expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

Monday, 8 October 2018

कालीमिर्च के फायदे व इसके उपयोग सिर, स्वांस, खांसी में (benefit of black pepper in Hindi)

कालीमिर्च
Kali mirch

कालीमिर्च के फायदे व इसके उपयोग (benefit of black pepper in Hindi)



कालीमिर्च (Black pepper), सर्दियों में सर्दी, जुकाम व खांसी में इसका बहुत उपयोग होता है ।  इसको घी केे साथ मिलाकर खाने के बहुत से फायदे है ।  इसका उपयोग रोज करना चाहिए, काली मिर्च का प्रयोग प्रतेक घर में मसाले के रूप में किया जाता है, इससे सभी लोग परिचित हैं। इसके अलावा Kalimirch का उपयोग रोगों को दूर करने के लिए घरेलू नुस्खों के रूप में प्रयोग किया जाता है । कालीमिर्च का पौधा बेल (लता) की तरह का होता है, इसकी शाखाएं दूसरे पौधे के तने के सहारे बढ़ती है । इंग्लिश में इसे black pepper के नाम से जाना जाता है । इसे कालीमिर्च, सरी, गोलमिरच, मिर्यालू, मरिच आदि नामों से जाना जाता है । इसकी पैदावार ज्यादातर साउथ इंडिया में होती है ।

  • यह कच्ची अवस्था में  हरी होती है, पकने पर यह लाल हो जाती है, इसको कच्चा तोड़ कर सूखा लेते हैं । सूख कर यह काली हो जाती है । कालीमिर्च में वसा, प्रोटीन, खनिज पदार्थ, लोहा, कैलशियम, कार्बो हाइड्रेट्स, फास्फोरस, राइबोफ्लेविन, निकोटेनिक एसिड, व विटामिन A पाया जाता है ।


कालीमिर्च के गुण व फायदे (benefit of kalimirch):


  • काली मिर्च वात का शमन करती है
  • यह कफ निस्सराक होती है
  • यह तीक्ष्ण व गरम होती है
  • यह पाचक व लिवर को उत्तेजित करती है
  • यह मुत्रल होती है तथा चर्मरोग, कुष्ठ,व ज्वर में लाभ करती है 
  • यह तीक्ष्ण होने के कारण शरीर के सभी श्रोतो से मलो को बाहर करती है । जिससे शरीर का शोधन होता है ।
  • कालीमिर्च सिर, नेत्र, नाक आदि रोगों में फायदा करती है ।
  • यह पेट व फेफड़ों के लिए भी उपयोगी है ।
  • इसे खाने से मूत्र खुलकर होता है।


1.सिर के रोगों में फायदे:



  • चावल के पानी के साथ कालीमिर्च को पीस कर माथे पर लगाने से आधाशिशी का दर्द ठीक हो जाता है ।
  • इसको को सुई पर लगाकर आग पर जलाकर, जब इसमें धुआ निकलने लगे तो इस धुएं को नाक के रास्ते सूंघने से से सिर दर्द व हिचकी में लाभ मिलता है ।
  • सिर की जुंए नष्ट करने के लिए 5 -6 Kalimirch व 10 -12 शितफल के बीज को सरसों के तेल में मिलाकर रात को सिर में बालों की जड़ में मले व सुबह सिर धो ले। इससे हुए खत्म हो जाएंगी ।
  • यदि दाद के कारण सिर के बाल झड़ गए हों तो कालीमिर्च को प्याज के रस व नमक के साथ मिला कर सिर पर लगाने से  बाल झड़ना रुक कर फायदा होता है ।


2.सांस के रोग व खांसी में कली मिर्च का उपयोग:



  • गांयें के दूध में कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर उबालकर पीने से श्वास रोग व खांसी में लाभ होता है ।
  •  इसके 2 से 3 ग्राम चूर्ण को घी व शहद में मिलाकर चाटने से , सर्दी, खांसी, सीने का दर्द व फेफड़ों में जमा कफ बाहर निकाल जाता है ।
  • गले की खराश हो तो दो से 3 कली मिर्च मुह में रख कर चूसने भर से खराश व खांसी में लाभ मिलता है ।
  • खांसी यदि कष्ट दायक है तो कालीमिर्च का चूर्ण दो भाग व पीपल का चूर्ण दो भाग, अनार की छल दो भाग, व जोखार एक भाग को मिला कर चूर्ण बना लें । इस चूर्ण को 8 भाग गुड में मिलाकर  इसकी एक एक ग्राम की गोलियां बनाकर दिन में तीन बार सेवन करने से लाभ मिलता है ।
  • काली मिर्च 6 नग व पीपली एक नग ( छोटी), व 5 मिलीग्राम अदरक के रस को 10 मिलीग्राम शहद के साथ दिन में तीन बार दो दिन तक चाटने से गले की खराश व खांसी में फायदा होता है ।


3.नेत्र रोग में कालीमिर्च के फायदे:



  • प्रातः काल कली मिर्च का सेवन घी व मिश्री के साथ करने से नजर तेज होती है व मस्तिष्क को मजबूती मिलती है । इसके लिए 1 ग्राम कली मिर्च व एक चममच देसी घी व जरूरत के हिसाब से मिश्री मिलाकर चाटे व इसके ऊपर से दूध पिए ।
  • काली मिर्च को दही के साथ पीस कर नेत्र में अनजन करने से रतौंधी का रोग ठीक हो जाता है ।
  • कालीमिर्च के का चूर्ण आधा ग्राम को एक चममच देसी घी के साथ प्रतिदिन सेवन करने से अनेक प्रकार के रोग ठीक हो जाते है ।


4.जुकाम में कालीमिर्च के लाभ:




  • दही की 50 ग्राम मात्रा व गुड 20 ग्राम तथा 1से 1/5 ग्राम कालीमिर्च का चूर्ण तीनों को मिलाकर दिन में तीन चार बार इसका सेवन करने से जुकाम का खतम हो जाता है ।
  • काली मिर्च के दो ग्राम चूर्ण को मिश्री मिले दूध के साथ सेवन करने से जुकाम में फायदा होता है । अगर कालीमिर्च के 6 से 7 दाने निगल लेने से भी जुकाम में लाभ मिलता है ।


कालीमिर्च की पत्ती
कालीमिर्च के पत्ते


5. हैजे में कालीमिर्च का उपयोग:



  • हैजा से पेचिस होने पर, कालीमिर्च चूर्ण आधा ग्राम व हींग 1/2 ग्राम, व अफीम का 100 मिलीग्राम का मिश्रण बनाकर पानी या शहद के साथ रोगी को सुबह, दोपहर, शाम देना चाहिए।
  • कालीमिर्च चूर्ण का एक भाग, भूमि हुई हींग एक भाग को एक साथ खरल करके 2 भाग देसी कपूर मिलाकर  2 रत्ती की गोली बनाकर आधे आधे घंटे में रोगी को एक एक गोली देने से हैजे की प्रारंभिक अवस्था में लाभ होता है ।




6.अर्श में फायदा करता है कालीमिर्च:




  • कालीमिर्च चूर्ण की 25 ग्राम मात्रा , 35 ग्राम भुने हुआ जीरा व शहेद की 180 ग्राम मात्रा तीनों को मिक्स करके अवलेह बनालें, इसकी 3 से 5 ग्राम मात्रा  दिन में 3 से 4 बार चताने से रोगी को फायदा होता है ।
  • भूना जीरा एक ग्राम कालीमिर्च का चूर्ण 2 ग्राम शहद 15 ग्राम इन तीनों को मिलाकर गरम जल के साथ या छाछ के साथ दिन में दो बार सेवन करने से आराम मिलता है ।


विशेष:



कालीमिर्च बहुत ही लाभकारी होती है, यह हर घर में मौजूद होती है, इसका सेवन सभी को करना चाहिए । ऊपर बताए नुस्खों के अलावा और भी बहुत से रोगी में इसका उपयोग किया जाता है । अगर विषम ज्वर हो तो Kali mirch के 5 दाने, अजवायन 1 ग्राम और हरी वाली गिलोय 10 ग्राम इन तीनों को एक पाव पानी के साथ पीस कर छान कर सेवन करने से लाभ मिलता है । आशा करता हूं कि यह लेख आप को पसंद आया होगा । इस लेख का मूल उद्देश्य लोगो को घरेलू नुस्खों के प्रति जागरूक करना है, गंभीर रोग में इनका प्रयोग किसी वैध की देख रेख में करें । 
धन्यावाद ।
                     
                                  


============================


No comments: