Monday, 11 November 2019

चने के फायदे जानकर हैरान हो जायेगें ( Chane ke fayde in hindi)


Safed chane
Safed chane


चने के फायदे ( chane ke fayde)


इस लेख में चने के फायदे ( chane ke fayde) के बारे में बताने जा रहे हैं । जानकारी के लिए बता दें कि चने में महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे कि मैग्नीशियम, फाइबर, प्रोटीन और कैल्शियम आदि । यह तत्व हमारे बॉडी के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यदि चने का सेवन सही तरीके से व नियमित रूप से किया जाए तो यह अत्यंत लाभकारी होता है । इसलिए आपको हमेशा चने का सेवन जरूर करना चाहिए । जानकारों के अनुसार चना हमारे दिल की मांसपेशियों के लिए बेहद लाभकारी होता है क्योंकि अगर कोई आदमी नियमित रूप से चने का सेवन करता है तो उसके दिल के पास मौजूद मांसपेशियों को बेहद मजबूती मिलती है।



चने का सेवन प्रतिदिन नियमित रूप से करने से हड्डियों को बहुत मजबूती मिलती है। और  चने से  बॉडी को अनेक फायदे मिलते हैं ।



चना कुछ बातों में बादाम जैसे  ड्राय फ्रूट्स से ज्यादा लाभदायक होता है । एक डाइटीशियन का कहना है कि भिगे हुए चने में प्रोटीन, फाइबर, मिनरल और विटामिन की पर्याप्त मात्रा होती है जो कई बीमारियों से बचाव के अतिरिक्त सेहतमंद रहने में सहक होती है । 



भिगोए हुए देसी चने में प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स होते हैं जो हमें स्वस्थ रखते हैं । डाइटीशियन कहना है कि वैसे तो हर सभी के लिए चने खाने के फायदे ( chane khane ke fayde ) हैं, लेकिन विशेष रूप से पुरुषाें को ये अवश्य खाने चाहिए।



अंकुरित चने कैसे खाएं 




एक मुठ्ठी चने लेकर साफ कर लें । इन्हें मिट्टी या चीनी मिट्टी के बर्तन में डालकर ऊपर से साफ पानी डाल कर पूरी तरह से भिगो दे । रात भर इन चनों को पानी में भीगे रहने दें। सुबह इन चनो को अच्छी तरह से चबाकर खाएं । बाद में बचे पानी को भी छानकर पी सकते हैं । अनुकुरित चना खाने के फायदे ( chane khane ke fayde )  डबल हो जाएगा ।


चने के औषधीय प्रयोग( chane ke aushdhiye prayog)




चना बहुत ही पौष्टिक और फायदेमंद होता है, आहार के रूप में उपयोग किया जाता है। चना जिसे क्षेत्रीय भाषा में काले चने के नाम से भी जानते है। यह हमें बहुत से स्‍वास्‍थ्‍य फायदे दिलाने में सहायक है। यद्धपि इसकी बहुत सी प्रजातियां होती है जिनके आधार पर इनके पोषक तत्‍वों में भिन्‍नता हो सकती है। लेकिन फिर भी चने का नियमित सेवन करने पर यह वजन कम करने, हृदय को स्‍वस्‍थ्‍य रखने, कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को नियंत्रित करने, मधुमेह को नियंत्रित करने और पाचन को ठीक करने में चने के फायदे होते ( chane ke fayde ) है ।



चना ( chana) हमारे खाने का एक प्रमुख खाद्य पदार्थ है । आप इसका उपयोग विभिन्‍न प्रकार के व्‍यंजनों को बनाने में कर सकते हैं । यह आपके शरीर को एनर्जी दिलाने के साथ ही स्किन और अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने में सहायता करता है। आप चने से लाभ प्राप्‍त करने के लिए इसे भून कर, भिगों कर, पीस कर और अंकुरित करके, और सब्जी बनाकर प्रयोग कर सकते हैं। चने की विभिन्न फायदे हैं ।



यह भी पढ़े : जीवन में स्वास्थ रहने के उपयोगी सूत्र ( Health tips in hindi)



1. वजन कम करने में चने खाने के फायदे (Chana Benefits of Chana in Hindi)




व्यक्ति के संतुलित आहार में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों का होना अति आवश्‍यक है। फाइबर युक्‍त खाद्य पदार्थ वजन को कम करने में काफी सहायता करते हैं। चने में घुलनशील और अघुलनशील दोनो ही प्रकार के फाइबर अच्‍छी मात्रा में पाए जाते हैं। घुलनशील फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत करता है। जबकि अघुलनशील फाइबर कब्‍ज और अन्‍य पाचन की समस्‍याओं को कम करता है। इसके अलावा फाइबर की उच्‍च मात्रा की उस्थिती से आपकी भूख बड़ जाती है, और खाना डर तक पेट में रहता है, जिसके कारण आपको बार-बार भूख का अहसास नहीं होता है।



उबला हुए चने का सेवन करने भूख कम हो जाती है। इस तरह से भूख कम होने पर आपके शरीर में मौजूद अतिरिक्‍त कैलोरी का उपयोग हो जाता है। इस तरह चना खाने से आपके वजन को कम करने में सहायता मिलती है ।



2. मधुमेह में चना के फायदे (Chana ke fayde For Diabetes in Hindi )




चने में भरपूर मात्रा में पोषक तत्‍व उपस्थित होते हैं। इन पोषक तत्‍वों की उपस्थिति आपको मधुमेह के खतरे से भी बचा सकते हैं। चना विशेष रूप से फाइबर भरा होता है। अध्‍ययनों से पता चला है कि टाइप 1 मधुमेह वाले लोग जो उच्‍च फाइबर वाले भोजन का सेवन करते हैं उनमें रक्‍त ग्‍लूकोज का स्‍तर कम होता है। इसी प्रकार टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों के लिए उच्‍च फाइबर युक्त पदार्थों के सेवन रक्‍त शर्करा, लिपिड और इंसुलिन के लेवल में सुधार होता है । इसके अलावा चने में कार्बोहाइड्रेट भी होता है जिनका पाचन देर से होता है।



इस तरह से चना रक्‍त शर्करा के स्‍तर को कम करता हैं और इंसुलिन को नियंत्रित करता हैं। सुबह के समय चने का सेवन करने से आप अपनी इम्यून सिस्टम को भी बढ़ा सकते हैं। इसलिए चना मधुमेह रोगी के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है।



Chana in hindi
Kachha chana


3. हृदय रोग में चने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ (Chana Benefits in Hind )




चने में उपस्थित पोषक तत्‍व रक्‍त वाहिनियों को स्‍वस्‍थ रखने में सहायता करते हैं और ऑक्‍सीडेटिव तनाव को नहीं होने देते, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। चने में मैग्‍नीशियम भरपूर मात्रा में होता है। चने में फोलेट भी होता है, फोलेट होमोसिस्‍टीन के स्‍तर को घटा देता है जिससे रक्‍त के थक्‍के, दिल के दौरे और हार्ट स्‍ट्रोक आदि की समस्या नहीं होती है ।



यह भी पड़े : लौंग के फायदे एवम् उपयोग (Laung ke Fayde evam Upyog)




4. कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने में चने के उपयोग (uses of chana in Hindi)





शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा अधिक होने पर रक्तचाप और हृदय का स्‍वास्‍थ्‍य ठीक नहीं रहता है । कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए चने के उपयोग से लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं। चने में घुलनशील फाइबर पित्‍त से हुए एसिड को कम करता है और इन्हें शरीर द्वारा अवशोषित होने से रोकता है। इस तरह यह शरीर में कोलेसट्रॉल के स्‍तर को कम करने में सहायता करता है। आधा कप चने का प्रतिदिन सेवन करें तो यह एलडीएल कोलेस्‍ट्रॉल और   ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में सहायता करता है। इसके अतिरिक्त यह रक्‍त वाहिनियों के अवरोध यानी कोलेस्‍ट्रॉल को कम करके  उन्‍हें स्‍वस्‍थ्‍य रखता है जिससे रक्‍त परिसंचरण सुव्‍यवस्थित रूप से चलता है । इस लिए चने को नियमित आधार में शामिल करना चाहिए ।



5. चने के फायदे पाचन में ( Chane Khane Ke Fayde in Hindi)




यदि आप को पाचन की  समस्‍या रहती है तो से चना आपकी सहायता कर सकता है। क्‍योंकि चने में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। इसमें घुलनशील और अघुलनशील दोनो ही तरह के फाइबर होते हैं। ये दोनो ही पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं। फाइबर आंतों में तनाव को कम कर कब्‍ज और पेट की अन्‍य समस्‍याओं को कम करने में सहायता करते हैं।  दस्‍त या पेंचिस की समस्या होती है तो इसका उपचार करने के लिए 500 मिलीलीटर पानी में 2 मुठ्ठी चने को रात भर भीगो कर रख दें । और सुबह आप इस पानी का सेवन करें । बचे हुए भीगे चने भी चबा कर खा सकते हैं । यदि कब्ज की समस्या हो तो रात भर भीगे  चने में अदरक पाउडर और जीरा पाउडर मिलाकर और अगले दिन सुबह इस पानी का सेवन करें ।




6. चने से कैंसर का उपचार (treetment of cancer with gram in Hindi )





चना एक विशेष प्रकार के कैंसर की रोकथाम में सहायता करता हैं।  इसमे कुछ ऐसे यौगिक उपस्थित होते हैं जो  शरीर से एंटी-कैंसर कोशिका को ख़तम करने मे सहायता करते हैं । इसके अतरिक्त चना कोलन कोशिकाओं को स्‍वस्‍थ रहने में  सहायता करता है और विशेष रूप से कोलन कैंसर के खतरे को कम करता है और यह विभिन्‍न प्रकार के ट्यूमर और कैंसर से भी हमारी सुरक्षा करते हैं ।




Chana
Chana



7. स्त्री रोग में चने के फायदे ( Chane ke fayde in hindi )




चने के फायदे महिलाओं के लिए भी होते हैं। यह महिलाओं में होने वाली रोगों जैसे स्‍तन कैंसर, ऑस्टियोपोरोसिस आदि को रोकने में सहायता करता है। इसके अलावा यह रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में हॉट फ्लैश को कम करने में सहायता करता है। ब्राउन शुगर और देसी घी के साथ भुना हुआ चना खाने से ल्‍यूकोर्यिया (सफ़ेद पानी आना) का उपचार किया जाता है। इस तरह से चना महिलाओं के लिए भी बहुत ही उपयोगी होता है।



8. चने से शरीर की ऊर्जा नियंत्रित रहती है ( uses of chana in for energy in hindi )




शरीर को जब ऊर्जा की आवश्यकता हो तो ऊर्जा प्राप्‍त करने के लिए चने का उपयोग कर सकते हैं। चने में अधिक मात्रा में ऊर्जा होने के कारण ही घोड़ों को भी चना खिलाया जाता है। चना प्रोटीन से भी भरपूर होता है जो शरीर को पर्याप्‍त मात्रा में शक्ति और शरीर निर्माण में मदद करते हैं। इसके अलावा चने में मेथियोनीन नामक एक तत्व होता है जो कोशिकाओं की उचित विकास में मदद करता है। रात में भिगोए गए चनों को सुबह खाने से आप दिन भर पर्याप्त ऊर्जा प्राप्‍त कर सकते हैं। आप अपने शरीर को फिट रखने के लिए भी भुना चना खा सकते हैं।




9. चना का एनीमिया में फायदे  (Chane ke fayde in hindi )





शरीर में आयरन की कमी से एनीमिया रोग की संभावना हो जाती है। इसलिए इस समस्‍या से बचने के लिए चने का नियमित उपयोग फायदेमंद होता है। चने में आयरन की भरपूर मात्रा होती है जो हीमोग्‍लोबिन के स्‍तर को बढ़ाता है। एनीमिया का उपचार करने के लिए रात में भीगे हुए चनों को अगली सुबह खाएं । चने को स्‍वादिष्‍ट और असरदार बनाने के लिए सुबह के समय चनों को भूनकर और इसमे शहद मिलाकर भी खा सकते हैं। यह आपके शरीर में रक्त की कमी को भी दूर करने में सहायता करता है।



10. चने के फायदे त्‍वचा में  (Chane khane ke fayde For Skin in Hindi )





त्‍वचा को स्‍वसथ्‍य रखने और अन्‍य त्‍वचा संबंधित समस्‍याओं से बचने के लिए चनों का उपयोग ( chane ke upyog) किया जा  सकता हैं । यह त्‍वचा के लिए अत्यंत लाभकारी होता है क्‍योंकि चने में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, कॉपर और आयरन के तत्व पाए जाते है । चनों का उपयोग मुंहासों और अन्‍य त्‍वचा संक्रमण को रोकने में किया जा सकता है । चेहरे में चने के पाउडर और दूध के मिश्रण को लगाने से  आपके चेहरे के मुंहासों का उपचार करने में सहायता करता है । साथ ही यह चेहरे के रंग को साफ कर सकता है ।




11. बालों में चने के फायदे (  Benefits of gram For Hair in Hindi )




हम सभी की इच्छा होती है कि बाल स्‍वस्‍थ्‍य और चमकदार हो । लेकिन प्रदूषित वातावरण और खराब जीवनशैली के कारण ऐसा नहीं हो पाता है। आप वालों को स्‍वस्थ्‍य और मजबूत बनाने के लिए चने का उपयोग कर सकते हैं, यह आपके बालों को स्वस्थ रखने में सहायता करता है, ऐसा चने में विटामिन बी6 और जस्‍ता आदि के कारण होता है । ये दोनों ही खनिज बालों को पोषण देने में सहायक हैं । इसके अतिरिक्त चने में विटामिन ए और जस्‍ता बालों के झड़ने और डैंड्रफ को कम करने में सहायता करते हैं । इस तरह से आप चने के नियमित सेवन से बालों को भी स्‍वस्‍थ्‍य रख सकते हैं।


यह भी पढ़े : अजमोद के गुण फायदे तथा उपयोग ( celery in hindi)



भुने चने खाने के लाभ ( bhune chane khaane ke labh )




ज्यादा तर लोग स्वाद के लिए भुने हुए चने खाते हैं लकि चने अगर सही तरीके से चबा चबाकर गुड के साथ खाए  तो इससे अच्छी मर्दाना ताकत प्राप्त हो सकती है । सूखा चना कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, चिकनाई, रेशे, कैल्शियम, आयरन व विटामिन्स का अच्छा स्रोत है । जिस कारण इसे गरीबो का बादाम भी कहा जाता है



भुने हुए चने और गुड़ कैसे खाए ।


समिग्री

एक किलो भुने चने
एक किलो गुड़



भुने चने खाने की विधि ( bhuna chana khaane ki vidhi ) 




एक मुठ्ठी चने और 25 ग्राम गुड़ दोनों को चबा चबा कर धीरे धीरे  खाए, खाने के बाद ऊपर से एक ग्लास पानी पी लें, ऐसा कुछ दी तक करते रहे । इससे वभिन्न फायदे होते है ।



1 . भुने चने को खाने से कुष्ठ रोग समाप्त होता है.



2. प्रतिदिन भुने चने खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे बहुत सी बीमारियों से बचाव होता  है ।



3. भुने चने को हर दिन अपने भोजन में शामिल करने से वजन कम होता है और मोटापा घटता है । यह शरीर से फालतू चर्बी को निकालने में मदद करता है ।



4. भुने चने के उपयोग से पेशाब सम्बन्धी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है । जिनको भी बार-बार मूत्र आने की समस्या है उनको प्रतिदिन गुड़ और चने का उपयोग करना चाहिए ।



5. भुने चने को प्रतिदिन अपने आहार में शामिल करने से वजन कम होता है । यह शरीर से फालतू चर्बी को निकालने में सहायक है ।



6. भुने चने का शहद के साथ सेवन करने से नंपुसकता दूर होती है और पुरुषत्व में वृद्धि होती है ।



भीगे चने खाने के फायदे ( bhige chane khane ke fayde )




रात को एक गिलास पानी में एक मुट्ठी चने डाल दें और इसे रातभर के लिए ढककर रख दें ।


सुबह चने का पानी निकाल कर एक छोटा टुकड़ा गुड़ के साथ इसे खाली पेट चबाकर खाएं । प्रतेक दिन इस ढंग से चने खाने से अनेक फायदे होते हैं । इसका सबसे ज्यादा फायदा व्यक्ति की ताकत पर पड़ता है ।




चने खाने के नुकसान ( Chana khane ke nuksan in Hindi )




चने के बहुत से फायदे तो होते ही है साथ ही चने का सेवन करने से चने के नुकसान भी हो जाते हैं । यदि चने का सेवन उचित मात्रा में किया जाए तो यह फायदेमंद होता है । चने के पौधे में ओलिगोसाक्राइड्स होते हैं जिन्‍हें जटिल शर्करा कहा जाता है, जिस कारण शरीर को खाना पचाने में समय लगता है, इसके कारण आंतों में गैस बन सकती है । इसलिए इसका सेवन अधिक मात्रा में  नहीं करना चाहिए ।



विशेष



इसी के साथ यदि आप चने का सेवन लगातार करते हैं तो इससे शरीर की मांसपेशियों के विकास में चने के फायदे ( chane ke fayde in hindi ) होते है, और बॉडी की मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती है। वही यदि आप दुबले पतले शरीर से परेशान हैं तो प्रतिदिन प्रात: काल उठकर चने का सेवन करें व आपकी बॉडी का वजन तेजी से बढ़ने लगेगा।


इस लेख में चने के फायदे ( chane ke fayde) का वर्णन किया गया है, आशा करते हैं यह लेख आपको अवश्य पसंद आया होगा ।

धन्यवाद ।

Monday, 14 October 2019

अमलतास के पेड़ के उपयोग और हनिया ( amaltas tree benefit in hindi)



अमलतास के पेड़ के उपयोग और हनिया ( amaltas tree benefit in hindi)




अमलतास का पेड़ ( amaltas tree in hindi) पूरे भरत में पाया जाता है । इसका पेड़ माध्यम आकर का होता है । मार्च अप्रैल में अमलतास के पेड़ की पत्तिया झड़ जाती है, उसके बाद नई पत्तियां व पीले रंग के फूल निकलते है फिर फली बनती है । फली के अंदर का भाग कोष्ट में विभक्त रहता है ।  अमलतास की फली से दो फीट तक लंबी होती है । अमलतास के फूल ( amaltas ke phool) चमकीले पीले रंग के गुच्छों में नीचे की और लटके रहते है ।





अमलतास के गुण फायदे (amaltas ke gun fayde)



अमलतास ( amaltas)  स्वाद में मीठा, भारी व तासीर का ठंडा होता है । यह अनेक रोगो जैसे ज्वर, वात, रक्तपित्त, हृदय रोग, और शूल में फायदा करता है । अमलतास की फली ( aamatas ki fali), रूचिकारक, पित्त और कफ नाशक, कुष्ठ नाशक होते हैं, अमलतास के पत्ते (amaltas ke patte) भी अनेक रोगों में फायदे करते हैं, यह कफ का नाश करते हैं । 




अमलतास के फूल (amaltas ke phool) कड़वे, कसैले, तासीर में ठंडे, वात वर्धक, कफ पित्त को हरने वाले होते हैं । अमलतास के फल ( amaltas ke fal) की माज्जा जठराग्नि को बढ़ाने वाली वात पित्त को हरने वाली होती है । अमलतास की जड़ (amaltas ki jad) दाद, चर्म रोग, छुए, गंडमाला आदि का नाश करती है ।



Read more  तेजपत्ता के 7 खास फायदे व उपयोग ( bayleaf in Hindi)





अमलतास का वेगानिक नाम Cassia fistula L. होता है ।
अंग्रेजी में इसे Indian Laburnum, puddin pipe tree, Purging cassia. आदि नामों से जाना जाता है ।
इसे विभिन्न भाषाओं में निम्न नामों से जाना जाता है ।



हिंदी   - अमलतास, धनबहेडा

संस्कृत - राज वृक्ष, हेमपुष्प नृपद्रम,

मराठी - बाहव

गुजराती - गरमालो

पंजाबी -  गिर्दनली, अमलतास

बंगाली - सोनालू

तेलगु  - रेलचट्ट

कन्नड़  - कक्कमेर

असमी - सोनास

आदि नामों से जाना जाता है ।



अमलतास के औषधीय फायदे ( amaltas ke aushdhiye fayde )




1. खांसी में अमलतास का फायदे (amaltas ke fayde )




  • अमलतास की गिरी 5 से 10 ग्राम को पानी में पीस लें फिर इसका तीन गुना बूरा मिलालें, फिर इसकी चासनी बनाकर चाटने से सूखी खांसी में आराम मिलता है ।

  • अमलतास का 20 ग्राम खाने से खुस्क खांसी तर हो जाती है ।



2. श्वास रोग में अमलतास ( uses of amltas in hindi)




अमलतास के फल की मज्जा का क्वाथ बनाकर 40 से 50 ग्राम पिलाने से स्वास की रुकावट में आराम मिलता है ।


amaltas ke phool
amaltas flower


3.  टॉन्सिल में अमलतास के फायदे (amltas ke fayde in hindi)




कफ के कारण टॉन्सिल हो जाए और पानी निगलने से भी दर्द होता हो तो अमलतास की जड़ की छल को थोड़े से जल को पकाकर इस का बूंद बूंद करके मुंह में डालने से टॉन्सिल ठीक हो जाते हैं ।



Read more : गूलर के पेड़ का महत्व रक्तपित्त, खूनी डायरिया में ( Importance of gular )



4. उदर्वात में अमलतास ( amltas in hindi)




अगर छ: से बारह वर्ष के बच्चे जलन तथा उदर्वात से पीड़ित हो तो अमलतास की मज्जा के दो नग मुनक्का के साथ देने से उदरवात में फायदा होता है । अमलतास के दो से तीन पत्ते नमक व मिर्च मिलकर खाने से उदर की शुद्धि हो जाती है ।



5. पित्त में अमलतास के उपयोग (amaltas ke upyog in hindi )




  • अमलतास के फल के गूदे का काढ़ा बनाकर कड़े की 40 से 80 ग्राम मात्रा में 5 से दस ग्राम इमली का गूदा मिलकर प्रातः काल पीने से पित्त का असर समाप्त होता है । अगर रोगी को कफ भी अधिक होती हो तो इसमें थोड़ा सा निशीथ का चूर्ण भी मिलाएं ।



  • बेल के कवाथ के साथ अमलतास की मज्जा का कल्क मिलाकर, इसमें थोड़ा सा नमक एवम् शहद मिलाकर देने से पित्त में फायदा होता है । इसकी 10 से 20 ग्राम मात्रा से अधिक नहीं पीना चाहिए ।



6. मुखपाक में अमतास के फायदे ( amaltas ke fayde in hindi )




अमलतास के फल की मंजा को धनिएं के साथ पीस कर  इसमें थोड़ा सा कत्था मिलकर इसको मुंह में रखने से मुंह पाक ठीक हो जाता है ।



7. पक्ष्घात में अमलतास के उपयोग ( amaltas ke upyog in hindi )




  • अमलतास के पत्ते का स्वरस पक्ष्घात से पीड़ित स्थान पर लगा कर मालिश करने से फायदा होता है ।



  • वात नलिकाओं से हुए आघात से उत्पन्न पक्ष्घात अमलतास के पत्ते का स्वरस पीने से ठीक हो जाता है।



  • इसके पाते ग्राम करके पश्चात वाले स्तान पर पुल्टिस बनाकर बांधने से फायदा होता है ।



8.  पीलिया में अमलतास के उपयोग ( amaltas ke upyog )




अमलतास के बीज व बराबर मात्रा में गन्ने का रस या आमले का रस मिलाकर पीने से कामला के मरीजों को फायदा होता है ।



9. बालो में अमलतास के फायदे  (Balo men amaltas ke Fayde)




यदि आप बालो और गंजेपन की बीमारी से जूझ रहे है, तो आप अमलतास की पत्तियों का सेवन कर सकते हैं । अमलतास की पत्तियों की राख बनाकर इसको बकरी के दूध के साथ मिलाकर बालों पर लगाने से गंजेपन, दोमुहे बालों की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है ।



10.  बवासीर में अमलतास के उपयोग (Bawaseer me amaltas ke upyog)



बवासीर के रोग में अमलतास बहुत ही फायदेमंद होता है। अमलतास के फलो का गूदा, मनुक्का और हरड इन तीनों को मिलाकर उबाल लें और रात को सोने से पहले इस काढ़े को पिने से बवासीर के रोग ठीक करने में सहायता करता है।


Read more : अजवाइन के उदर विकारों में प्रयोग व 6 महत्वपूर्ण फायदे एवम् गुण



11. ज्वर में अमलतास के फायदे (bukhar me amaltas ke Fayde )




अमलतास पेड़ की जड़ का उपयोग बुखार को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है। अमलतास की जड़ का काढ़ा बनाकर पीने से या इससे बनने वाली दारू का सेवन करने से बुखार को कम किया जाता है।



12. कब्ज में अमलतास के उपयोग (amaltas ke upyog )




अमलतास के पुष्पों का गुलकंद कब्ज को ठीक करता है । यह आंत रोग, सूक्ष्म ज्वर व कोषतबद्धता में फायदा करता है ।


amaltas ke phool, amaltas ki fali
Amaltas ki fali evam phool



13.  सुख प्रसव में अमलतास के लाभ ( amaltas ke labh )




अमलतास की फली के 4 से 5 नग के 25 ग्राम छिलके उबालकर इसमें शक्कर डालकर ग्रभ्वती स्त्री को सुबह शाम पिलाने से बच्चा सुख से पैदा होता है ।



14. आमवात एवम् बात रक्त में अमलतास के फायदे ( amaltas ke Fayde in hindi )




  • आर्गवाद अर्थात अमलतास के दो से तीन पत्ते सरसों के तेल में भूनकर शाम को भोजन के साथ खाने से आम वात में फायदा होता है ।



  • पांच से दस ग्राम अमलतास की जड़ को एक पाव दूध में उबालकर पिलाने से वात रक्त में फायदा होता है ।



15. कुष्ठ रोग में अमलतास के लाभ (amaltas ke labh )





  • अमलतास की जड़ का लेप बनाकर, कुष्ठ रोग के कारण विकृत त्वचा, पर लगाने से पुरानी त्वचा वर्ण स्थान से हटाकर त्वचा को प्लेन के देता है ।



  • अमलतास की 15 से 20 पत्ती का लेप त्वचा पर लगाने से कुष्ठ रोग का सफाया हो जाता है । इससे कुष्ठ तथा दूसरे चर्म रोग ठीक हो जाते हैं ।



16. दाद में अमातास के फायदे (daad men amaltas ke fayde )





  • अमलतास के पांचों अंग फूल, फल, पत्ती, जड़, बीज, को पीस कर दाद, खुजली और दूसरे चर्म रोग पर लगाने से आश्चर्य जनक लाभ होता है ।




  • अमलतास की 10 से 15 ग्राम जड़ को दूध में उबालकर फिर पीसकर, लेप बनाकर संक्रमित स्थान पर लगाने से दाद तथा दर्द में फायदा होता है ।



17. रक्तपित्त में अमलतास के उपयोग ( amaltas ke upyog in hindi)




अमलतास के फल की माज्जा की 25 से 50 ग्राम की मात्रा में 20 ग्राम शहद या शक्कर मिलाकर सुबह शा देने से रक्त पित्त में लाभ होता है ।


18. वर्ण( घाव) में अमलतास के लाभ ( amaltas ke labh )




अमलतास के पत्ते के साथ चमेली व कृंज के पत्ते को गो मूत्र के साथ पीस कर लेप करने से वर्ण, अर्श, और के वर्ण समाप्त हो जाते हैं ।



Read more : मासपेशियों में तनाव व दर्द दूर करने के देसी प्राकृतिक उपाय



19. फुंसी में अमलतास के फायदे (amaltas ke fayde in hindi )




अमलतास के कुछ पत्ते लेकर इसे गाय के दूध के साथ पीस कर नजात शिशु की फुंसी पर लगाने से छले तथा फुंसी में लाभ होता है ।



अमलतास के नुकसान (amaltas ke nuksan)




अमलतास का पेड़ औषधिये गुणों से भरपूर होता है। इसके द्वारा विभिन्न प्रकार की स्वास्थ संबंधित समस्याओं के इलाज किया जाता है। अमलतास के पेड़ का उपयोग करने से पहले इसके नुकसान के बारे में जानकारी अवश्य ले। आमतौर से अमलतास का उपयोग करने से कोई नुकसान नहीं होता है। परन्तु कभी कभी इससे कुछ नुकसान भी हो जाते हैं जो कि निम्नलिखित है।



१. अमलतास का अत्यधिक मात्रा में से सेवन करने से उल्टी और चक्कर आने की परेशानी हो सकती है।



२. गर्भवस्था में अमलतास का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योकि इससे गर्भधारण में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।



३. अमलतास का बच्चो को सेवन करने से पहले किसी चिकित्सक से सलाह अवश्य ले।


आशा करते हैं अमलतास पर लिखा लेख आपको अवश्य पसंद आया होगा, इस लेख में अमलतास का उपयोग ( amaltas ka upyog) का वर्णन किया गया है, इसका का मूल उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद की प्रति जागरूक करना है । किसी भी गंभीर रोग में इसका उपयोग करने से पूर्व किसी चिकित्सक की सलाह अवश्य लें लेवें । धन्यवाद ।

__________________________

Thursday, 19 September 2019

बहेड़ा के गुण फायदे उपयोग एवम् नुकसान ( baheda ke fayde)

baheda
baheda ka ped


बहेड़ा के गुण फायदे उपयोग एवम् नुकसान ( baheda ke fayde)



बहेड़ा पूरे भारतवर्ष में पाया जाता है, खासतौर से यह निचले पर्वतीय प्रदेशों mencadhik होता है, बहेडे के पेड़ सेफर्वरी मार्च में पत्ते झड़ते हैं । फिर इस पर तांबे के रंग की कोपल निकलती है, फिर इसके साथ ही मई में बहेदे के पेड़ पर फूल आते हैं, फिर फल बक्र अगली जनवरी फरवरी तक फल पक जाते हैं ।




बहेड़ा के पेड़ का स्वरूप



बहेड का वृक्ष 60 से 80 फिट तक ऊंचा होता है । बहीडे के फूल सफेद अथवा पीले रंग के होते हैं । इसका फल आधा इंच व्यास का होता है । फल सुख कर धारीदार वी पंचकोणीय जैसा हो जाता है । बहेड़ा में एक बीज निकलता है ।


रासायनिक संगठन ( Rasayanic sangthan)



बहेड़ा के फल में tanin, बी- सिस्टरोल, गेलिक एसिड, मैनिटोल, ग्लूकोज, ग्लैक्टोज, फ्रक्टोज, रेमनोंज, आदि तत्व पाए जाते हैं । बहेड़ा की बीज मज्जा में चमकीले पीत वर्ण का एक स्थिर तेल पाया जाता है ।


बहेड़ा का वैज्ञानिक नाम है Terminalia bellirika ( Gaertn.) Roxb.
यह comretaceae कुल का पौधा है । अंग्रेजी में इस baheda के नाम से जानते हैं।


इसके नाम के निम्न मीनिंग हैं ।


संस्कृत - विभितक, अक्ष, कर्श फल

हिंदी    - बहेड़ा

मराठी  - बहेड़ा

गुजराती - बहेड़ा

बंगाली   - बायडा

पाजाबी  - बेहड़ा

तेलगु     - वडिकाय

अरबी    - ब्लेलज


बहेड़ा के गुण (baheada ke gun)



बहेड़ा तीनों दोषों वात, पित्त कफ तीनों दोषों को हरने वाले होता है । लेकिन इसका प्रयोग कफ से उत्तपन्न रोगों को दूर करने में किया जाता है । बहेड़ा बालों की वृद्धि, आंखों के लिए फायदे, नाक के रोग, खून के दोष, गले के रोग, खांसी, एवम् हृदे रोग में फायदेमंद है । बहेड़ा के फल के बीज की मगज आंखों के फूली का नाश करती है । बहेड़ा के बीज कड़वे , वामन नाशक तरह वाथर होते हैं, यह ब्रोंकाइटिस में भी फायदे करता है । बहेड़ा के फल का छिलका कफ नाशक होता है । बहेड़ा की गिरी वेदनशमक तथा शोथ हर होती है ।


Baheda fruit in hindi
बहेड़ा फल




यह भी पढ़े:  गाजर एवम् गाजर जूस के स्वस्थ लाभ



बहेड़ा के फायदे (Baheda ke fayde)



1. आमाशय में बहेड़ा के फायदे ( Baheda ke Fayde)



बहेड़ा के फल के 3 से 6 ग्राम चूर्ण की मात्रा भोजन करने के पश्चात फेंकी लेने से पाचन शक्ति तीव्र होती है, पेट की अग्नि तीव्र होती है तथा आमाशय को ताकत मिलती है ।




2. नेत्र ज्योति में बहेड़ा के फायदे ( Baheda ke Fayde)




  • बहेड़ा व शक्कर का चूर्ण बराबर मात्रा में प्रतिदिन कने से नेत्र ज्योति में फायदा होता है ।


  • बहेड़ा की छाल का चूर्ण एवम् मधु के साथ उपयोग करने से आंखों की पीड़ा मिटती है ।



3. ज्वर की कमजोरी में बहेड़ा के फायदे ( Baheda ke Fayde)



बहेड़ा एवम् जवासा के 40 से 50 ग्राम काढ़े में एक चम्मच घी मिलाकर सुबह दोपहर शाम पीने से कफ तथा पित्त से होने वाले बुखार हट जाता है । और कमजोरी के कारण चक्कर आना व आंखो के सामने अधेरा आने की समस्या समाप्त हो जाती है ।


4. खांसी में बहेड़ा के फायदे (Baheda ke Fayde)




  • बहेड़ा के छिलके को चूसने से खांसी मिट जाती है ।


  • बकरी के दूध में बहेड़ा, कला नामक , अंदुसा पकाकर सेवन करने से सूखी वी तर खांसी में फायदा होता है ।



यह भी पढ़े:  अजवाइन के उदर विकारों में प्रयोग व 6 महत्वपूर्ण फायदे एवम् गुण


5. श्वास रोग में बहेड़ा के फायदे (Baheda ke Fayde)




बहेड़ा की छाल एवम् हरड़ की छाल की बराबर मात्रा का चूर्ण बनाकर इसकी चार ग्राम मात्रा प्रतिदिन लेने से स्वास रोग वी खांसी में फायदा होता है ।


baheda
Baheda plant



6. मूत्र संक्रमण में बहेड़ा के फायदे (benefit of baheda in Hindi)



बहेड़ा के फल की मिंगी का तीन से चार ग्राम चूर्ण  इतनी ही मात्रा में इसमें शहद मिलाकर चाटने से मूत्र संक्रमण में फायदा होता है ।




7. नपुंसक्ता में बहेड़ा के फायदे (Baheda ke Fayde)




बाहेदे के चूर्ण की तीन ग्राम मात्रा में 6 ग्राम गुड़ मिलाकर सुबह शाम रोज खाने से नमपुनसक्ता ठीक हो जाती है, व्यक्ति फुर्तीला हो जाता है ।


8. बंद गांठ में बहेड़ा के फायदे (Baheda ke Fayde)



बहेड़ा के छिलके को अंडी के तेल में भूनकर फिर सिके में पीसकर बंद गांठ पर हल्के से लेप लगाने से दो से तीन दिन में बंद गांठ बैठ जाती है ।


9. पित्त शोथ में बहेड़ा के फायदे (Benefit of Baheda in hindi)



बहेड़ा के फल की में को पीसकर इसका लेप बनाकर पित्तशोथ पर लगाने से पित्तशोथ मेंफायदा होता है ।




  मासपेशियों में तनाव व दर्द दूर करने के देसी प्राकृतिक उपाय



10. कंदू के रोग में फायदा करता है बहेड़ा (Baheda Benefit in Hindi)




बहेड़ा के फल की में का तेल कंडू रोग में फायदा करता है । ये जलन को भी शांत करता है । इस तेल की मालिश से खुजली तथा जलन समाप्त हो जाती है ।



11. दस्त में बहेड़ा के फायदे (Baheda ke Fayde)




  • बहेड़ा के पेड़ की छल 2 से 5 ग्राम वी एक से दो नग लोंग दोनों को पीस कर शहद के साथ तीन से चार बार चाटने से दस्त रुक जाते हैं ।



  • भुना हुआ बहेड़ा दो से तीन नग को पीस कर सेवन करने से  पुराने डस्त को भी बंद कर देता है ।


baheda ke patte
Baheda leavs 



 हरड़ बहेड़ा आंवला के फायदे (Benefit of harad baheda Amla)




आयुर्वेद के अनुसार ये तीन चीजे सही रहे तो मनुष्य स्वस्थ रहता है, इन्हें वात, कफ और पित्त कहा जाता है। जब ये गुण सही मात्रा एवं अनुपात में होते हैं तो हम दैहिक, दैविक एवं भौतिक सुख प्राप्त कर सकते हैं और जब इनका संतुलन ख़राब हो जाता है तब ये तीनों तरह की परेशानियाँ होने लगतीं हैं। वात, कफ तथा पित्त को पुनः संतुलित कर के हम न केवल शारीरिक बीमारियों को दूर कर सकते हैं बल्कि साथ ही मानसिक, आर्थिक एवं आध्यात्मिक  तरक्की भी कर सकते हैं। वात पित्त कफ को सही करने के लिए हमें त्रिफला की अवश्यता होती है ।


त्रिफला हरड़, बहेड़ा, तथा आंवला का मिश्रण होता है । हरड़ बहेड़ा आंवला अर्थात त्रिफला अर्थात तीन फल । हरड़, बहेड़ा एवं आंवला वे तीन फल हैं, जिनका ठीक तरह से प्रयोग कर हम वात, कफ एवं पित्त को फिर एस संतुलित कर सकते हैं।  त्रिफला के प्रयोग के द्वारा सफ़ेद हुए बाल पुनः काले होने लगते हैं । जबकि आधुनिक चिकित्सा शास्त्र के अनुसार जो बाल सफ़ेद हो गये हैं वे दुबारा काले नहीं हो सकते हैं ।




 सर्दियों में तिल व तिल के तेल के औषधीय प्रयोग एवम् उपाय



त्रिफला चूर्ण बनाने की विधि:



त्रिफला बनाने के लिये सूखी हुई बड़ी हरड़, बहेड़ा और आंवला की आवश्यकता होती है। तीनों ही फल साफ एवं कीड़े लगे नहीं होने चाहिये। इनकी गुठली निकाल कर बचे हुये भाग का अलग-अलग चूर्ण बना लें। बारीक छने हुये तीनों प्रकार के चूर्णों को 1 : 2 : 4 के अनुपात में मिलाकर छान कर चूर्ण तैयार करलें । उदहारण के तौर पर यदि 10 ग्राम हरड का चूर्ण लेते हैं तो उसमें 20 ग्राम बहेड़े का चूर्ण और 40 ग्राम आंवले का चूर्ण मिलाएं ।  चूर्ण बनते समय इसके अनुपात का विशेष ध्यान रखें ।  एक बार में उतना ही चूर्ण तैयार करें जितना कि 3 से 4 महीने में समाप्त जाये। क्योंकि 4 महीने से अधिक पुराने चूर्ण की ताकत समाप्त  होने लगती है। जहां तक हो सके घर पर बने चूर्ण का ही प्रयोग करें ।


बहेड़ा के नुकसान (bahede ke nuksan)



बहेड़ा ( baheda) का उपयोग सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, बहेड़ा का उपयोग अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से पाचन खराब हो जाता है वी उल्टी होने की संभावना रहती है । इस लेख में बहेड़ा के फायदे एवम् इसके नुकसान का वर्णन किया गया है, आशा करते हैं कि यह लेख आप लोगो को अवश्य पसंद आया होगा ।



इस लेख का मूल उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करना है । किसी भी गंभीर रोग में इसका सेवन करने से पूर्व चिकित्सक की सलाह अवश्य  लें लेवें ।

धन्यवाद ।



_________________________

Sunday, 1 September 2019

दालचीनी, दालचीनी के फायदे ( dalchini, dalchini ke fayde)

dalchini
 dalchini

दालचीनी के फायदे ( dalchini ke fayde in hindi)



इस लेख में हम आपको दालचीनी के फायदे (dalchini ke fayde) के बारे में बताने जा रहे हैं । दालचीनी के बारे में लगभग सभी लोग जानते होगे, यह रसोई में प्रयोग होने वाला  एक मसाला है । दालचीनी मन को खुश करने वाली होती है । दालचीनी सभी तरह के दोषों को दूर करती है। यह पेशाब और  मासिक धर्म ठीक से होने में फायदे करती है। यह धातु को पुष्ट तथा पागलपन को दूर करने में सहायता करती है। दालचीनी का तेल सूजन तथा दर्द को शांत करता है। सिर दर्द के लिये यह बहुत ही उत्तम औषधि है ।



दालचीनी से तेल भी बनता है। दालचीनी, साबुन, दांतों के मंजन, चाकलेट, सुगंध व उत्तेजक पदार्थो  के रूप में प्रयोग की जाती  है। दालचीनी, स्तम्भक, कीटाणुनाशक, वात हर और उल्टी रोकने वाली, पेट की गैस से छुटकारा दिलाने वाली होती है। चाय, काफी में दालचीनी डालकर पीने से स्वादिष्ट हो जाती है तथा जुकाम में भी फायदे होते  है। दालचीनी की तासीर गर्म होती है ।



दालचीनी का पेड़ कैसा होता है



दालचीनी का पेड़ मुख्यता हिमाचल प्रदेश, श्रीलंका, व मालदीप में पैदा होती है । इस का हमेशा हरा रहने वाला वृक्ष 20 से 25 फिट ऊंचा होता है । इसके पत्ते 4 से 7 इंच लंबे होते हैं । इसकी पत्ती को हाथ से रगड़ने पर थिखी गंध आती है । इसका स्वाद थोड़ा कड़वा होता है । दालचीनी के फूल गुच्छों में दुरगंध युक्त होते हैं । दालचीनी के फल लंबे अंडाकार, गहरे बैंगनी रंग के होते हैं । फल को तोड़ने पर इसके अंदर से दालचीनी की गंध आती है । दालचीनी के पेड़ की छाल रूखी भूरे रंग की 5 एमएम मोटी होती है । दालचीनी के पत्ते तेजपात के रूप में प्रयोग किए जाते हैं ।





दालचीनी के रासायनिक संगठन



दालचीनी की छाल में प्राय:आधे से 1 प्रतिशत तेल पाया जाता है । शुरू में यह हल्के पीले रंग का होता है लेकिन रखने के बाद लाल रंग का हो जाता है । दाल चीनी की पत्ती में भी एक प्रकार का तेल होता है । दालचीनी के बीज में 33 प्रतिशत एक तेल पाया जाता है, यह रंगहीन व कपूर जैसी गंध आती है ।



दालचीनी का वैज्ञानिक नाम है Cinnamomum Zeylanicum Bl,यह Lauraceae कुल का पौधा है । इसे अंग्रेजी Cinnamon में के नाम से जानते हैं।


संस्कृत - दरूसिता, गुड़तवक, चोंच,

हिंदी    - दालचीनी

बंगाली - दरूचनी

मराठी - पुहरचक

गुजराती - तज, बालची

पंजाबी  - दालचीनी

तेलगु   - वक्कल

फारसी - दारचिनी

अरबी  - दारसीनी


दालचीनी के प्रकार



दालचीनी तीन प्रकार की होती है ।


1.  इसको C. cassia  के नाम से जाना जाता है । यह चीन से आती है, यह मोटी छाल की होती है


2.  इसका नाम इसका Cinnamomum sp इसको भारत  में लंका से मंगाया जाता है । यह चीन से मंगाई जाने वाली दालचीनी से पतली छाल की होती है । यह थोड़ी मीठी तथा काम तीखी होती है ।


3. इसका Cinnamomum tamal  नाम है । यही दालचीनी मसाले के रूप में घरों में प्रयोग की जाती है । यह मोटी, कम तीखी, इसी के पत्ते का प्रयोग तेजपात के रूप में किया जाता है । यह भारत में ही पाई जाती है । भारत व चीन की दालचीनी को तज कहते है । तज में तेल नहीं पाया जाता है ।


Dalchini chhal
Dalchini



यह भी पढ़े :  लोग के फायदे एवम् उपयोग (Laung ke Fayde evam Upyog)



दालचीनी खाने के क्या फायदे हैं



1. दालचीनी एवम् दूध के फायदे (dalchni evam doodh ke fayde in hindi )




  • जिन लोगों को रात में नींद न आने की परेशानी होती है उन्हें सोने से पहले दालचीनी वाला 1 गिलास दूध का उपयोग अवश्य करना चाहिए । इससे नींद अच्छी आती है।


  • दालचीनी में ऐेसे ऐसे तत्व  होते हैं जो शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में मधुमेह के रोगी के लिए दालचीनी वाला दूध काफी फायदे करता है।



  • दालचीनी वाला दूध पीने से पाचन सुदृढ होता है और पेट में अम्लता नहीं रहती है । ऐसे में जिन लोगों को खाना सही से नहीं पचता है उन्हें हर रोज दालचीनी सेवन अवश्य करना चाहिए। हड्डियां मजबूत करने में दालचीनी के फायदे होते हैं। जो लोगों को गठिया की समस्या से जूझ रहे है उन्हें नियमित रूप से दालचीनी व दूध का सेवन करना चाहिए।



  • दालचीनी पाउडर त्वचा में बहुत फायदे ही फायदे करता है। दालचीनी वाला दूध पीने से दालचीनी का एंटी- बैक्टेरियल गुण त्वचा और की कई परेशानियों से बचाता है।



2. पेट रोग में दालचीनी के फायदे ( dalchini ke fayde in hindi)




  • पांच ग्राम दालचीनी के चूर्ण में एक चममच शाह मिलाकर, दिन में तीन बार लेने से अतिसार, अफ़ारा, तथा ग्रहणी रोग में दालचीनी खाने के फायदे होते है ।



  • पेट दर्द एवम् उल्टी होने पर इसमें दालचीनी के तेल की 5 से 10 ग्राम मात्रा को मिश्री के साथ मिलाकर सेवन करने से पेट के रोग में फायदे होते है ।



  • अगर दस्त हो गए हों तो 4 ग्राम दालचीनी , कत्था 10 ग्राम दोनो को एक साथ पीसकर इसमें 250 ग्राम उबलता हुए पानी डालकर डाक दें, दो घंटे बाद इसे छान कर दो भाग कर रोगी को पिलाने से दस्त में फायदे होते हैं ।



  • पित्त के कारण होने वाली उल्टी में 10 से 20 ग्राम दालचीनी का क्वाथ पिलाने से वमन में फायदा होता है ।



  • अगर पेट की आंत में खींचाव हो जाए तो दालचीनी का तेल पेट पर मलने से आंत का खीचाव ठीक हो जाता है ।



  • अतिसार होने पर दालचीनी के चूर्ण की 2 से 5 ग्राम को बेल गिरी के शरबत में मिलाकर सुबह शाम दो बार पीने से अतिसार में फायदे होते है ।



  • दालचीनी का चूर्ण 750 मिली ग्राम व 500 मिलीग्राम कत्था दोनों को मिलाकर जल के साथ फंकी दिन में तीन बार लेने से लेने से दस्त में फायदा होता है ।



  • अमाशय में ऐठन हो जाए तो दालचीनी इलायची और तेजपत्ता बराबर मात्रा में लेकर इसका क्वाथ बना लेवें, इस दालचीनी क्वाथ का सेवन करने से अमाशय की ऐठन दूर होती है ।



  • दालचीनी एवम् लौंग को बराबर मात्रा में लेकर इसका क्वाथ बनाकर सेवन करने से वमन में फायदा होता है ।


Dalchini



3. मधुमेह में दाल चीनी के फायदे (dalchini ke fayde )



दालचीनी कैल्शियम बहुत ही उत्तम स्रोत है। दालचीनी शुगर को सन्तुलित करने के लिए एक बहुत अच्छी दावा है, इसलिए इसे आर्थिक रूप से काजोर व्यक्ति का इंसुलिन भी कहा जाता  हैं। दालचीनी खाने का स्वाद तो बढ़ाती है, बल्कि यह शरीर में उपस्थित रक्त शर्करा को भी नियंत्रित करता है। इसका सेवन करने वाला व्यक्ति मधु मेह से बचा रहता हैं और  साथ ही जो मधुमेह के रोगी हैं वे इसके उपयोग से रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित कर सकते है।



  • कप पानी में दालचीनी पाउडर को उबालकर, छानकर रोजाना सुबह पियें। इसे कॉफी में भी मिलाकर पी सकते हैं। इसे सेवन करने से मधुमेह में  फायदे होते हैं ।



  • एक कप पानी में दालचीनी चूर्ण को उबालकर, छानकर रोजाना सुबह पीने से मधुमेह में फायदे होते है । दालचीनी पाउडर को कॉफी में भी मिलाकर पी सकते हैं ।



  • नित्य तीन ग्राम दालचीनी का सेवन करने से न केवल रक्त में शर्करा की मात्रा कम होती है, बल्कि खुल कर भूख भी लगती है, पिसी हुई दालचीनी चाय में एक चुटकी मिलाकर रोज दिन में दो तीन बार पीने से मधुमेह की बीमारी में फायदा मिलता है। दालचीनी का पानी पीने से से रक्त में शर्करा के स्तर में कमी की जा सकती है।


4. कोलेस्ट्रॉल को कम करने में दालचीनी के फायदे ( dalchini ke fayde )



एक चम्मच शहद व तीन चम्मच दालचीनी चूर्ण एक कप पानी में मिलाकर प्रतेक दिन दो से तीन बार सेवन करने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल को मात्रा काम होती है ।


 यह भी पढ़े :   आम के 5 औषधीय उपयोग, फायदे एवम् नुकसान


5. जोड़ो के दर्द में दालचीनी का पेड़ (dalchini ka ped)



दालचीनी के चूर्ण की 10 10 से 20 ग्राम मात्रा को 20 से 20 ग्राम शहद के साथ मिलकर पेस्ट बना लें, दर्द वाले स्थान पर हलकी मालिश करने से फायदा होता है । इसके साथ एक चम्मच शहद 2 ग्राम दालचीनी का चूर्ण को एक कप गुनगुने जल में मिला लें, इसको दिन में सुबह दोपहर व शाम को तीन बार लें ।


6. चर्मरोग में दालचीनी के फायदे (dalchini  ke fayde in hindi)



खुजली, फोड़े फुंसी, दाद होने पर दालचीनी पाउडर को शहद के साथ मिलकर रोग ग्रसित भाग पर लगाने से आराम मिलता है ।


7. दांतदर्द में दालचीनी का पेड़ (dalchini ka ped)





  • दांत में दर्द होने पर दालचीनी का तेल का फत दांतो पर लगाने से दांत दर्द में आराम मिलता है ।



  • दालचीनी के पत्ते यानी तेजपात के 5 से 6 एनजी पीस कर मंजन करने से दांत दर्द में आराम मिलता है ।

Dalchini


8. सिरदर्द में दालचीनी के फायदे (dalchini ke fayde)




  • दालचीनी के तेल को माथे पर लगाने से सर्दी के कारण हुआ सिरदर्द ठीक हो जाता है ।



  • अगर जुकाम के कारण सिर में दर्द हो तो दालचीनी को घिस कर गरम करके मांथे पर लेप लगाना चाहिए ।



  • दालचीनी के पत्ते यानि टेजपात के साथ से दस पत्ते पीस लेप बनाकर  कर कपाल पर लगाने से सर्दी और गर्मी के कारण हुआ सिरदर्द ठीक हो जाता है ।


 यह भी पढ़े :  आम के गुण फायदे तथा उपयोग ( celery in hindi)


9. ज्वर में दालचीनी के फायदे ( dalchini ke fayde)



सर्दी के कारण हुए वायरल बुखार में पांच ग्राम दालचीनी में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह, दोपहर, शाम तीनों समय सेवन करने से ज्वर में फायदे होते है ।


दालचीनी के नुकसान ( dalchini ke nuksan)



दालचीनी का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, गरम प्रकृति वाले लोगो को इसका सेवन नहीं करना चाहिए, इससे इन लोगो के सिरदर्द पैदा हो जाता है । गर्भवती महिलाओं को भी दालचीनी सेवन नहीं करना चाहिए, इससे गर्भ गिरने की संभावना रहती है । इस लिए दालचीनी ( dalchini ) का उपयोग सही मात्रा में ही करें । सीमित मात्रा में सेवन करने से ही फायदे होते हैं ।


_________________________

Monday, 19 August 2019

टमाटर के 10 फायदे एवम् उपयोग




टमाटर के फायदे (Tamato benefit  in hindi):



लेख  में आपको टमाटर खाने के फायदे एवम् इसके उपयोग के बारे में बताने जा रहे हैं । टमाटर को एक सब्जी माना जाता है, जबकि वास्तव में यह एक फल हैं । चाहे आप इसे फल  कहें या सब्जी, टमाटर एक पोषण शक्ति का भंडार है, और जब आप इसे अपने भोजन में शामिल करते है, तो आपको टमाटर खाने के फायदे (Tamatar khaane ke fayde) बहुत सारे मिल सकते हैं ।



इनमें विटामिन ए, सी, और के, फोलेट और पोटेशियम के साथ - साथ थियामिन, नियासिन, विटामिन बी6, मैग्नीशियम, फास्फोरस और तांबे की अच्छी मात्रा होती है, जो कि अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं ।


सबसे अच्छी बात यह है कि टमाटर स्वाभाविक रूप से सोडियम, sachurated fat, कोलेस्ट्रॉल और कैलोरी में कम होते हैं। टमाटर का प्रयोग सलाद और सैंडविच में व सब्जियों के लिए ग्रेवी के रूप में और सॉस और सूप में किया जाता हैं ।


1. त्वचा के स्वस्थ में टमाटर खाने के फायदे (Tamater khane ke fayde) :



  • टमाटर का नियमित खाने से आपकी त्वचा को अच्छा बनाने में सहायता करता है । टमाटर में लाइकोपीन होता है, जो एक एंटीऑक्सिडेंट होता है, जो त्वचा को सूरज की धूप से बचाने में सहायता  करता है । यह पराबैंगनी प्रकाश से नुकसान के लिए त्वचा को सक्षम बनाता है, चेहरे पर  लाइनों और झुर्रियों को दूर करता है ।


  • इसके अलावा, टमाटर का उपयोग  मुँहासे और चकत्ते को ठीक करने या मामूली जलने का इलाज करने के लिए किया जा सकता है । सुस्त त्वचा पर टमाटर का गूदा रगड़ना एक स्वस्थ चमक को पुनर्जीवित करने का एक आसान तरीका है ।





2. हड्डियों के स्वास्थ्य में टमाटर खाने के फायदे (Tamatar khane ke fayde in hindi) :



  • टमाटर आपकी हड्डियों के लिए अच्छा है क्योंकि उनमें विटामिन के और कैल्शियम की उपस्थिति होती है। ये दोनों तत्व हड्डियों को मजबूत और मरम्मत के लिए उपयुक्त हैं।


  • एंटीऑक्सिडेंट लाइकोपीन को हड्डी के घनत्व में सुधार करने के लिए भी  उपयोगी है, जो ऑस्टियोपोरोसिस से लड़ने का एक अच्छा स्रोत है, यह वह बीमारी है जो हड्डी के फ्रैक्चर, विकलांगता और विकृति का कारण बन सकती है ।







3. दृष्टि में सुधार में टमाटर के फायदे (tamatar ke fayde):




  • टमाटर में विटामिन ए और सी की उच्च मात्रा आपकी दृष्टि को बेहतर बनाने और रतौंधी को होने से बचाता है।


  • मोतियाबिंद के वृद्धि में टमाटर खाने के फायदे होते हैं । यह मोतियाबिंद के खतरे को कम कर सकता हैं । साथ ही, टमाटर में फाइटोकेमिकल एंटीऑक्सिडेंट ज़ेक्सैन्थिन, ल्यूटिन और लाइकोपीन होते हैं। ये सभी यौगिक आंखों को नुकसान से बचाते हैं ।



बालों झड़ने की समस्याओं में टमाटर के फायदे ( benefit of tomato in hair loss in Hindi ):



  • टमाटर आपके बालों को भी बेहतर बना सकता है। टमाटर में मौजूद विटामिन (विशेष रूप से विटामिन ए) और आयरन बालों को मजबूत बनाने के साथ-साथ सुस्त, क्षतिग्रस्त और बेजान बालों में चमक बढाने में मदद करते हैं।


  • इसके अलावा, टमाटर में अम्लता आपके बालों में पीएच स्तर को संतुलित करने में मदद करती है ।


  • यदि आपके खुजली व रूसी है, तो बस शैम्पू करने के बाद अपने खोपड़ी और बालों पर ताजा टमाटर का रस लगा लें, इसे चार से पांच मिनट के लिए छोड़ दें और फिर ठंडे पानी से धो लें।


नोट: अपने बालों पर नियमित रूप से टमाटर का उपयोग न करें, क्योंकि उनकी अम्लता आपके बालों में खुश्की कर सकता है।






5. ब्लड शुगर लेवल को कम करने में टमाटर खाने के फायदे ( Tamatar khane ke Fayde) :




  • डायबिटीज के मरीजों के ब्लड शुगर लेवल को कम करने के लिए टमाटर एक अच्छा स्रोत है। इनमें बहुत कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो मूत्र के ग्लूकोज स्तर को नियंत्रित करने में सहायता करता है।


  • टमाटर क्रोमियम का एक बहुत अच्छा स्रोत हैं जो रक्त शर्करा, साथ ही फाइबर को नियंत्रित करने में सहायता करता है, जो रक्त शर्करा के स्तर को बहुत अधिक होने से रोकने में सहायक है।


  • अनेक अध्ययनों से मालूम चला है कि टमाटर में उपस्थित एंटीऑक्सिडेंट गुर्दे और रक्तप्रवाह को सुरक्षा प्रदान करते हैं, मधुमेह से प्रभावित दो क्षेत्रों ।






6. प्रोस्टेट कैंसर में टमाटर के फायदे (Tomato benefit in hindi) :




  • नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि अधिक टमाटर खाने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है । इस लिए टमाटर का सेवन सीमित मात्रा में करें, इससे बालों में फायदे होते हैं ।


  • यह फेफड़े, पेट, गर्दन, मुंह, ग्रसनी,  बड़ी आंत, छोटी आंत, मलाशय और डिम्बग्रंथि के कैंसर जैसे अन्य कैंसर के खतरे को भी कम करने में टमाटर खाने के फायदे होते हैं । ऐसा मुख्य रूप से टमाटर में उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट 'लाइकोपीन' के कारण होता है ।



7. वजन को नियंत्रित करने में कच्चा टमाटर खाने के फायदे ( kachha Tamatar khane ke fayde) :




  • टमाटर आपको वजन कम करने में भी फायदा कर सकता है । टमाटर में  वसा में बहुत कम मात्रा में होता हैं और कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है । इनमें बहुत सारा पानी और फाइबर होता है, इसलिए ये बहुत सारे कैलोरी के बिना आपके पेट को भरने को भरने का काम करता हैं ।


  • इसलिए, यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो अपने खाने में बहुत सारे टमाटर शामिल करें । आप टमाटर कच्चा खा सकते हैं या सलाद, सैंडविच और अन्य भोजन में शामिल कर सकते हैं ।


8.  अनिद्रा में टमाटर के फायदे (tomato benefit in hindi) :




  • पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के पेरेलमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन के एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग अधिक लाइकोपीन का सेवन करते हैं, वे उन लोगों की तुलना में बेहतर नींद का आनंद लेते हैं, जो नहीं करते हैं । (टमाटर में लाइकोपीन की अच्छी मात्रा होती है)


  •  अपने आहार में विटामिन सी के उच्च स्तर से नींद को बढ़ा सकते हैं और टमाटर विटामिन सी का एक बड़ा स्रोत हैं। इसलिए, यदि आप ठीक से नहीं सो रहे हैं, तो रात के खाने के समय टमाटर का सूप या टमाटर के साथ सलाद खाने की प्रयास करें। इससे नींद आने में फायदे होते हैं ।






9. ब्लड प्रेशर में टमाटर खाने के फायदे (Tamatar khane ke fayde):




  • टमाटर, पोटेशियम में भरपूर मात्रा में नी हैं, निम्न रक्तचाप को कम करने में टमाटर खाने का फायदा होता हैं । यह पाया गया है, कि आपके आहार में पोटेशियम की कमी होने पर रक्तचाप बढ़ सकता है, खासकर यदि आप बहुत अधिक सोडियम का सेवन करते हैं। पोटेशियम आपके शरीर से सोडियम को कम करने में सहायता करता है।


  • सिर्फ एक कप ताजा टमाटर में पोटेशियम की आपकी दैनिक आवश्यकता का 11.4 प्रतिशत होता है, इसलिए अधिक टमाटर खाने से उच्च रक्तचाप से लड़ने और विभिन्न हृदय स्थितियों के खतरे को कम करने का एक शानदार तरीका है।


  • इसी समय, टमाटर में लाइकोपीन, विटामिन ए और सी, फाइबर और कैरोटीनॉयड जैसे शक्तिशाली पोषक तत्व होते हैं, जो हृदय रोग के खतरे को कम करने का काम करते हैं।



10. क्रॉनिक दर्द में टमाटर के फायदे ( Tamatar ke fayde) :




बायोफ्लेवोनॉइड्स और कैरोटेनॉइड जैसे एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंटों की उपस्थिति के कारण टमाटर खाने से पुराने दर्द को भी कम करने में फायदा करता है। जो लोग नियमित रूप से हल्के से मध्यम दर्द से पीड़ित होते हैं, उनमें अक्सर सूजन होती है। सूजन कम करने से दर्द में आराम मिलेगा।



अगली बार जब आप खरीदारी कर रहे हों, तो अपनी टोकरी में टमाटर डालना न भूलें। चाहे ताजा, स्टू, रसदार, शुद्ध या धूप में सुखाया हुआ हो, टमाटर खाना स्वस्थ रहने का एक आसान और स्वादिष्ट तरीका है ।



इस लेख में टमाटर के फायदे (Tamatar khane ke fayde) के बारे में वर्णन किया गया है, आशा करते हैं यह लेख आपको अवश्य पसंद आया होगा । पसंद आए तो शेयर जरूर करें ।

धन्यवाद ।


-----------------------------------------