एलोवेरा के गुण फायदे तथा उपयोग - aloe vera ke gun, fayde, tatha upyog - Godesihealth

मई 07, 2018

एलोवेरा के गुण फायदे तथा उपयोग - aloe vera ke gun, fayde, tatha upyog

इस लेख में आपको एलोवेरा के गुण, फायदे तथा उपयोग के बारे में बताने जा रहे हैं । हमारे ग्रंथो मे एलोवेरा के गुण, फायदे तथा उपयोग का विशेष उल्लेख मिलता है । स्थान व जलवायु के अनुसार इसकी  अनेक प्रजातिया पायी जाती हैं । और इनका प्रयोग अनेक रोगों मे किया जाता है। 


इसका वैज्ञानिक नाम aloe barb-adensis है । इसका अंग्रेजी मे aloe vera तथा हिन्दी मे : धृतकुमारी, गुजराती : कुंवार, तेलगु : कलबंद, नेपाली : घ्यू कुमारी, मराठी : कोर फड़ व फारसी मे दरखते सीब्र कहते है। 



एलोवेरा के पत्ते को काटने पर हल्के पीले रंग का एक श्लेष्मक पदार्थ निकलता  है, जिसे कुमारीसर कहते है । 


यह 30 - 60 सेमी ऊंचा, मांसल, शकिये पौधा होता है, इसकी जड़ के ऊपर चारो तरफ मोटे मांसल पत्ते निकलते है ।एलोवेरा के पत्ते गुदे से भरे होते है । पत्ते के किनारो पर छोटे छोटे कांटे होते है ।     



एलोवेरा, aloe vera in hindi
Alovera ka ped
                                                                                                                                   
  
 यह भी जाने:- Giloy का उपयोग fiver एवं अनेक रोगों मे कैसे करें


एलोवेरा के रसायनिक संगठन -Aloevera ke rasaynik sangthan



एलोवेरा के पौधे में अलोएसोंन, अलोइन, एलोसिंन पाया जाता है। इसकी पत्तियो मे साइट्रिक एसिड, टार्टरिक एसिड, मेलिक एसिड, गुलक्योंरिक एसिड, बरबोलिंन मुयुसिलेज, गुलुकोज, ग्लैक्टोज आदि तत्व पाये जाते है ।


एलोवेर के स्वास्थ्य लाभ-health benefits of aloe vera



एलोवेरा भारी, कड़वा, शीतल होता है। ये दस्तावर, आँखों के लिए लाभदायक, मधुर, वीर्यवर्धक होता है। यह वात  पित, कफ ज्वर, लीवर, खून सम्बंन्धित विकार व त्वचा रोगों मे उपयोगी है।


एलोवेरा के अपने गुण के कारण इससे बहुत से रोगों के इलाज मे उपयोग किया जाता हैजैसे- पेट की गांठ, पेट मे जलन, आँख का लाल होना, आंंख मे दर्द कानो मे दर्द, लीवर मे कमजोरी, आदि रोग मे उपयोग किया जाता है।


इसकेे अलावा मुुत्र मे जलन, मधुुुमेेेह, मांनसिक कमजोरी, गठिया, त्वचा रोग, नासूूूर, बुखार  मे भी किया जााता है। एलोवेरा के पेड़ का उपयोग निम्न प्रकार किया जाता हैं । 


एलोवेरा के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं -what is the health benefits of aloe vera


1. नेत्र रोग में एलोवेरा के गुण, फायदे -aloe vera ke gun fayde




1.२ . इसके गूदा में हल्दी डाल कर थोड़ा गर्म कर बंधने से नेत्र की पीड़ा मिटती है।


2. कानो में दर्द में एलोवेरा के उपयोग -Aloe vera ke upyog



एलोवेरा के जूस को जिस कान मे दर्द है, उसके दूसरी तरफ के कान मे दो बूंद डालने पर शूल मिटता है । Alovera juice ke Fayde बहुत से हैं ।


3. कान के कीड़े दूर करने में एलोवेरा  के फायदे -Aloe vera ke fayde



गर्मी के कारण कान मे कीड़े पड़ जाते है, इसके लिए एलोवेरा को पानी मे पीस कर कान मे दो-दो बूंद डालने से कान के कीड़े मरते है।


4. पेट दर्द में लाभ करता है एलोवेरा -Alovera ke labh




कुमारी की जड़ 10 से 20 ग्राम जड़ को कुचल कर उबाल कर छान कर उस पर भुनी हुई हींग छिडक कर मरीज को देने से पेट का दर्द मिटता है।


5. पेट की गांठ में एलोवेरा के फायदे -aloe vera ke fayde



पेट की गांठ दूर करने में एलोवेरा के फायदे होते हैं । एलोवेरा के गूदा को पेट पर बांधने से पेट की गांठ बैठ जाती है व पेट मुलायम हो जाता है तथा पेट मे जमा मल बाहर निकाल जाता है


6. मासिक धर्म का उपचार - aloe vera se upchar



धृतकुमारी के 10 ग्राम गूदा पर 500 मिली ग्राम पलाश की छाल बुरक कर दिन मे दो बार सेवन करने पर मासिकधर्म ठीक हो जाता है।


एलोवेरा, aloe vera ke fayde
एलोवेरा का पौधा

7. मूत्र संक्रमण में एलोवेरा के फायदे -aloe vera ke fayde



एलोवेरा के ताजे 5 से 10 ग्राम गूदा मे शक्कर मिलाकर खाने से मूत्र संक्रमण मिटता है तथा दाह शांत होती है।


8. मधुमेह में फायदा करता है एलोवेरा -Aloe vera ke gun, fayde



घीक्वार का 5 ग्राम गुदा 300 ग्राम कुमारी सत्व के साथ देनें से मधुमेह के रोगी को आराम मिल जाता है ।


9. पीलिया में एलोवेरा के उपयोग -Aloevera ke upyog



एलोवेरा के रस की 10 से 20 मिली मात्रा दिन मे दो तीन बार देने से पित्त नलिका का अवरोध दूर होकर लाभ होता है । इसके प्रयोग से नेत्र का पीलापन दूर होता है, कब्ज दूर होती है, शरीर से पीला पन कम हो जाता है ।


यह भी जाने : बकायन के 9 उपयोग, लाभ, और हानियां


10. लीवर की कमजोरी दूर करता है एलोवेरा



कुमारी के पत्तो का जूस दो भाग  तथा मधु 1 भाग दोनो को मिला कर चीनी मिट्टी के बर्तन मे मुह बंद कर एक सप्ताह तक, धूप मे रखते है, इसके बाद इसको छान लेते है। इस औषधि की 10 से 20 ग्राम मात्रा का सुबह शाम सेवन करने से यकृत विकारो मे लाभ होता है। 



यह भी जाने :-  आँवले का उपयोग बुढ़ापा दूर रखने व जवानी बनाए रखने में सहायक,

 
Aloe vera, aloe vera ke fayde
एलोवेरा की पत्ती


11. वात् व कफ सबंधी रोग का घरेलू उपचार-Aloe vera se ghrelu upchar



एलोवेरा के गुण के कारण ये वात कफ संबंधी रोगों के लिए विशेष उपयोगी है ।सबसे पहले एलोवेरा के पत्तो को दोनो और से काटे अच्छी तरह धोकर साफ कर ले और छोटे छोटे टुकड़े कर ले। इसे मिट्टी के पात्र मे रखे । 


5 किलो टुकड़े मे आधा किलो नमक मिला कर मुह बंद कर के 3-4 दिन के लिए  धूप रखे । समय समय पर हिलाते रहे । 3-4 दिन बाद इसमे 100 ग्रा. हल्दी, 100ग्राम सफेद जीरा, 100 ग्राम धनिया, 50 लाल मिर्च, 30ग्राम अजवायन, 100ग्राम सौंठ, 6ग्राम भुनी हुई हींग, 6ग्राम काली मिर्च, 5ग्राम पीपल, 5ग्राम लोंग, 5ग्राम दालचीनी, 50ग्राम सुहागा, 50ग्राम अकरकरा, 100ग्राम कला जीरा, 50 ग्राम इलाची, तथा 300 ग्राम पिसी हुई राई डाले । इस सब को मिला कर कूट ले।  इस मिक्चर को ताकत व उम्र के हिसाब से 3-6 ग्राम मात्रा देने से पेट के वात कफ संबंधी रोग मिटते है। 


उपर बताये फायदे के अतिरिक्त aloe vera jel ke fayde भी होते हैं, इसका इस्तेमाल skin रोग में व एलोवेरा जूस का इस्तेमाल पेट को स्वस्थ रखने व अन्य रोगों मे किया जाता है 


अगर एलोवेरा के नुकसान कि बात की जाए तो यह न के बराबर होते हैं, जबकि एलोवेरा का पेड़ औषधीय कार्यों में बहुत उपयोगी माना गया है, एलोवेरा का उपयोग बहुत से रोगों में किया जाता है, एलोवेरा के फायदे अनगीनित हैं ।                                                                                                                  

जब ये औषधि सूख जाए तो इसका प्रयोग दाल सब्जी मे किया जा सकता है ।एलोवेरा के पेड़ के अत्यधिक गुण, फायदे होने के कारण इसे आर्युवेद में बहुत महत्व पूर्ण माना गया है ।  



  --------------------------------------------------------