाव भर जाता है ।

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Sunday, 23 June 2019

करी पत्ता के 11 जबरदस्त फायदे , बढ़ सकती है आंखों की रोशनी ( Kadi patta Ke Fayde)

kari patta ka ped
Kadi patte ka ped


करी पत्ता के फायदे, (Curry patta ke fayde)



करी पत्ता (Curry Patta), जिसे ज्यादातर कडी पत्ती (Kadi Patta) के रूप में जाना जाता है, का व्यापक रूप से भारतीय पाक कला में उपयोग किया जाता है । इन सुगंधित पत्तियों से न केवल खाने में सुगंध आती है, बल्कि ये अनेक स्वास्थ्य लाभ से भरी होती हैं। करी पत्ते के बारे में हम में से अधिकांश इनहे सुगंधित पत्तियों के उपयोग को जानते हैं; हालाँकि, ये पत्ते सदियों से अपने औषधीय गुणों के लिए उपयोग में आते हैं ।



करी पत्ते का उपयोग भारतीय घरों में खाने मसालों के रूप में सब्ज़ियों में प्रयोग किया जाता है । जो हमारे स्वास्थ के लिए काफी फायदेमंद होते हैं । इसका का प्रयोग खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है और इस करी पत्ते को मीठी नीम के नाम से भी जाना जाता है । इस लेख में आप को बताने जा रहे हैं कि करी पत्ता उपयोग करने के क्या फायदे हैं ।


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1. करी पत्ते के फायदे बालों के लिए (curry Patta for hair in hindi)



सब पहले आपको बता दें कि की करी पत्तियों के सेवन से हमारे बालों को काफी फायदा मिलता है | करी पत्ता पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिसमें विटामिन, कैल्शियम और फास्फोरस प्रचुर मात्रा में पाया जाता है । जिसका प्रतिदिन सेवन से बालों को लम्बा, काला और घना बनाने में किया जा सकता है, और इसका पेस्ट बना कर अपने बालों की जड़ों पर लगा सकते हैं, साथ ही इसके के प्रयोग से डैंड्रफ भी दूर हो जाता है ।



kari Leavs
Kurry patta


2.  करीपत्ता का उच्च रक्त चाप में उपयोग ( kari patte ka upyog)




जिनको उच्च रक्तचाप की समस्या होती है, वह लोग अगर हर दिन करी पत्ते के चार पांच पत्ते सुबह के समय चबा कर खाएगें तो उन्हें उच्च रक्त से फायदा मिल सकता है।


3. करी पत्ते का पेट रोग में उपयोग ( Curry patte ka upyog)




जिन लोगों को दस्त की समस्या हो जाती है उनके लिए भी करी पत्ता काफी लाभदायक होता है । करी पत्ते की कुछ पत्ती पानी में उबालकर उस पानी को पी लेने से दस्त के रोगी को तुरंत लाभ मिल जाता है ।






4. आंखों में करी पत्ते के फायदे (Curry patte ke fayde)




अगर किसी की आँखों की रोशनी कम हो रही है या हो चुकी है उनके लिए करी पत्ता बहुत फायदेमंद होता है । करी पत्ते को धूप में सूखा कर उसका चूर्ण बना लें, और फिर हर रोज़ उसे पानी के साथ फांकी लेने से आँखों की रौशनी भी बड जाती है । रतौंधी के रोग में भी आराम मिलता है ।



5. करीपत्ता वजन को नियंत्रित कर सकता है ( Curry patta for weight los in hindi)




यहां करी पत्ते के कुछ लाभ या स्वास्थ्य लाभ हैं । करी पत्ता वजन कम करने में मदद करता है। अतिरिक्त वजन ये पत्तियां आपको पतला करने के लिए दो तरह से काम करती हैं। सबसे पहले, ये पत्ते शरीर को विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने में मदद करते हैं और दूसरी बात यह है कि यह शरीर की जमीं हुए वसा को जलाने में मदद करते हैं।



6. कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है करी पत्ता:



केलेस्टेरल के स्तर को कम करने में मदद करता है । कोलेस्ट्रॉल  के ऑक्सीकरण से एलडीएल (कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन) या शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का निर्माण होता है । हालांकि, करी पत्ते, जो एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर हैं, कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को कम करने में मदद करते हैं। इस तरह खराब कोलेस्ट्रॉल या एलडीएल का स्तर नियंत्रित या कम हो जाता है।



7. मधुमेह में करी पत्ता के फायदे (kurry patta ke fayde)




एक सर्वे में पाया गया है कि मधुमेह को नियंत्रित रखने में सहायता करता है । नियमित रूप से करी पत्तों का सेवन इंसुलिन उत्पादक कोशिकाओं को उत्तेजित करने में मदद करता है। ये कोशिकाएं रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रण में रखने में सहायता करती हैं ।


8.  गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य को बनाए रखने में करी पत्ता के फायदे:



पाचन से परेशान हो रहे रहे हैं, तो करी पत्ते फायदेमंद साबित हो सकते हैं। करी पत्ते में मौजूद पाचक एंजाइम पाचन स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में सहायक होते हैं, और रेचक गुण आंत्रों को नियंत्रित करने में असरकारक होते हैं। अगर आप पेट में दर्द, गैस या दस्त जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं, तो करी पत्ता का प्रयोग करें।




9. तनाव कम करने में करी पत्ता के फायदे (kari patta ke fayde):



हममें से अधिकांश लोग तनाव में रहते हैं, लेकिन हमारी व्यस्त जीवनशैली में इससे बचना मुश्किल हो जाता है। तनाव प्रमुख रोगों को जन्म दे सकता है, और ये पत्ते आपको तनाव को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकते हैं। इन पत्तियों की सुगंध आपके मन और शरीर को शांत करके तनाव के लक्षणों को दूर करने में सहायता करती है।



कड़ी पत्ता
करी पत्ते



 10. आंखों की सेहत सुधारने में फायदा (Curry patta ke fayde):



विटामिन ए आपकी आंखों के लिए आवश्यक विटामिनों में से एक है। करी पत्ते इस विटामिन के साथ भरी हुई हैं और इस प्रकार अपने दैनिक आहार में इन पत्तियों को खाने से आपकी आंखों को स्वस्थ स्थिति में रखने में फायदा मिल सकता है।


11. नाक और छाती के रोग में करी पत्ता के फायदे ( kari patta ke fayde):




करी पत्ते विटामिन ए और सी से भरपूर होते हैं, और इन पत्तियों में जीवाणुरोधी, एंटीफंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं, जो कंजेशन, साइनसाइटिस,  खांसी और सर्दी के लक्षणों को कम करने में सहायक होते हैं।


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Monday, 10 June 2019

अनानास खाने के 8 फायदे एवम् नुकसान ( Ananas khane ke 8 fayde evam Nuksan)

Pineapple, Ananas,
Ananas


अनानास के फायदे (Pine apple benefit in hindi):




लेख में अनानास के फायदे व नुकसान के बारे में वर्णन करने जा रहे हैं । अनानास लगभग पूरे भारतवर्ष में पाया जाता है । मूलतः यह ब्राजील का आदिवासी पौधा है । भारत में इसकी खेती आसाम, बंगाल व समुद्रतटीय प्रदेशों में अधिक मात्रा में की जाती है । अनानास 2 फिट ऊंचा शकीय पौधा होता है । पौधे के शीर्ष मध्य भाग में  फल निकलता है जिसके मूल में पत्तों का पुंज होता है । इसका फल पककर नारंगी पीले रंग की हो जाता है । अनानास का पेड़ केवड़े या एलोवेरा से जैसे दिखते हैं । अनानास के पौधे के बीचोबीच एक छोटा कांड निकलता है, जो चारो तरफ से पत्तों के गुच्छों से ढका होता है । अनानास में ब्रोमोलिन्न नामक एक तत्व पाया जाता है जो हाजमे को मजबूत करता है । अनानास के फल के रस में अम्ल, शर्करा, विटामिन्स A तथा C पाए जाते हैं । इसमें दूध को जमाने वाला एक तत्व भी पाया जाता है ।

अनानास का वैज्ञानिक नाम Ananas comosus है, इसे इंग्लिश में pineapple कहते हैं । व हिंदी में अनानास एवम् संस्कृत में बहुनेत्र के नाम से जाना जाता है ।


Ananas ka ped, Ananas ka Paudha, Ananas ke patte
Ananas ka ped



अनानास के औषधीय गुण (Ananas ke aushdhiye gun):



अनानास के कच्चे फल के स्वरस में गर्भाशय उत्तेजक, व गर्भपात तत्व पाया जाता है । यह वात पित्त शामक, रेचन, अनमोल, दीपन, मुत्रल, रक्तपित्त शामक होता है ।

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1. मधुमेह में अनानास के जूस के फायदे ( Ananas ke juice ke fayde):



अनानास मधुमेह के लिए बहुत ही उपयोगी होता है । अनानास के सौ ग्राम रस में 10-10  ग्राम हरड़, बहेड़ा, आमला, तिल, गोखरू, तथा जामुन के बीज मिलाकर, सुखाकर इसके चूर्ण बना लें, इस चूर्ण की 3 ग्राम मात्रा सुबह शाम सेवन करने से मधुमेह व बहुमुत्र के रोगी को लाभ होता है, इसमें दूध चावल खाना फायदेमंद होता है, व नमक, खटाई, व लालमिर्च से परहेज़ करना है ।


2. पेट रोग में अनानास के जूस के फायदे (Ananas ke juce ke fayde):



  • अनानास के रस में इसकी आधी मात्रा में गुड़ मिलाकर सेवन करने से उदर में उपस्थित वात नश्ट हो जाता है, अगर पेट में बाल चला जाए तो अनानास का रस पीने से बाल गलकर शरीर से बाहर निकाल जाता है ।


  • परिपक्व अनानास के दस ग्राम रस में 125 मिली हिंग तथा सेंधा नमक 250 मिली, अदरक का रस 250 मिली, मिलाकर सुबह शाम सेवन करने से पेट दर्द व गुल्म रोग में फायदा होता है ।


अनानास
अनानास



3. श्वास रोग में अनानास जूस के  फायदे ( pineapple juice fayde hindi):




  • अनानास के दस ग्राम पके हुए फल के  रस में पीपल की जड़, सौंठ व बहेडे का चूर्ण दो - दो ग्राम  तथा सुहागा भुना हुआ व शहद  मिलाकर उपयोग करने से श्वास रोग में जबरदस्त लाभ होता है ।

  • अनानास के जूस में बहेड़ा, मुलेठी व मिश्री मिलाकर सेवन करने से श्वास रोग में फायदा होता है ।

  • अनानास के फल के जूस में छोटी कटोरी की जड़, जीराआंवला की बराबर मात्रा का चूर्ण शहद के साथ सेवन करने से श्वास रोग में लाभ होता है ।


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4. अजीर्ण( बदहजमी) में अनानास (Ananas ke fayde):




  • अनानास के फल के छोटे टुकड़े कर के इसमें सेंधा नमक व कालीमिर्च मिलाकर सेवन करने से अजीर्ण में फायदा होता है ।


  • भोजन करने के बाद यदि पेट फूल जाय तो  अनानास के के 20 से 25 ग्राम रस का सेवन करने से गैस बाहर निकाल जाती है व आराम मिलता है ।


  • अनानास के पके फल के सौ ग्राम रस में 1 से 2 नग दाख एवम् 125 मिली सेंधा नामक मिलकर सेवन करने से बदहजमी दूर होता है ।



5. मासिक धर्म की रुकावट में अनानास के उपयोग (Ananas ke upyog):




  • अनानास के कच्चे फल के रस में पीपल की छाल का चूर्ण एक ग्राम व गुड़ एक ग्राम मिलकर सेवन करने से मसिकधर्म की रुकावट ठीक होती है ।


  • अनानास के पत्ते का काढ़ा 40 से 50 मिली पीने से भी रुकावट दूर हो जाती है ।


6. पीलिया में अनानास के लाभ  (Ananas ke labh):


अनानास के पके फल का 10 ग्राम रस में 2 ग्राम हल्दी व 3 ग्राम मिश्री मिलाकर रोगी को देने से कमला के रोग में फायदा होता है ।


अनानास, अनानास फल
अनानास( Pineapple )


7. पित्त में अनानास का फायदा  (Ananas ka fayda):



  • अनानास का मुरब्बा बनाकर खाने से पित्त रोग में लाभ मिलता है । अनानास का मुरब्बा बनाने के लिए  इसके छोटे छोटे टुकड़े कर चुने के पानी में एक दी रख कर सूखा लें, जब ये सूख जाए तो  इसमें शक्कर की चासनी डाल कर मुरब्बा बना लें ।


  • अनानास का शरबत भी पित रोग को शांत करता है । अनानास का शरबत बनाने के लिए एक बैग अनानास का रस व दो भाग चासनी मिलाकर तैयार किया जाता है । अनानास के शरबत से दिल को भी ब्ल मिलता है ।



8. कृमि रोग में अनानास के फायदे ( Ananas ke Fayde):



  • अनानास के पत्ते के रस में शहद मिलाकर इसकी 3 से 10 ग्राम मात्रा प्रतिदिन सेवन करने से कृमि नष्ट हो जाते हैं ।


  • अनानास के पके फल के रस में खुरासनी अजवाइन, छुआरा का चूर्ण मिलाकर थोड़े से शाद के साथ मिलाकर  लगभग 5 से 10 ग्राम की मात्रा चता देने से बच्चों का किमी रोग दूर हो जाता है ।


अनानास के नुकसान ( Ananas ke Nuksan):

अनानास का प्रयोग अत्यधिक नहीं करना चाहिए, इसकी अधिकता से कंठ में नुकसान पहुंचता है व गले में खराश हो जाती है । अनानास के साइड इफेक्ट को दूर करने के लिए चीनी, नींबू, व अदरक के रस का सेवन फायदा करता है ।

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Sunday, 26 May 2019

अजमोद के गुण फायदे तथा उपयोग ( celery in hindi)

Ajmod plant
Ajmod ka paodha


अजमोद का पेड़ कैसा होता है (Ajmod ka ped kaisa hota he )


इस लेख में आपको अजमोद के गुण फायदे उपयोग एवम् देसी नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं । अजमोद के पौधे अजवाइन की तरह के 1 से 3 फिट ऊंचे होते है, अजमोद के पत्ते के किनारे कटे होते है,  अजमोद के बीज अजवाइन से मिलते जुलते होते हैं । इसके फूल सफेद रंग के छोटे छोटे छत्री के आकार के होते हैं । भारत में लगभग सभी जगह पाया जाता है । इसकी खेती विशेष रूप से बंगाल में सर्दियों में शुरू हो जाती है । अजमोद में कपूर जैसा एक पदार्थ पाया जाता है । इसके अलावा इसमें गंधक, उदंशील तेल, लवण, छार, लुआब, व गोंद आदि पाए जाते हैं ।

अजमोद को अंग्रेजी में  Celery seeds  व संस्कृत में अजमोदा, मराठी में ओमादा, व पंजाबी में अजमुद तथा बंगाली में आजमूद के नाम से जाना जाता है ।

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अजमोद के घरेलू नुस्खे (Ajmoda ke ghrelu nuskhe):



1. पेट दर्द में अजमोद का फायदा (Ajmod ke fayde):



  • इसकी 3 ग्राम मात्रा व 1 ग्राम काला नमक मिलाकर इसकी फंकी देने से पेट दर्द में आराम मिलता है ।


  • इसके तेल की 2 से 3 बूंदे, एक ग्राम सौंठ के चूर्ण को गरम पानी के साथ सेवन करने से पेट दर्द में आराम मिलता है ।


Celery seed in hindi
Ajmoda


2. उल्टी में अजमोदा के उपयोग (Ulti me ajmoda ke upyog )


  • कुछ औषधियों का स्वाद अच्छा नहीं होता है, उन औषधियों के साथ 2 से 5 ग्राम ajmod का चूर्ण सेवन करने से वमन( उल्टी) कि संभावना नहीं रहती है ।


  • उल्टी हो रही हो तो 2 से 5 ग्राम अजमोद के चूर्ण व 2-3 लौंग की कली मिलाकर पीस कर एक चम्मच शहद के साथ सेवन करने से वमन रुक जाती है ।

3. अर्श में फायदा करता है अजमोदा (Ajmod me fayda krta he ajmod) : 



Ajmod को कपड़े में बांध कर गरम करके सिकाई करने से अर्श में फायदा होता है ।


4. मूत्र विकार में अजमोदा के लाभ (Ajmoda ke labh) : 


अजमोद की जड़ का 2 से 5 ग्राम चूर्ण  सुबह शाम लेने से मूत्र विकार में फायदा होता है ।


5. अफारा मेंअजमोद के उपयोग ( Afara men ajmod ke upyog)



इसके 3 से 5 ग्राम चूर्ण को 10 ग्राम गुड़ के साथ सेवन करने से अफ़ारे में लाभ मिलता है ।


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6. हिचकी में फायदा (Ajmod ke fayde): 


अगर खाना खाने के बाद हिचकी आती हो तो इसके 10 से 15 दने मुंह में रखने से हिचकी रुक जाती  है ।


अजमोद के फूल
Ajmod ke phool


7. सूखी खांसी में उपयोग (ajmod ke upyog):  


Ajmod की थोड़ी सी मात्रा पान में डाल कर खाने से सूखी खांसी में लाभ होता है ।


8. श्वास में फायदा (Ajmod ke fayde): 


अजमोद श्वास में बहुत ही फायदे मंद है, यह उत्तेजक व बाल वर्धक होता है ।श्वास रोग में इसका उपयोग किया जाता है । इसकी 3 से 6 ग्राम मात्रा दिन में तीन बार सेवन करने से श्वास रोग में लाभ मिलता है ।


9. मस्तिष्क में अजमोदा के लाभ (Ajmod ke labh) : 


अजमोद मस्तिष्क व वातनाडियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। अजमोद की जड़ की की कॉफी बनाकर पीने से लाभ होता है ।


अजमोद
अजमोद


10. बदन दर्द में लाभ (Ajmod ke labh): 



शरीर में दर्द व सूजन होने पर अजमोद की जड़ का क्वाथ दिन में दो तीन बार सेवन करने से फायदा होता है ।


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विशेष:



इस लेख में आप को अजमोद के औषधीय प्रयोग के बारे में बताया गया है, यह कुछ विशेष तरह के रोगियों को नुकसान भी कर सकता है, Ajmod खाने के बाद छाती में जलन पैदा करता है, इस लिए गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए । अप्समार के मरीजों का इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए । पूरे शरीर की पीड़ा के लिए बहुत उपयोगी होता है, अजमोद के तेल को उबालकर शरीर की मालिश करने से अत्यंत अधिक लाभ होता है । घरेलू नुस्खों से संबंधित और अधिक जानकारी के लिए इस वेबसाइट  पर क्लिक करें ।




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