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Sunday, 12 January 2020

सफेद मूसली के फायदे एवम् नुक़सान( safed musli ke fayde evam nuksan)

Safed musli ka paudha
Safed musli ka paudha





सफेद मूसली के फायदे एवं नुकसान (safed musli ke  fayde evam nuksan)





सफेद मूसली एक पौधा है सफेद मूसली का उपयोग आयुर्वेद में बड़े पैमाने में किया जाता है क्योंकि इससे अनेक रोगों का उपचार किया जाता है ।  सफ़ेद मुसली में विटामिन,  प्रोटीन, स्टेरॉयड, कार्बोहाइड्रेट और पॉलीसैकराइड्स आदि प्रयाप्त मात्रा में होता है और यह सबसे कीमती जड़ी बूटी मानी जाती है । यह बहुत सी बिमारियों के इलाज में प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा इसे दूसरी चीजों के साथ मिलाकर भी औषधि तैयार की जाती है।



मुख्य रूप से सफेद मूसली का उपयोग सेक्स सम्बन्धित रोगों के लिए किया जाता है। मर्दों में शुक्राणुओं की कमी होनें पर इसका प्रयोग करते है। सफेद मूसली पौधे की जड़ में अनेक प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं। जैसे -  प्रोटीन, सैपोनिन, फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम आदि । इसके अतिरिक्त सफेद मूसली की जड़ में ग्लूकोस, सुक्रोज भी पाए जाते हैं।



सफेद मूसली के फायदे (safed musli ke fayde)





कुछ विशेष फायदे निम्न प्रकार हैं। सफेद मूसली आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी ताकत प्रदान करती है, जिससे बाहरी रोगों से शरीर की रक्षा होती है । सफेद मूसली मर्दों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की मात्रा को भी  बढ़ाता है। इससे एड्रेनल ग्रंथि ठीक से कार्य करती है।



1. सफेद मूसली रोग प्रतिरोधक छमता को बढ़ाती है: 




ऐसा माना जाता है कि सफेद मूसली शरीर की रोगप्रतिरोधक छमता में सुधार कर इसे मजबूत बनाता है। यह रोगों से लड़ सकता है, जिससे शरीर मजबूत हो सकता है। सफेद मूसली आपके पूरे स्वास्थ्य को बढा कर  शरीर की कमजोरी का मुकाबला करता है।





2. यौन रोगों में सफेद मूसली के फायदे(safed musli ke fayde):




सफेद मूसली का उपयोग यौन समस्याओं जैसे कि शीघ्रपतन एवम् स्तंभन दोष के उपचार के लिए किया जाता है। यौन कामेच्छा वृद्धि के लिए यह जड़ी बूटी एक टॉनिक के रूप में भी काम करती है। 



3. मुंह के इन्फेक्शन में सफेद मूसली के फायदे(safed musli ke fayde): 





सफेद मूसली की जड़ का पाउडर और शुद्ध मक्खन (घी) में तल कर सेवन करें इससे गले और मुंह के संक्रमण को कम करने में सहायता मिलती है।



safed musli ki jad, safed musli ka pawder
सफेद मूसली की जड़



4. डायरिया रोग में सफेद मूसली के उपयोग (safed musli ke upyog):




डायरिया में सफेद मूसली का फायदा यह है कि जो दस्त और पेचिश जैसे पाचन संबंधी समस्याओं से पीड़ित है। उन्हें सफ़ेद मुसली के सेवन करने से इस रोग का  प्रभावी उपचार किया जा सकता है। यहां तक ​​कि शिशुओं को दस्त का इलाज करने के लिए सफेद मूसली की एक छोटी सी खुराक दी जा सकती है।



5. जोड़ों के दर्द में सफेद मूसली के फायदे (safed musli ke fayde): 




सफ़ेद मुसली में ऐसे गुण होते हैं जो जोड़ों के दर्द, गठिया जैसे रोगों के उपचार में फायदा करता है । यह जोड़ों के फ्लूड के उत्पादन को बढ़ाता है और हड्डियों के क्षरण को कम करता है।



6. सफेद मूसली एंटीऑक्सीडेंट का कार्य करता है: 




सफेद मुसली को एक एंटीऑक्सिडेंट माना जाता है, यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में सहाइटा करता है है। यह शरीर से मुक्त कणों को समाप्त करता है,  यह आपको तनाव मुक्त करने और तनाव से संबंधित समस्याओं का इलाज करने में भी सहायता करता है।

7. मधुमेह में सफेद मूसली के फायदे( benefit of safed musli in sugar in hindi): 




सफेद मूसली एक ताकतवर एंटी- ऑक्सिडेंट है । यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करके मधुमेह के रोग की चिकित्सा में उपयोगी है। जबकि आयुर्वेद के अनुसार यह माना जाता है कि इस जड़ी बूटी का उपयोग केवल पतले मधुमेह रोगियों द्वारा किया जाना चाहिए।स



8. शरीर को सुदृढ करने में सफेद मूसली की फायदे ( safed musli ke fayde):  




मूसली मांसपेशियों की वृद्धि, नए उत्तकों का निर्माण में फायदा प्रदान करता है। इसमें ऐसा गुण होता है जो शरीर सौष्ठव में एक पूरक का काम करता है । सभी बॉडी बिल्डरों को सलाह दी जाती है कि वे अपने काम को नियमित करने, और शरीर बनाने के लिए इसका सेवन करें।



9. कम करनेवजन  में सहायक है(benefit of safed musli in weight loss in hindi):




अगर आप अपना वजन घटाना चाहते हैं तो सफेद मुसली का सेवन बहुत सहायता कर सकता है। यह पाचन तंत्र को ठीक रख कर चयापचय की क्रिया को बढ़ाता है। यह शरीर को शक्ति भी प्रदान करता है और थकान से छुटकारा पाने में सहायता करता है।



10. सफ़ेद मुसली का उपयोग (safed muli ka upyog)




सफेद मूसली का सेवन दिन में दो बार दूध के साथ किया जा सकता है। प्रति दिन इसकी 3-5 ग्राम की मात्रा काफी मानी जाती है।



स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध उत्पादन को बढ़ाता है और इसके कोई दुष्प्रभाव नहीं होते हैं।



सफेद मूसली का उपयोग करने के लिए कोई विशेष प्रतिबंध नहीं हैं। फिर भी इसका सेवन शुरू करने से पहले किसी चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।



सफेद मूसली की जड़, सफेद मूसली का पाउडर
सफेद मूसली



सफेद मूसली खाने के नुक़सान (safed musli khane ke nuksan)




सफेद मूसली के फायदों के अलावा कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, इस लिए इसे उचित मात्रा में ही खाना चाहिए । इसके निम्न नुकसान हो सकते हैं ।



  • सफेद मूसली का सेवन यदि सही मात्रा में नहीं किया जाता है, तो वजन बढ़ने की संभावना रहती है। सेवन करने से पूर्व चिकित्सक से चर्चा करना अनिवार्य है।



  • इसे खाने के बाद पचने में समय लगता है, इसलिए पाचन तंत्र पर इसका असर पड़ सकता है।



  • कब्ज़ की समस्या हो सकती है।



  • कभी कभी भूख भी कम हो लगती  है।



  • सफेद मूसली तासीर में ठंडी होती है, इसलिए यह जुकाम और कफ की समस्या को पैदा सकता है।



  • त्वचा संबंधी परेशानियां हो सकती है।



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सफेद मूसली के उपयोग में सावधानियां 




  • बहुत अधिक सुरक्षित सफेद मूसली का सेवन अत्यधिक मात्रा में करने से शरीर में कुछ बदलाव हो सकते हैं, यही वजह है कि हमेशा निर्धारित मात्रा लेने के लिए कहा जाता है।



  • सफेद मुसली का सेवन आमतौर पर पानी या दूध के साथ किया जाता है। यह इन दोनों के साथ  सेवन करने की सलाह दी जाती है, शराब के साथ इसका सेवन करने का कोई हानिकारक प्रभाव हो सकते हैं।



  • सफ़ेद मुसली का दिन में दो बार सेवन करना पर्याप्त और प्रभावी है।



  • सफेद मूसली को भोजन के दो घंटे बाद लेना चाहिए



  • सफेद मूसली का सेवन पानी के साथ का सेवन कर सकते हैं। पानी के साथ सेवन करते समय ध्यान रखें कि पेट खाली हो 

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1 comment:

mtom said...

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