Sunday, December 08, 2019

सूरजमुखी के बीज के फायदे एवम् उपयोग ( surajmukhi ke beej ke fayde evam upyog)

Surajmukhi ke beej, sunflower in hindi
Surajmukhi ke beej


सूरजमुखी के बीज के फायदे - surajmukhi ke beej ke fayde 



सूरजमुखी के बीज के फायदे बहुत है । सूरजमुखी के बीज (sunflower in hindi ) से हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है, कोलेस्‍ट्रॉल में कमी आती है, त्‍वचा में चमक आती है एवम् बालों को स्वस्थ रखता है।



सूरजमुखी के बीज विटामिन बी से भरपूर होते हैं और फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, लोहा, कैल्शियम, पोटेशियम, प्रोटीन और विटामिन ई की अच्छी मात्रा होती हैं । इसमें खनिज, जस्ता, मैंगनीज भी पाये जाते हैं । जस्ता, सूरजमुखी के बीज का एक अच्छा प्राकृतिक स्रोत और प्रतिरक्षा बूस्टर हैं। यह हृदय रोग से बचाने में भी सहायता करता हैं ।



सूरजमुखी की पहचान यह है कि यह दिनभर सुरी के चारो और गुमता रहता है, जिस दिशा में सुरी होता है सूर्यमुखी का पुष्प उसी दिशा में मुंह कर लेता है । इसके फूल सुबह सूर्य निकलने पर खिलते है तथा सूर्य अस्त होने पर शाम को मुरझा जाते हैं । सूरज मुखी के फूल पीले, बेगनी तथा सफेद रंग के होते हैं, बैगनी रंग का सूरजमुखी मुख्यता बिहार, उड़ीसा, गुजरात तथा दक्षिण भारत में पाया जाता है । सभी प्रकार के सूरजमुखी के गुण धर्म एक जैसे होते हैं ।




Surajmukhi ke beej, surajmukhi me phool
Surajmukhi ke phool



सूरजमुखी का पौधा 1 से 4 फुट ऊंचा होता है। सूरजमुखी के फूल के बीच भाग में बीज भरे रहते हैं, सूरज मुखी की पौधों का रोपण बीज द्वारा ही होता है ।



सूरजमुखी के रासायनिक संगठन




ताजे पौधे को कुचलने से एक तेल प्राप्त होता है । सूरजमुखी का तेल के गुण और कर्म, लहसुन और सरसों के समान होते हैं सूरजमुखी के बीज ( surajmukhi ke beej in hindi) में एक स्थिर तेल पाया जाता है  ।



सूरजमुखी के औषधीय गुण (suraj mukhi ke aushdhiye gun)




सूरजमुखी( sunflower in hindi) कफ, वात का शमन करता है । सूरजमुखी के पांचों अंगो फूल, बीज, पत्ते, तना, जड़ में एल्कोहल के सत्व में कैंसर विरोधी क्रिया पाई जाती है । तीनों प्रकार के सूरजमुखी स्थानिक प्रयोग से राई के समान क्रिया करते हैं और उत्तेजक होते हैं ।



सूरज मुखी का वेज्ञानिक नाम Helianthus annuus L. है । यह  Asteraccae  कुल पौधा है । अंग्रेजी में इसे sunflower, lady elewen के नाम से जानते हैं ।


इसे अलग अलग छेत्र में निम्न नामों से जाना जाता है ।



हिंदी -  सूरजमुखी


संस्कृति-सर्यवृत्त


मराठी- सूच्चफूला


फारसी - आफताब, गुले आफताब


अरबी- अक्ष्वान


बंगाली - सूरजमुखी



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1. कान के रोग में सूरजमुखी के बीज के फायदे (surajmukhi ke beej in hindi)




कान में यदि कीड़े पड़ गए हों तो सूरजमुखी के पत्ते के रस में थोड़ा सा त्रिकूट अर्थात सौंठ, कालीमिर्च, पीपल का बराबर मात्रा में चूर्ण मिलाकर गुनगुना करके इसके दो बूंद कान में डालने से कान के कीड़े मर जाते हैं । कान के दर्द होने पर इसके पत्ते का स्वरस का प्रयोग किया का सकता है ।



2. पेट दर्द में सूरजमुखी के फायदे (sunflower in hindi)




बच्चों के पेट दर्द में सूरजमुखी के फूल के रस की 10 बूंद दूध में मिलाकर पिलाने से पेट दर्द ठीक हो जाता है ।




Surajmukhi ka paudha, surajmukhi me phool
Surajmukhi ka paudha 




3. पेट साफ करने में सूरज मुखी के उपयोग( surajmukhi ke upyog)




सूरजमुखी के बीज का तेल एक बूंद नाभी पर लगाने से रेचन क्रिया होकर पेट साफ हो जाता है ।



4. गल गंड में सूरज मुखी के लाभ (surajmukhi ke labh)




सूरजमुखी की जड़ तथा लहसुन दोनों को पीस कर इसकी टिकिया बना लें, इस टिकिया को गले पर बांधने से  गलगण्ड फूट कर बहकर साफ हो जाता है परन्तु इसमें दर्द काफी होता है।



5. अर्श ( बवासीर) में सूरज मुखी के बीज के फायदे(surajmukhi ke beej in hindi)




सूरज मुखी के बीज का चूर्ण  की 3 ग्राम मात्रा में 3 ग्राम शक्कर मिलाकर प्रतेक दिन सुबह शाम खाने से वायु के कारण हुआ बवासीर नश्ट हो जाता है । लेकिन खाने में घी, खचडी और छाछ का ही प्रयोग करना है ।



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6. कृमि को नष्ट करने में सूरज मुखी के बीज के उपयोग (surajmukhi ke beej in hindi)




सूरजमुखी के बीज की 1 से 3 ग्राम मात्रा खाने से पेट में होने वाले केचुए और कृमि समाप्त हो जाते हैं ।



इसके बीजों का चूर्ण 2 से 3 ग्राम शक्कर मिलाकर दिन में दो बार दो दिन तक देते हैं, और तीसरे दिन अरंडी का तेल का विरेचन देते है, इससे कृमि बाहर निकाल जाते हैं ।



7. ज्वर में सूरज मुखी के पत्ते व जड़ के फायदे ( surajmukhi ke patte evam jad ke fayde )




सूरजमुखी की जड़( surajmukhi ki jad) का कवाथ बीस मिलीग्राम बनाकर, इसको सुबह शाम देने से हल्का ज्वर हट जाता है ।



सूरजमुखी के पत्ते( surajmukhi ke patte) और कालीमिर्च बराबर मात्रा में मिलाकर गोलियां बना लें । इन गोलियों में से एक एक गोली तीन दिन तक सुबह दोपहर और शाम खिलाने से शीत ज्वर समाप्त हो जाता है ।



सूरजमुखी के पत्ते (surajmukhi ke patte) का क्वाथ की लगभग 60 ग्राम मात्रा  दिन में दो बार पिलाने से  पेरा टायफाईड ज्वर उतार जाता है ।



8. सूजन में उपयोग ( sujan men surajmukhi ke beej in hindi )




फोड़े के ऊपर सूरजमुखी के पत्ते बांधने से फोड़े की सूजन बिखर जाती है । घाव को सूरजमुखी के पत्ते के क्वाथ से धोने से फायदा होता है । सूरजमुखी की पत्तियों (surajmukhi ki patti) को पीस कर लेप करने से फोड़ा फूट कर पानी निकाल जाता है तथा सूजन कम हो जाती है ।




सूरज मुखी के फूल,
सूरजमुखी का फूल




9. सूरज मुखी के अन्य  फायदे ( sunflower in Hindi )




  • सूरजमुखी के बीज ( suraj mukhi k beej) 15 ग्राम पीस कर पिलाने से सब प्रकार के विष उतर जाते हैं ।



  • इसके बीजों को अंकुरित कर खाने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नियमित होती है ।



  • इसके बीज को बारीक पीस कर बांसी पानी के साथ पीने से मूत्र का संक्रमण समाप्त होता है ।



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विशेष




सूरज मुखी का पौधा रोग उत्पन्न करने वाली दुर्गन्ध युक्त वायु का शोषण करने की छमता रखता है । पृथ्वी से को जहर की तरह भाप उड़कर संक्रामक मलेरिया बुखार के रूप में सब जगह फैलता है, उस विष रूपी मलेरिया वाली भाप को सोकता है । इसके पौधे से हवा शुद्ध होती है एवम् मलेरिया ज्वर, संधि वात और आद्रता से पैदा होने वाले बीमारियों को समाप्त करता है । इस लेख में आपको सूरजमुखी के बीज ( surajmukhi ke beej in hindi) के फायदे के बारे में बताया गया है । आशा करते हैं आप को यह लेख अवश्य पसंद आया होगा ।

धन्यवाद ।

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